टूंडला। क्रांतिकारी सरदार ऊधम सिंह के शहादत दिवस पर शुक्रवार को उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आप और हम राष्ट्रीय भ्रष्टाचार अपराध मुक्ति संगठन के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित कर अमर शहीद के जीवन और उनके महान बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस बेदी ने कहा कि 31 जुलाई 1940 को लंदन की पेंटनविले जेल में सरदार ऊधम सिंह को फांसी दी गई थी। उन्होंने वर्ष 1919 में हुए भीषण जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए मार्च 1940 में कैक्सटन हॉल, लंदन में पंजाब के तत्कालीन पूर्व उपराज्यपाल माइकल ओ''''''''डायर को गोली मारी थी। बीएस बेदी ने वर्तमान स्थिति पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी, लेकिन आजाद भारत में सत्ता में बैठे लोगों को ऐसे महान सपूतों की शहादत से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने बताया कि संगठन पिछले दस वर्षों से सरदार ऊधम सिंह को भारत रत्न और शहीद का आधिकारिक दर्जा देने की मांग उठा रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन के स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस अवसर पर दीपक सलूजा, जसवीर यादव, भजन सिंह, सरदार इंदरपाल सिंह, देवेंद्र कुमार पाल, विशाल शर्मा एवं प्रिंस यादव उपस्थित रहे।