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दुष्कर्म के मामले में एक आरोपी को दस वर्ष की सजा
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Tue, 14 Feb 2017 11:42 PM IST
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किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में अपर जिला जज मीता सिंह ने एक आरोपी को दोषी पाते हुए दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई। आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले में आरोपी के भाई को साक्ष्य और गवाहों के अभाव में बरी कर दिया गया। पीड़ित किशोरी के पिता ने लाइनपार थाना पुलिस को तहरीर देकर कहा कि बुलंदशहर के थाना छतारी के गांव दीवला खेड़ा अतरौली पुष्पेंद्र उर्फ बादल का उसके घर पर आना-जाना था। पुष्पेंद्र कोयला की ठेकेदारी करता था। 25 अगस्त 2014 को पुष्पेंद्र उसके घर आया। खाना खाने के बाद सभी लोग सो गए। पिता ने बताया कि रात करीब तीन बजे आंख खुली तो देखा कि उसकी पुत्री घर पर नहीं थी। खोजबीन के बाद जानकारी हुई कि पुष्पेंद्र उसकी पुत्री को अपने साथ ले गया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर पुष्पेंद्र के खिलाफ किशोरी को बहला फुसलाकर अगवा करने का मुकदमा पुष्पेंद्र और उसके भाई ओमकार के खिलाफ दर्ज कर लिया। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर उसका मेडिकल कराया। मेडिकल में किशोरी के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हो गई। जांच कर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रघुराज सिंह यादव ने आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य और गवाह पेश किए। साक्ष्य और गवाहों के बयान पर अपर जिला जज मीता सिंह ने आरोपी पुष्पेंद्र को दोषी पाते हुए दस वर्ष की सजा सुनाई और ओमकार को साक्ष्य और गवाहों के अभाव में बरी कर दिया। न्यायालय ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
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