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हाईकोर्ट के आदेश से खफा शिक्षामित्रों ने दिया धरना

Mon, 14 Sep 2015 10:19 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Mon, 14 Sep 2015 10:19 PM IST
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High Court orders encompass the upset Shicshamitron
हाईकोर्ट के फैसले के बाद पूरे जनपद के शिक्षामित्र एकजुट हो गए। कई ब्लाकों के स्कूलों में तालाबंदी की गई तो कहीं स्कूलों में शिक्षामित्र काली पट्टी बांधकर पहुंचे। स्कूलों में शिक्षण कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। अन्य शिक्षकों ने भी शिक्षामित्रों का पूरी तरह समर्थन किया। दोपहर बाद शिक्षामित्रों ने मुख्यालय पर धरना दिया।
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प्राथमिक विद्यालय आर्यनगर बालक और कन्या में तीन शिक्षामित्र तैनात है। लेकिन सभी ने स्कूल न जाकर विरोध प्रदर्शन व्यक्त किया। वहीं, प्राथमिक विद्यालय कटरा कन्या में शिक्षामित्र काली पट्टी बांधकर स्कूल पहुंचे। टूंडला ब्लाक के कई स्कूलों में तालाबंदी की गई। एका ब्लाक में भी इसका असर दिखा। दोपहर बाद आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष श्रीओम यादव के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षामित्र एकत्रित हुए। उन्होंने कह कि इस जनहित विरोधी फैसले पर पुनर्विचार करने को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया है। पिछले 15 वर्षों से शिक्षामित्र 2200 से 3500 के अल्प मानदेय पर राष्ट्रहित में कार्य कर रहे थे। अब परिवार भुखमरी की कगार पर है। इस दौरान कपूर चंद्र, यशकेंद्र पाल सिंह, संजीव कुमार, राजपाल, सियाराम, कोमल सिंह, नवीन कुमार, सुम्मेर सिंह, रामनरेश, संगीता, बृजमोहन, बृजमोहन, फागुनी यादव आदि उपस्थित रहे।
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धर्मेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यह फैसला बहुत आहत करने वाला है। परिवार अब भुखमरी की कगार पर पहुंच गया  है। इसके लिए हम संघर्ष करें गे।

श्रीओम यादव ने कहा कि यह फैसला जनहित में नहीं है। 1.72 हजार परिवार संकट में आ गए हैं। पुर्नविचार करने की मांग करते हैं। आंदोलन भी किया जाएगा।

वंदना शर्मा ने कहा कि परिवार बहुत बड़ा है। लेकिन कमाई का साधन नहीं है। समायोजन होने से नई उम्मीद जागी थी। लेकिन अब उजड़ा उजड़ा लगर हा है।

सपना ने कहा कि डिप्रेशन इतना है कि इसे भुलना भी मुश्किल हो रहा है। लोग पीछे से आगे जाने की उम्मीद लगाते हैं। लेकिन यहां तो सबकुछ बिगड़ गया।





शिक्षामित्रों की बसी दुनिया में कहर बनकर टूटा फैसला
समस्याएं अलग-अलग, मगर सभी है दुख से आहत
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। शिक्षामित्र संकट की घड़ी से तीसरे दिन भी उबर नहीं सके  हैं। सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग का माहौल गमगीन नजर आया। मानों बसी हुई दुनिया पर हाईकोर्ट का फैसला कहर बनकर टूटा हो। शिक्षक, शिक्षामित्रों का हौसला बढ़ा रहे हैं। समस्याएं अलग-अलग हैं, मगर दुख से सभी आहत हैं।
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प्राथमिक विद्यालय कटोरी के तैनात सतेंद्र पुत्र विजय सिंह निवासी सबलपुर दबरई में चल रहे शिक्षामित्रों के आंदोलन में बेहोश हो गए। शिक्षामित्र आनन-फानन में उन्हें ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। वहीं, नगला बरी निवासी शिक्षामित्र वासिफ अली शनिवार देर रात बकरी को चारा खिलाने के लिए उठे। अचानक ही एकांत में बने कमरे का गेट लगा लिया। परिवारीजनों ने खोजा तो उनका कोई सुराग नहीं मिला। बाद में वासिफ अली को कमरे का गेट तोड़कर निकाला गया ढंाढस बंधाया गया। शिक्षामित्र जाकिर अली चिंता है कि अब उनके बच्चे कैसे पढ़ेंगे? नगर क्षेत्र में तैनात एक शिक्षामित्र ने कहा कि समायोजन के समय हस्ताक्षर कराने के नाम पर रुपये मांगे। लगा कि तनख्वाह बढ़ेगी तो उस समय ब्याज पर कर्ज लेकर वो रुपये जमा कर दिए। अब कर्ज चुकाने की चिंता है।


कर्ज लेकर किया था खुशी का इजहार
एक महिला शिक्षामित्र ने कहा कि घर में कमाने वाला कोई नहीं है। वहीं आर्थिक हालात ठीक नहीं है । जब समायोजन हुआ तो एक उम्मीद जागी थी और बेहद खुशी थी। नियुक्ति पत्र आने के बाद उधारी में रुपये लेकर मिठाई भी बांटी थी। नए सपने सजोये थे लेकिन अब सब कुछ बिगड़ गया।
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