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Firozabad News: अमेरिका का 500 फीसदी टैरिफ हुआ लागू तो कांच हस्तशिल्प कारोबार होगा प्रभावित

Sat, 10 Jan 2026 12:10 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Sat, 10 Jan 2026 12:10 AM IST
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If America's 500% tariff is implemented, the glass handicraft business will be affected.
निर्यात योग्य कांच आइटम। संवाद - फोटो : निर्यात योग्य कांच आइटम। संवाद
फिरोजाबाद। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगर 500 फीसदी टैरिफ का नियम लागू कर दिया तो सालाना 2500 करोड़ के टर्नओवर वाले जिले के कांच हस्तशिल्प पर भारी मार पड़ेगी। उद्यमियों और निर्यातकों का कहना है कि अकेले अमेरिका से सालाना 1500 करोड़ का कारोबार होता है, जो कि पहले ही 50 फीसदी टैरिफ की मार के कारण प्रभावित है। अगर, 500 फीसदी टैरिफ लागू हो गया था यह कारोबार बंदी की कगार पर आ जाएगा। उद्यमियों का कहना है कि वह इससे बचने को दुनिया के अन्य बाजार भी अपने माल की बिक्री को तलाश रहे हैं।
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उद्यमियों का कहना है कि 500 फीसदी टैरिफ के बाद अमेरिकी बाजारों में फिरोजाबाद का माल इतना महंगा हो जाएगा कि उसे कोई खरीदार नहीं मिलेगा। यह संकट केवल फैक्टरी मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि सीधे तौर पर 10 हजार से अधिक कामगारों को प्रभावित करेगा, जो कि इस कारोबार से जुड़े हैं। निर्यातकों का कहना है कि अगर ऑर्डर बंद हुए, तो शहर की लगभग 100 निर्यात इकाइयों पर ताला लटक जाएगा। इसका सीधा असर पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन और कच्चा माल सप्लाई करने वाले छोटे कारोबारियों पर भी पड़ेगा।
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उद्यमियों की जुबानी, टूट जाएगी उद्योग की रीढ़

कांच निर्यातक राजीव दीक्षित एवं सरवन राठी का कहना है कि 500 फीसदी टैरिफ हस्तशिल्प कारोबार को बर्बाद कर देगा। अमेरिकी बाजारों में हमारे माल की बिक्री अब नामुमकिन हो जाएगी। सरकार को सब्सिडी युक्त योजनाओं के जरिए नए बाजारों की तलाश में हमारी मदद करनी चाहिए।
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विदेशी आयात पर टैरिफ भले ही अमेरिका की अपनी नीति हो, लेकिन यह श्रम आधारित उद्योग की रीढ़ तोड़ देगा। कांच और चूड़ी वाले शहर की रौनक खत्म होने का डर है।


- सरवर हुसैन, सचिव (ग्लास एक्सपोर्ट एसोसिएशन)


उद्यमियों की सरकार से गुहार

शहर के उद्यमियों ने सरकार से गुहार लगाई है कि इस संकट से निपटने के लिए विशेष पैकेज या वैकल्पिक देशों (जैसे यूरोप या खाड़ी देश) में बाजार तलाशने के लिए सब्सिडी दी जाए। यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो ग्लास हब के रूप में विख्यात इस शहर की पहचान मिट सकती है।

कांच हस्तशिल्प कारोबार एक नजर में-
निर्यात योग्य हस्तशिल्प आइटम निर्माण इकाई -- 100
कांच हस्तशिल्पी व निर्यात इकाइयों में श्रमिक -- 10000
50 प्रतिशत टैरिफ के बाद निर्यात में आई कमी -- 40 प्रतिशत
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