फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   For the treatment of illness, surrounded by the 'pandemic' of electricity

आए थे बीमारी की उपचार के लिए, बिजली की ‘महामारी’ से घिरे

Mon, 24 Apr 2017 11:22 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद Updated Mon, 24 Apr 2017 11:22 PM IST
विज्ञापन
For the treatment of illness, surrounded by the 'pandemic' of electricity
जिला अस्‍पताल में पंखे तक की व्यवस्‍था नहीं है।
भीषण गर्मी में बिजली कटौती जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों पर भी भारी पड़ रही है। बिजली कटौती के दौरान मरीज गर्मी से व्याकुल हो कर बरामदे में पहुंच जा रहे हैं। वहीं, जो बाहर नहीं आ सकते उनके तीमारदार पंखा झलकर उन्हें राहत पहुंचा रहे हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में बीमारी का उपचार कराने आते हैं लेकिन यहां बिजली ‘महामारी’ बनी हुई है। वार्ड में इनवर्टर से सिर्फ ट्यूब लाइट और बल्ब जलाए जाते हैं। इस दौरान सभी पंखे बंद रहते हैं। इससे मरीज परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन

अस्पताल में इनवर्टर है लेकिन इसका कनेक्शन सिर्फ डाक्टरों और स्टाफ के कमरों में रहता है। इसलिए बिजली जाने के बाद उनके कमरे के पंखे चलते रहते हैं। इससे वे कर्मचारियों पर जेनरेटर चलाने का दबाव नहीं बनाते। वहीं, अस्पताल में भर्ती मरीज केवल बिजली और जेनरेटर पर निर्भर हैं। 40 बेड के वार्ड में मात्र एक-एक कूलर का इंतजाम है। वो भी शोपीस बने रहते हैं। कर्मचारी कूलरों में पानी नहीं भरते हैं। बिना पानी के कूलर चलाने पर गर्म हवा आती है तो मरीज इन कूलर से तौबा कर लेते हैं। दोपहर में वार्ड नंबर दो और तीन में पंखे बंद पडे़ हुए थे। मरीज गर्मी से बेहाल थे। तीमारदार हाथ वाले पंखे से हवा कर रहे थे, जबकि कुछ मरीजों के एक हाथ में ड्रिप लगी थी तो दूसरे हाथ में पंखा से हवा कर रहे थे।  उधर, सीएमएस डा. अजय अग्रवाल ने बताया कि बिजली जाने पर जेनरेटर चलवाते हैं। यदि देर तक पंखे बंद रहते हैं तो हम इसकी जानकारी करते हैं। स्वयं ही देखेंगे कि पंखे क्यों नहीं चले।
विज्ञापन


तीमारदार बोले, हमारी सुनने वाला कोई नहीं
बेंदीपुर से आई ललिता ने बताया कि उनके पति चार दिन से वार्ड में भर्ती हैं। लाइट अक्सर चली जाती है। पंखा नहीं चलता है। गर्मी के कारण यहां मरीज और भी बीमार हो सकता है। गरीब मरीजों की तो कोई सुनने वाला नहीं है। निहाल सिंह ने बताया कि रोज बिजली चली जाती है। हाथ के पंखे से हवा करनी पड़ती है। परेशानी बहुत होती है। तबियत इतनी खराब है कि बाहर उठ कर नहीं जा सकते। नफीज ने कहा कि सांस की बीमारी है। बिजली चली गई, हाथ का पंखा नहीं है। सांस के मरीजों को और भी दिक्कत होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

समय से पहले चला जाते हैं डाक्टर और स्टाफ
फिरोजाबाद। जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं हावी हैं। ओपीडी बंद होने का समय दोपहर दो बजे का है लेकिन ओपीडी डेढ़ ही बंद हो जाती है। समय से पहले ही डाक्टर और स्टाफ गायब हो जाते हैं। जिला अस्पताल में बना एनसीडी क्लीनिक में डेढ़ बजे न कोई चिकित्सक था, न ही कोई अन्य स्टाफ। सीएमएस डा. अजय अग्रवाल का कहना है कि ओपीडी जल्द बंद होने की हमें जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो हम नोटिस देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed