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कच्ची नींव पर खड़ी की ऊंची-ऊंची इमारतें
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 04 May 2015 11:13 PM IST
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अब मल्टीस्टोरी निर्माण में मानकों की अनदेखी करना बिल्डरों को भारी पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने मानकों की अनदेखी कर मल्टीस्टोरी निर्माण करने पर सख्त रुख अपनाया है। मानक अधूरे होने पर उन्हें बिजली-पानी का कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। प्रदेश सरकार के नए फरमान से बिल्डिरों के होश उड़ गए हैं।
सुहागनगरी में मल्टीस्टोरी का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि हाइवे से लेकर शहर की पाश कालोनियों में ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी होती जा रही हैं। बिल्डर छोटे-छोटे भूखंड लेकर उनमें मल्टीस्टोरी बना रहे हैं। मानकों को ताक पर रखकर बनाई जाने वाली बहुमंजिला इमारतों के बिकने के बाद बिल्डर ध्यान भी नहीं देते। ऊंची कीमतों में फ्लैट खरीदने वालों के सामने सुरक्षा, बिजली, पानी सहित कई समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। बिल्डरों की मनमानी से आहत लोगोें ने कई बार सरकार और अधिकारियों से शिकायतें की हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं अब सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाई है। प्रदेश सरकार द्वारा निर्देश दिए हैं कि मल्टीस्टोरी के निर्माण में यदि मानकों की अनदेखी की जाती है, या निमय-कानून का पालन नहीं किया जाता है तो ऐसी स्थिति में बिजली-पानी का कनेक्शन नहीं दिया जाएगा।
डेेढ़ दर्जन से अधिक हैं मल्टीस्टोरी
सुहागनगरी में डेढ़ दर्जन से अधिक मल्टीस्टोरी का निर्माण चल रहा है, तो कई का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। उसायनी, राजा का ताल, नगला भाऊ, रहना, अलीनगर केंजरा, सुहाग नगर, जलेसर रोड, स्टेशन रोड, विभव नगर, जिला मुख्यालय से लेकर शिकोहाबाद तक बहुमंजिला इमारतों का निर्माण तेजी से चल रहा है।
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मल्टीस्टोरी के निर्माण सुरक्षा और भूकंपरोधी है या नहीं, इसको प्राथमिकता दी जाती है। जिन मल्टीस्टोरी का मानक के अनुसार नक्शा पास नहीं होता है, उन्हें पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है, इसके बाद भवन को सील करने या ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाती है। प्रदेश सरकार के नए आदेश के संबंध में अभी गाइड लाइन नहीं मिली है, लिखित में आदेश आने के बाद नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
डीसी तोमर, अधिशासी अभियंता विप्रा।
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सुहागनगरी में मल्टीस्टोरी का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि हाइवे से लेकर शहर की पाश कालोनियों में ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी होती जा रही हैं। बिल्डर छोटे-छोटे भूखंड लेकर उनमें मल्टीस्टोरी बना रहे हैं। मानकों को ताक पर रखकर बनाई जाने वाली बहुमंजिला इमारतों के बिकने के बाद बिल्डर ध्यान भी नहीं देते। ऊंची कीमतों में फ्लैट खरीदने वालों के सामने सुरक्षा, बिजली, पानी सहित कई समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। बिल्डरों की मनमानी से आहत लोगोें ने कई बार सरकार और अधिकारियों से शिकायतें की हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं अब सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाई है। प्रदेश सरकार द्वारा निर्देश दिए हैं कि मल्टीस्टोरी के निर्माण में यदि मानकों की अनदेखी की जाती है, या निमय-कानून का पालन नहीं किया जाता है तो ऐसी स्थिति में बिजली-पानी का कनेक्शन नहीं दिया जाएगा।
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डेेढ़ दर्जन से अधिक हैं मल्टीस्टोरी
सुहागनगरी में डेढ़ दर्जन से अधिक मल्टीस्टोरी का निर्माण चल रहा है, तो कई का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। उसायनी, राजा का ताल, नगला भाऊ, रहना, अलीनगर केंजरा, सुहाग नगर, जलेसर रोड, स्टेशन रोड, विभव नगर, जिला मुख्यालय से लेकर शिकोहाबाद तक बहुमंजिला इमारतों का निर्माण तेजी से चल रहा है।
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मल्टीस्टोरी के निर्माण सुरक्षा और भूकंपरोधी है या नहीं, इसको प्राथमिकता दी जाती है। जिन मल्टीस्टोरी का मानक के अनुसार नक्शा पास नहीं होता है, उन्हें पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है, इसके बाद भवन को सील करने या ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाती है। प्रदेश सरकार के नए आदेश के संबंध में अभी गाइड लाइन नहीं मिली है, लिखित में आदेश आने के बाद नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
डीसी तोमर, अधिशासी अभियंता विप्रा।