{"_id":"571b76be4f1c1b742f8b491c","slug":"gatirodh-ke-baad-nyaayaalay-koshaagaar-mein-kaam-ne-pakadee-raphtaar","type":"story","status":"publish","title_hn":"गतिरोध के बाद न्यायालय-कोषागार में काम ने पकड़ी रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गतिरोध के बाद न्यायालय-कोषागार में काम ने पकड़ी रफ्तार
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sat, 23 Apr 2016 10:50 PM IST
विज्ञापन
विवाद समाप्त होने के बाद कोषागार कार्यालय में काम हुआ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अधिवक्ताओं एवं कोषागार कर्मचारियों का विवाद समाप्त होते ही शनिवार को न्यायालय में कामकाज तेजी से निपटाया गया। तहसीलों में बैनामा के साथ न्यायालय का कामकाज चलता रहा।
अधिवक्ताओं और कोषागार कर्मचारियों के बीच 16 अप्रैल को ज्ञापन देने के दौरान विवाद हो गया था। विवाद के ही बाद अधिवक्ताओं के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने पर अधिवक्ताओं ने कामकाज ठप कर दिया था। इसके कारण पिछले कई दिनों से वादकारी जनपद न्यायालय से बैरंग लौट रहे थे। तहसीलों में बैनामा (रजिस्ट्री) का काम रुक गया था। शुक्रवार शाम जिला जज श्रीकृष्ण सिंह एवं डीएम निधि केसरवानी की पहल पर कई दिनों से चल रहा विवाद समाप्त हो गया। विवाद के समाप्त होने के साथ शनिवार को जनपद न्यायालय में कार्य काफी तेजी से चला। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्म सिंह यादव एडवोकेट ने कहा शुक्रवार शाम विवाद समाप्त होने के साथ न्यायालय के साथ सभी तहसीलों में कार्य सुचारू रूप से हुआ। उन्होंने कहा कि तहसीलों में भी बैनामा के काम प्रारंभ हो गए।
दस दिन के बाद कोषागार में शुरू हो सका कामकाज
कोषागार कार्यालय में 13 अप्रैल तक कामकाज हुआ। इसके बाद दो दिन का अवकाश और 16 अप्रैल को अधिवक्ताओं एवं कोषागार कर्मचारियों के बीच विवाद होने के कारण कामकाज ठप हो गया। शनिवार को काम की शुरूआत हो सकी। वरिष्ठ कोषाधिकारी पुष्पराज सिंह तो खुद स्टांप जारी करते नजर आए। वहीं स्टाफ रुके कार्य निपटाने में जुटा था। यहां काम का बोझ सुबह से नजर आया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिवक्ताओं और कोषागार कर्मचारियों के बीच 16 अप्रैल को ज्ञापन देने के दौरान विवाद हो गया था। विवाद के ही बाद अधिवक्ताओं के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने पर अधिवक्ताओं ने कामकाज ठप कर दिया था। इसके कारण पिछले कई दिनों से वादकारी जनपद न्यायालय से बैरंग लौट रहे थे। तहसीलों में बैनामा (रजिस्ट्री) का काम रुक गया था। शुक्रवार शाम जिला जज श्रीकृष्ण सिंह एवं डीएम निधि केसरवानी की पहल पर कई दिनों से चल रहा विवाद समाप्त हो गया। विवाद के समाप्त होने के साथ शनिवार को जनपद न्यायालय में कार्य काफी तेजी से चला। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्म सिंह यादव एडवोकेट ने कहा शुक्रवार शाम विवाद समाप्त होने के साथ न्यायालय के साथ सभी तहसीलों में कार्य सुचारू रूप से हुआ। उन्होंने कहा कि तहसीलों में भी बैनामा के काम प्रारंभ हो गए।
विज्ञापन
दस दिन के बाद कोषागार में शुरू हो सका कामकाज
कोषागार कार्यालय में 13 अप्रैल तक कामकाज हुआ। इसके बाद दो दिन का अवकाश और 16 अप्रैल को अधिवक्ताओं एवं कोषागार कर्मचारियों के बीच विवाद होने के कारण कामकाज ठप हो गया। शनिवार को काम की शुरूआत हो सकी। वरिष्ठ कोषाधिकारी पुष्पराज सिंह तो खुद स्टांप जारी करते नजर आए। वहीं स्टाफ रुके कार्य निपटाने में जुटा था। यहां काम का बोझ सुबह से नजर आया।
विज्ञापन