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Firozabad News: बिल नहीं भरने पर काटी आईटीएमएस की लाइट, ट्रैफिक व्यवस्था पटरी से उतरी
Mon, 02 Sep 2024 11:25 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 02 Sep 2024 11:25 PM IST
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फिरोजाबाद। बिजली का बिल न भरने के कारण ट्रैफिक व्यवस्था की रीढ़ इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) की लाइट विद्युत निगम ने काट दी। बीते 36 घंटे शहर के पांच प्रमुख चौराहों पर यातायात सिग्नल बंद रहे। सिस्टम की लाइटें बंद का असर शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था पर भी पड़ा। हालांकि कार्यदायी संस्था ने सोमवार देर शाम तक सिस्टम सुचारू होने का दावा किया। राज्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत सुहागनगरी में लगभग 33 करोड़ की लागत वाले आईटीएमएस की स्थापना की गई है। बिजली चलित आईटीएमएस की देखरेख व रखरखाव का जिम्मा मैसर्स टैक्नोसिस को दिया गया है। फरवरी 2022 आईटीएमएस की देखरेख का जिम्मा संभाल रहीं कंपनी ने विद्युत निगम से शहर में 22 स्थानों पर कनेक्शन लिए हैं। इन्हीं के सहारे सिस्टम संचालित किए जा रहे हैं। बीते शुक्रवार-शनिवार की शाम से सुहागनगर, कोटला चुंगी, क्लब चौराहा और गांधी पार्क, ककरऊ कोठी पर सिस्टम की लाइटें अचानक बंद हो गईं। शहर में यातायात व्यवस्था की रीढ़ आईटीएमएस की लाइटें अचानक बंद होने से ट्रैफिक व्यवस्था गड़बड़ा गई।
वहीं सिस्टम के जरिए होने वाली वाहनों के चालान की कार्रवाई पर भी विपरीत असर पड़ा। ट्रैफिक लाइटों की बत्ती गुल होने की वजह से यातायात पुलिस को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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कार्यदायी संस्था को 18 माह से नहीं हुआ मानदेय का भुगतान
निगम सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2022 से आईटीएमएस का जिम्मा संभाल रही मैसर्स टैक्नोसिस कंपनी को बीते 18 माह से रखरखाव शुल्क का भुगतान नहीं किया गया है। जो लगभग तीन से चार करोड़ है। यही कारण है कि कंपनी को आईटीएमएस की मरम्मत में भी खासी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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ये चौराहे जुड़े हैं
कोटला चुंगी, क्लब चौराहा, जैन मंदिर, सुहागनगर, मीरा चौराहा, जाटवपुरी, नगला बरी, आसफाबाद, थाना रसूलपुर, बंबा बाईपास, सैलई चौराहा, रैपुरा रोड आदि।
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-संस्था द्वारा नियमानुसार बिजली बिल का भुगतान किया जाता है। तकनीकी कारणों से बिल अपडेट नहीं हुआ। इस कारण दो सेक्टर के पांच चौराहों पर करीब 5 सिस्टम की लाइट नहीं जलीं। निगम द्वारा बकाया मानदेय की कार्रवाई की जा रही है।अजीत कुमार सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर आईटीएमएस
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वहीं सिस्टम के जरिए होने वाली वाहनों के चालान की कार्रवाई पर भी विपरीत असर पड़ा। ट्रैफिक लाइटों की बत्ती गुल होने की वजह से यातायात पुलिस को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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कार्यदायी संस्था को 18 माह से नहीं हुआ मानदेय का भुगतान
निगम सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2022 से आईटीएमएस का जिम्मा संभाल रही मैसर्स टैक्नोसिस कंपनी को बीते 18 माह से रखरखाव शुल्क का भुगतान नहीं किया गया है। जो लगभग तीन से चार करोड़ है। यही कारण है कि कंपनी को आईटीएमएस की मरम्मत में भी खासी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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ये चौराहे जुड़े हैं
कोटला चुंगी, क्लब चौराहा, जैन मंदिर, सुहागनगर, मीरा चौराहा, जाटवपुरी, नगला बरी, आसफाबाद, थाना रसूलपुर, बंबा बाईपास, सैलई चौराहा, रैपुरा रोड आदि।
-संस्था द्वारा नियमानुसार बिजली बिल का भुगतान किया जाता है। तकनीकी कारणों से बिल अपडेट नहीं हुआ। इस कारण दो सेक्टर के पांच चौराहों पर करीब 5 सिस्टम की लाइट नहीं जलीं। निगम द्वारा बकाया मानदेय की कार्रवाई की जा रही है।अजीत कुमार सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर आईटीएमएस