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जिले की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका लिखेंगी डॉ. संध्या
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जिले की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका लिखेंगी डॉ. संध्या
- इतिहास का लेखन की अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग ने की पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग की ओर आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका का इतिहास लिखा जा रहा है। फिरोजाबाद जिले के इतिहास लेखन के लिए महात्मा गांधी बालिका डिग्री कॉलेज की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. संध्या द्विवेदी का चयन किया गया है।
प्रोफेसर डॉ. संध्या ने बताया कि जिले के महानायकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की विशिष्ट भूमिका का उल्लेख करते हुए इतिहास लेखन का कार्य कराने का निर्णय अयोध्या शोध संस्थान की ओर से लिया गया है। जिले के सामान्य भौगोलिक एतिहासिक, सांस्कृतिक परिचय के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में जिले की भूमिका को प्रमुखता से स्थान दिया जाना है। संस्थान की ओर से डॉ. संध्या द्विवेदी को इस कार्य के लिए 20 हजार, सहयोगी सर्वेक्षकों व शोधकर्ताओं के लिए 30 हजार रुपये दिए जाएंगे। पुस्तक तैयार कराने आदि कार्यों के लिए 25 हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। डॉ. संध्या ने बताया कि प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में तो लोग जानते हैं। मगर, हमारे जनपद के स्वतंत्रता सेनानियों की क्या भूमिका रही, इसे भी जानना जरूरी है। इससे लोगों में देश प्रेम का भाव जागृत होगा।
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- इतिहास का लेखन की अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग ने की पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग की ओर आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका का इतिहास लिखा जा रहा है। फिरोजाबाद जिले के इतिहास लेखन के लिए महात्मा गांधी बालिका डिग्री कॉलेज की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. संध्या द्विवेदी का चयन किया गया है।
प्रोफेसर डॉ. संध्या ने बताया कि जिले के महानायकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की विशिष्ट भूमिका का उल्लेख करते हुए इतिहास लेखन का कार्य कराने का निर्णय अयोध्या शोध संस्थान की ओर से लिया गया है। जिले के सामान्य भौगोलिक एतिहासिक, सांस्कृतिक परिचय के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में जिले की भूमिका को प्रमुखता से स्थान दिया जाना है। संस्थान की ओर से डॉ. संध्या द्विवेदी को इस कार्य के लिए 20 हजार, सहयोगी सर्वेक्षकों व शोधकर्ताओं के लिए 30 हजार रुपये दिए जाएंगे। पुस्तक तैयार कराने आदि कार्यों के लिए 25 हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। डॉ. संध्या ने बताया कि प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में तो लोग जानते हैं। मगर, हमारे जनपद के स्वतंत्रता सेनानियों की क्या भूमिका रही, इसे भी जानना जरूरी है। इससे लोगों में देश प्रेम का भाव जागृत होगा।
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