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एनएचटू पर सर्वाधिक 49 प्रतिशत हादसे, सड़क किनारे खडे वाहन और जर्जर रास्ते कारण
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मीरा चौराहा स्थित हाईवे पर खुदा पड़ा मुख्य मार्ग
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। एनएच-टू (राष्ट्रीय राजमार्ग-दो) पर सर्वाधिक हादसे हो रहे हैं। यातायात माह में परिवहन विभाग की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार तीन माह में 49 प्रतिशत हादसे एनएच-टू पर हुए हैं। इसका मुख्य कारण हाईवे किनारे वाहनों का खड़ा होना, हाईवे पर गड्ढे और वाहन ओवरटेक के लिए संकेतकों का न होना है। हाईवे से जुडे़ संपर्क मार्गों पर हादसों का आंकड़ा 43 प्रतिशत है, जबकि एक्सप्रेसवे पर मात्र सात प्रतिशत हादसे हुए हैं।
परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार नेशनल हाईवे और उससे जुड़े संपर्क रास्तों पर 53 प्रतिशत ऐसे लोग हादसों का शिकार हुए हैं, जो सड़क पर या तो पैदल जा रहे थे या फिर सुबह के समय मॉर्निंग वॉक के लिए। इसका प्रमुख कारण है कि नेशनल हाईवे पर पैदल चलने वालों के लिए रास्ता न होने के साथ ही हाईवे का जर्जर होना भी है। नेशनल हाईवे पर अधिकांश स्थानों पर वाहनों को ओवरटेक करने के लिए सफेद लेन तक नहीं है। रात के समय अक्सर वाहनों को ओवरटेक करते समय हादसा होते हैं।
जानकारी का अभाव भी बन रहा है हादसे का कारण
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि छोटे वाहन चालक और पैदल चलने वाले लोगों को यातायात नियमों की जानकारी का अभाव होता है। इसको लेकर सुहागनगरी में सर्वाधिक हादसे हो रहे हैं। एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार ने बताया कि तीन माह की जो रिपोर्ट आई है, उसमें सबसे अधिक हादसे नेशनल हाईवे पर हुए हैं। इसका प्रमुख कारण वाहनों को ओवरटेक करने के लिए सफेद लेन और पैदल चलने वाले लोगों के लिए रास्ता न होना है। हादसे रोकने को नियम तोड़ने पर लगातार चालान किए जा रहे हैं। वाहनों की स्पीड पर निगरानी के लिए चार स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
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चार बार आयोजित किया जाता है सड़क सुरक्षा सप्ताह
साल में चार बार सड़क सुरक्षा सप्ताह और एक बार यातायात माह आयोजित किया जाता है। इसके बाद भी हादसों में कमी नहीं है।
विभाग ने जनवरी से अब तक की कार्रवाई
- ओवर स्पीड में 12 हजार चालान
- हाईवे पर सड़क किनारे खडे़ 4000 वाहनों के चालान
- एक्सप्रेसवे पर लेन पर न चलने पर पांच हजार चालान
हाईवे की दशा सुधारी जाए
टूंडला से लेकर शिकोहाबाद तक हाईवे की स्थिति जर्जर है। टोल टैक्स बढ़ा या जा रहा है, लेकिन हाईवे के गड्ढे नहीं भरे जा रहे। इससे हादसे हो रहे हैं।
नरेंद्र शर्मा, व्यापार मंडल जिला महामंत्री
लोगों को भी होना पडे़गा जागरूक
हादसों के प्रति लोगों को भी जागरूक होना पडे़गा। वाहनों की स्पीड इतनी न रखें कि वाहन अनियंत्रित हो जाए। हाईवे किनारे बनी वाहनों की अवैध पार्किंग हटाने की जरूरत है।
पंकज अग्रवाल, चूड़ी व्यापारी
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परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार नेशनल हाईवे और उससे जुड़े संपर्क रास्तों पर 53 प्रतिशत ऐसे लोग हादसों का शिकार हुए हैं, जो सड़क पर या तो पैदल जा रहे थे या फिर सुबह के समय मॉर्निंग वॉक के लिए। इसका प्रमुख कारण है कि नेशनल हाईवे पर पैदल चलने वालों के लिए रास्ता न होने के साथ ही हाईवे का जर्जर होना भी है। नेशनल हाईवे पर अधिकांश स्थानों पर वाहनों को ओवरटेक करने के लिए सफेद लेन तक नहीं है। रात के समय अक्सर वाहनों को ओवरटेक करते समय हादसा होते हैं।
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जानकारी का अभाव भी बन रहा है हादसे का कारण
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि छोटे वाहन चालक और पैदल चलने वाले लोगों को यातायात नियमों की जानकारी का अभाव होता है। इसको लेकर सुहागनगरी में सर्वाधिक हादसे हो रहे हैं। एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार ने बताया कि तीन माह की जो रिपोर्ट आई है, उसमें सबसे अधिक हादसे नेशनल हाईवे पर हुए हैं। इसका प्रमुख कारण वाहनों को ओवरटेक करने के लिए सफेद लेन और पैदल चलने वाले लोगों के लिए रास्ता न होना है। हादसे रोकने को नियम तोड़ने पर लगातार चालान किए जा रहे हैं। वाहनों की स्पीड पर निगरानी के लिए चार स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
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चार बार आयोजित किया जाता है सड़क सुरक्षा सप्ताह
साल में चार बार सड़क सुरक्षा सप्ताह और एक बार यातायात माह आयोजित किया जाता है। इसके बाद भी हादसों में कमी नहीं है।
विभाग ने जनवरी से अब तक की कार्रवाई
- ओवर स्पीड में 12 हजार चालान
- हाईवे पर सड़क किनारे खडे़ 4000 वाहनों के चालान
- एक्सप्रेसवे पर लेन पर न चलने पर पांच हजार चालान
हाईवे की दशा सुधारी जाए
टूंडला से लेकर शिकोहाबाद तक हाईवे की स्थिति जर्जर है। टोल टैक्स बढ़ा या जा रहा है, लेकिन हाईवे के गड्ढे नहीं भरे जा रहे। इससे हादसे हो रहे हैं।
नरेंद्र शर्मा, व्यापार मंडल जिला महामंत्री
लोगों को भी होना पडे़गा जागरूक
हादसों के प्रति लोगों को भी जागरूक होना पडे़गा। वाहनों की स्पीड इतनी न रखें कि वाहन अनियंत्रित हो जाए। हाईवे किनारे बनी वाहनों की अवैध पार्किंग हटाने की जरूरत है।
पंकज अग्रवाल, चूड़ी व्यापारी