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इंटरनेट आधारित प्रणाली पर मिलेगा पारिवारिक योजना का लाभ

Sun, 29 Nov 2015 07:20 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Sun, 29 Nov 2015 07:20 PM IST
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Internet-based system will benefit the family
परिवार के कमाऊ मुखिया की मौत के बाद मिलने वाले राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ के लिए पीड़ितों को समाज कल्याण विभाग का चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।  राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना अब इंटरनेट आधारित प्रणाली पर कार्य करेगी।
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योजना को पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने नई व्यवस्था लागू की है। इस व्यवस्था में लाभार्थी को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जांच प्रक्रिया भी आनलाइन पूरी होगी। साथ ही उसकी मंजूरी भी इसी प्रकार होगी। अभी तक की व्यवस्था में परिवार के कमाऊ मुखिया की मौत के बाद योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन पत्र भरना पड़ता था। यह एक जटिल प्रक्रिया थी। योजना में प्रति लाभार्थी को 30 हजार  रुपये प्रदान करने का प्रावधान है। सामान्य तौर पर फीरोजाबाद जिले में प्रति वर्ष लगभग ढाई हजार लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलता है। नई व्यवस्था के क्रियान्वयन के लिए समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव ने प्रदेश के  मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है।
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इन्हें मिलता है योजना का लाभ
 लाभार्थी की पात्रता निर्धारित करने के लिए शासन ने विशेष शर्तें तय की हैं। इसके तहत यह लाभ उसी परिवार को मिलेगा, जिस परिवार के महिला अथवा पुरुष जीविकोपार्जक की मृत्यु 18 से 65 वर्ष की आयु में होगी। यह लाभ मृतक के  परिवार के ऐसे जीवित सदस्य को दिया जाएगा, जिसे स्थानीय जांच के बाद परिवार का मुखिया निर्धारित किया जाएगा। अविवाहित वयस्क की मृत्यु के मामले में परिवार शब्द के अंतर्गत अवयस्क भाई अथवा बहन शामिल होंगे। यदि कोई व्यक्ति झूठी अथवा गलत सूचना के आधार पर भुगतान प्राप्त कर लेता है तो उसकी वसूली की जिम्मेदारी भी स्वीकृत अधिकारी की होगी।
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लाभ प्रदान करने की समय सीमा निर्धारित
शासन ने योजना का लाभ समय से दिलाने के लिए समय सीमा निर्धारित कर रखी है। लाभार्थी का आवेदन पत्र सात दिन में जांच के लिए संबंधित तहसील को भेजना होगा। तहसील प्रशासन को जांच की प्रक्रिया 15 दिन में पूरी कर जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय को वापस भेजना सुनिश्चित करना होगा। इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी पात्र लाभार्थी को देय धनराशि का भुगतान अधिकतम एक सप्ताह में कर देंगे। योजना में शहरी क्षेत्र के लिए गरीबी  रेखा का निर्धारण 56,460 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 46,060 रुपये  किया गया है।
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