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Firozabad News: प्रजननकॉल के दौरान मत्स्य आखेट रहेगा प्रतिबंधित
Fri, 16 Jun 2023 06:41 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 16 Jun 2023 06:41 PM IST
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प्रजननकॉल के दौरान मत्स्य आखेट रहेगा प्रतिबंधित
डीएम ने जारी किया आदेश, कोई शिकार करता मिला तो होगी सख्त कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जिले में अवैध मत्स्य पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मत्स्य संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रजननकाल में एक जून से 31 अगस्त तक नदियों में मत्स्य आखेट को प्रतिबंधित किया है।
डीएम डॉ. उज्जवल कुमार ने कहा है कि जिले में कहीं भी अवैध रूप से मछली का शिकार नहीं होगा। मछलियों का प्रजननकाल 15 जून से 30 जुलाई तक होता है। जिले में प्रवाहित होने वाली नदियों एवं नहरों में भी प्रजनन योग्य मछलियों का शिकार एक जून से 31 अगस्त तक प्रतिबंधित रहेगा। वहीं 15 जुलाई से 30 सितंबर तक की अवधि में फ्राई से फिंगरलिंग को पकड़ने एवं नष्ट करने या बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया है। पांच सेमी के छोटे जाल को तालाब, झील एवं नदियों में डालना एवं जल को प्रदूषित करने को भी अवैध घोषित किया है।
डेढ़ किग्रा से कम वजन की रोहू, नैन, कतला, करौंच, सी कार्प मछली पकड़ने एवं बेचने पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा है कि मत्स्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी इसे नियंत्रित करें। मत्स्य आखेट के लिए विभाग से लाइसेंस प्राप्त करने पर जोर देते हुए कहा है कि मत्स्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी नदियों के किनारे निरीक्षण करें। डीएम ने कहा है कि यह प्रतिबंध सभी जल प्रणालियों एवं मत्स्यआखेट से संबंधित व्यक्तियों, ठेकेदार एवं समितियों पर लागू होंगे। जिले में विदेशी थाई मांगुर एवं बिग हैड के क्रय विक्रय पर भी प्रतिबंध लगाया जाता है।
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डीएम ने जारी किया आदेश, कोई शिकार करता मिला तो होगी सख्त कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जिले में अवैध मत्स्य पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मत्स्य संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रजननकाल में एक जून से 31 अगस्त तक नदियों में मत्स्य आखेट को प्रतिबंधित किया है।
डीएम डॉ. उज्जवल कुमार ने कहा है कि जिले में कहीं भी अवैध रूप से मछली का शिकार नहीं होगा। मछलियों का प्रजननकाल 15 जून से 30 जुलाई तक होता है। जिले में प्रवाहित होने वाली नदियों एवं नहरों में भी प्रजनन योग्य मछलियों का शिकार एक जून से 31 अगस्त तक प्रतिबंधित रहेगा। वहीं 15 जुलाई से 30 सितंबर तक की अवधि में फ्राई से फिंगरलिंग को पकड़ने एवं नष्ट करने या बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया है। पांच सेमी के छोटे जाल को तालाब, झील एवं नदियों में डालना एवं जल को प्रदूषित करने को भी अवैध घोषित किया है।
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डेढ़ किग्रा से कम वजन की रोहू, नैन, कतला, करौंच, सी कार्प मछली पकड़ने एवं बेचने पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा है कि मत्स्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी इसे नियंत्रित करें। मत्स्य आखेट के लिए विभाग से लाइसेंस प्राप्त करने पर जोर देते हुए कहा है कि मत्स्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी नदियों के किनारे निरीक्षण करें। डीएम ने कहा है कि यह प्रतिबंध सभी जल प्रणालियों एवं मत्स्यआखेट से संबंधित व्यक्तियों, ठेकेदार एवं समितियों पर लागू होंगे। जिले में विदेशी थाई मांगुर एवं बिग हैड के क्रय विक्रय पर भी प्रतिबंध लगाया जाता है।
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