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वार्डन की पिटाई से दहशत में आयी छात्रा स्कूल से भागी -

Wed, 23 Nov 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे फीराेजाबाद
अमर उजाला ब्यूूराे फीराेजाबाद Updated Wed, 23 Nov 2016 12:08 AM IST
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Fled in panic from the school student was beaten by wardens
मंगलवार को सुबह सात बजे एका केजीवी से एक छात्रा वार्डन की पिटाई से इतनी दहशत में आयी कि स्कूल छोड़कर भाग गई। - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूराे
मंगलवार को सुबह सात बजे एका केजीवी से एक छात्रा वार्डन की पिटाई से इतनी दहशत में आयी कि स्कूल छोड़कर भाग गई। डरी और सहमी छात्रा परचून दुकान स्वामी से लिपटकर फकक-फकक कर रोती रही। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं की देखभाल एवं सुरक्षा इंतजाम नाकाफी हैं। गरीब अभिभावक जहां अपने लाडलियों की अच्छी शिक्षा एवं देखरेख के लिए आवासीय विद्यालयों में भेजते हैं। वहां छात्रा के उत्पीड़न का मामला प्रकाश में आया तो सुरक्षा इंतजामों की पोल खुल गई।  
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एका कस्तूरबा गांधी विद्यालय में छात्रा अर्चना पुत्री सतीश कुमार कक्षा छठवीं की छात्रा है। अब स्कूल से सुबह से अचानक गायब हो गई। वह सविता नगर के पास परचून व्यवसायी से लिपट कर रोने लगी। जब ग्रामीणों ने छात्रा से पूछा तो बताया कि स्कूल की वार्डन मारती हैं, वह वहां नहीं रहना चाहती हैं। इधर, छात्रा के गायब होने की खबर से विद्यालय स्टाफ में हडकंप मचा रहा। करीब एक घंटे बाद स्कूल का स्टाफ तलाशते हुए छात्रा के पास पहुंच गया। इसके बाद छात्रा के मामा को बुलाकार सुपुर्द कर दिया गया। इस बीच वार्डन भी यहां आ गई थी। वार्डन को देखते ही छात्रा फिर दहशत में आ गई। उसने कहा कि वह अब स्कूल नहीं जाएगी। लोगों ने कहा कि स्कूल में बच्चों की पिटाई पर रोक है इसके बाद भी वार्डन का यह व्यवहार सोचनीय है। वार्डन अंजना यादव का कहना है कि छात्रा के माता-पिता नहीं है। वह चंचल है। यह छात्रा एक बार और गायब हो चुकी है। जब से एडमिशन हुआ है तब से छात्रा नहीं रहना चाहती है।
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सुरक्षा को होमगार्ड रहते हैं तैनात
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में सुरक्षा के लिए होमगार्ड की ड्यूटी लगाई जाती है। आठ-आठ घंटे के लिए तीन महिला होमगार्ड की ड्यूटी लगती है। रात्रि को पुलिस तैनात रहती है। एक चौकीदार भी तैनात है।
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जांच कराएंगे, आखिर क्या है मामला?
चौकीदार ही व्यवस्था संभालता है। आखिर छात्रा कैसे स्कूल से निकल गई, वार्डन का व्यवहार किस तरह है। इन सभी बिंदुओं पर हम टूंडला एबीएसए से जांच कराएंगे।
सचिदानंद यादव, बीएसए
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