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संक्रामक रोग का बढ़ा खतरा, मेडिकल कॉलेज में नहीं बना डेंगू वार्ड
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शिकोहाबाद- अस्पताल परिसर में लगे वैक्सीनेशन सेंटर का निरीक्षण करते सीएमएस डॉ. आलोक कुमार।
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। बारिश के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। प्राइवेट अस्पतालों में मलेरिया के मरीज भी पहुंचने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरतने के लिए लोगों से अपील कर रहा है। विशेष तौर पर पखवाड़े की शुरुआत भी की है मगर स्वास्थ्य विभाग के खुद के इंतजाम नाकाफी है। जगह-जगह जलभराव होने से खतरा भी बढ़ गया है। बावजूद इसके भी मेडिकल कॉलेज में अभी तक अलग से डेंगू वार्ड नहीं बनाया जबकि संक्रामक रोगों से लड़ने के लिए शासन लगातार अलर्ट कर रहा है।
बारिश शुरू होने से पहले ही संक्रामक रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत जनपद में हो जाती है। इस बार भी होर्डिंग्स, बैनर लगाकर संक्रामक रोगों से लड़ने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अगर, इनके मरीज मिलते हैं तो स्वास्थ्य विभाग की कोई तैयारी नहीं है। हर साल 10 पलंग का डेंगू वार्ड अलग से बनाया जाता है। इसमें डेंगू की दवा की उपलब्धता से लेकर अन्य इंतजाम भी किए जाते हैं। बारिश शुरू हुए कई दिन बीत चुके हैं। डेंगू, मलेरिया का खतरा भी काफी बढ़ चुका है। मगर स्वास्थ्य विभाग की कोई सतर्कता नहीं दिख रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी
डेंगू वार्ड बनाने के आदेश देंगे। इसी सप्ताह में डेंगू वार्ड अलग से बनाया जाएगा। दवाओं की उपलब्धता भी पूरी रखने के निर्देश दिए हैं ताकि मरीज आने पर तुरंत इलाज मिल सके।
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डॉ. हंसराज सिंह, सीएमएस मेडिकल कॉलेज
बीमारी के लक्षण
डेंगू में तेज बुखार, मांसपेशियों एवं जोड़ों में अधिक दर्द, सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, दस्त और त्वचा पर लाल दाने निकलते हैं।
ऐसे करें बचाव
घर के आसपास पानी न जमा होने दें। घरों की खिड़कियों और रोशनदानों पर जाली लगवाएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। पूरी आस्तीन की कमीज पहनें। जलभराव में दवा का छिड़काव कराएं। कूलर के पानी को भी समय-समय पर बदलते रहे।
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बारिश शुरू होने से पहले ही संक्रामक रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत जनपद में हो जाती है। इस बार भी होर्डिंग्स, बैनर लगाकर संक्रामक रोगों से लड़ने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अगर, इनके मरीज मिलते हैं तो स्वास्थ्य विभाग की कोई तैयारी नहीं है। हर साल 10 पलंग का डेंगू वार्ड अलग से बनाया जाता है। इसमें डेंगू की दवा की उपलब्धता से लेकर अन्य इंतजाम भी किए जाते हैं। बारिश शुरू हुए कई दिन बीत चुके हैं। डेंगू, मलेरिया का खतरा भी काफी बढ़ चुका है। मगर स्वास्थ्य विभाग की कोई सतर्कता नहीं दिख रही है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
डेंगू वार्ड बनाने के आदेश देंगे। इसी सप्ताह में डेंगू वार्ड अलग से बनाया जाएगा। दवाओं की उपलब्धता भी पूरी रखने के निर्देश दिए हैं ताकि मरीज आने पर तुरंत इलाज मिल सके।
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डॉ. हंसराज सिंह, सीएमएस मेडिकल कॉलेज
बीमारी के लक्षण
डेंगू में तेज बुखार, मांसपेशियों एवं जोड़ों में अधिक दर्द, सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, दस्त और त्वचा पर लाल दाने निकलते हैं।
ऐसे करें बचाव
घर के आसपास पानी न जमा होने दें। घरों की खिड़कियों और रोशनदानों पर जाली लगवाएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। पूरी आस्तीन की कमीज पहनें। जलभराव में दवा का छिड़काव कराएं। कूलर के पानी को भी समय-समय पर बदलते रहे।