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Firozabad News: मंदी से उबारेगी नई निर्यात नीति, अमेरिकी टैरिफ से लड़ाई होगी आसान
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कांच आयटम।
फिरोजाबाद। अगले पांच वर्ष के लिए तैयार की गई नई निर्यात नीति के प्रस्ताव ने निर्यातकों के चेहरों पर खुशी ला दी है। ईपीसीएच के जरिये प्रदेश सरकार तक अपनी बात पहुंचाने वाले निर्यातकों का मानना है कि निर्यात नीति के तैयार ड्राफ्ट में दर्शाई सहूलियत मिलने पर अन्य देशों से कारोबारी प्रतिस्पर्धा आसान होगी। अमेरिकी टैरिफ के बाद उत्पन्न हालातों से निपटने में यह नीति मददगार साबित होगी।
प्रदेश में वर्ष 2025-2030 के लिए नवीन निर्यात नीति की का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। ईपीसीएच (एक्सपोर्ट प्रमोशन कॉउसिल ऑफ हैडीक्राफ्ट) के जरिये शहर के औद्योगिक संगठनों ने वर्तमान परिस्थितियों खास तौर पर अमेरिकी टैरिफ, रूस-यूक्रेन में अशांति से प्रभावित कांच कारोबार बचाने को जरूरी सुझाव प्रदेश सरकार की दरवाजे तक पहुंचाएं हैं। सुझावों में अरसे से ठंडे बस्ते में पड़ी अनुदानित योजनाओं को पुन: सुचारू करने की मांग प्रमुखता से रखी गई है। बीते मंगलवार को जारी प्रदेश में नई नीति के ड्राफ्ट पर शहर के कांच उद्यमियों ने संतोष जाहिर किया है। कांच उद्यमियों के अनुसार नई नीति की प्रस्तावना अगर लागू की गई तो कांच निर्यात कारोबार को दोहरा लाभ होगा। इससे अमेरिकी टैरिफ से जूझने में मदद एवं मंदी की मार से उबरना आसान होगा।
कई योजना में अनुदान का दायरा बढ़ने की उम्मीद-
मेला-प्रदर्शनी में स्थल उपादान-
वर्तमान में इस योजना के तहत देश विदेश में मेला प्रदर्शनी में प्रतिभाग पर निर्यातकों को 60 प्रतिशत अनुदान मिलता है।नई नीति में इसे बढ़ा कर 75 प्रतिशत प्रस्तावित किया गया है।
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गुणवत्ता नियंत्रण सहायता योजना-
इस योजना के तहत वर्तमान में कांच उद्यमियों व हस्शिल्पियों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।नई नीति में इसे भी बढ़ा कर कुल लागत पर 75 प्रतिशत अनुदान प्रस्तावित है।
गेट वे पोर्ट तक निर्यातित माल भाड़ा अनुदान योजना-
वर्तमान में अन्य देशों में निर्यातित माल को गेट वे पोर्ट तक पहुंचाने पर लगने वाले कुल भाडे पर निर्यातकों को वर्ष में 20 लाख तक अनुदान मिलता है। नई नीति में इस योजना के तहत निर्यातक 30 लाख रूपये तक अनुदान प्राप्त कर सकते हैं।
वायुयान भाड़ा मुक्तिकरण योजना-
इस योजना के तहत हवाई सेवा द्वारा विदेशों में कांच आयटम के नमूना(सैम्पिल) भेजने पर निर्यातकों को कुल खर्च का 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। नई व्यवस्था के तहत निर्यातक अब कुल खर्च का 30 प्रतिशत अनुदान ले सकेंगे।
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-2025 से 2030 तक की अवधि के लिये तैयार किये नये मसौदा में उल्लेखित सुविधाएं उत्साह जनक हैं।इससे विदेशी निर्यात में प्रतिस्पर्धा आसान होगी।मंदी की मार का बोझ भी कम होगा।
राजकुमार मित्तल अध्यक्ष ग्लास मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन
निरंतर प्रयास के चलते राज्य सरकारों नई योजनाओं की घोषणाएं वर्तमान कठिन दौर में आशा की किरण है।कांच निर्यातक संघ की ओर से प्रदेश सरकार व सहयोगी ईपीसीएच का आभारश्र
मुकेश बंसल टोनी अध्यक्ष कांच निर्यात एसोसिएशन
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प्रदेश में वर्ष 2025-2030 के लिए नवीन निर्यात नीति की का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। ईपीसीएच (एक्सपोर्ट प्रमोशन कॉउसिल ऑफ हैडीक्राफ्ट) के जरिये शहर के औद्योगिक संगठनों ने वर्तमान परिस्थितियों खास तौर पर अमेरिकी टैरिफ, रूस-यूक्रेन में अशांति से प्रभावित कांच कारोबार बचाने को जरूरी सुझाव प्रदेश सरकार की दरवाजे तक पहुंचाएं हैं। सुझावों में अरसे से ठंडे बस्ते में पड़ी अनुदानित योजनाओं को पुन: सुचारू करने की मांग प्रमुखता से रखी गई है। बीते मंगलवार को जारी प्रदेश में नई नीति के ड्राफ्ट पर शहर के कांच उद्यमियों ने संतोष जाहिर किया है। कांच उद्यमियों के अनुसार नई नीति की प्रस्तावना अगर लागू की गई तो कांच निर्यात कारोबार को दोहरा लाभ होगा। इससे अमेरिकी टैरिफ से जूझने में मदद एवं मंदी की मार से उबरना आसान होगा।
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कई योजना में अनुदान का दायरा बढ़ने की उम्मीद-
मेला-प्रदर्शनी में स्थल उपादान-
वर्तमान में इस योजना के तहत देश विदेश में मेला प्रदर्शनी में प्रतिभाग पर निर्यातकों को 60 प्रतिशत अनुदान मिलता है।नई नीति में इसे बढ़ा कर 75 प्रतिशत प्रस्तावित किया गया है।
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गुणवत्ता नियंत्रण सहायता योजना-
इस योजना के तहत वर्तमान में कांच उद्यमियों व हस्शिल्पियों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।नई नीति में इसे भी बढ़ा कर कुल लागत पर 75 प्रतिशत अनुदान प्रस्तावित है।
गेट वे पोर्ट तक निर्यातित माल भाड़ा अनुदान योजना-
वर्तमान में अन्य देशों में निर्यातित माल को गेट वे पोर्ट तक पहुंचाने पर लगने वाले कुल भाडे पर निर्यातकों को वर्ष में 20 लाख तक अनुदान मिलता है। नई नीति में इस योजना के तहत निर्यातक 30 लाख रूपये तक अनुदान प्राप्त कर सकते हैं।
वायुयान भाड़ा मुक्तिकरण योजना-
इस योजना के तहत हवाई सेवा द्वारा विदेशों में कांच आयटम के नमूना(सैम्पिल) भेजने पर निर्यातकों को कुल खर्च का 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। नई व्यवस्था के तहत निर्यातक अब कुल खर्च का 30 प्रतिशत अनुदान ले सकेंगे।
-2025 से 2030 तक की अवधि के लिये तैयार किये नये मसौदा में उल्लेखित सुविधाएं उत्साह जनक हैं।इससे विदेशी निर्यात में प्रतिस्पर्धा आसान होगी।मंदी की मार का बोझ भी कम होगा।
राजकुमार मित्तल अध्यक्ष ग्लास मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन
निरंतर प्रयास के चलते राज्य सरकारों नई योजनाओं की घोषणाएं वर्तमान कठिन दौर में आशा की किरण है।कांच निर्यातक संघ की ओर से प्रदेश सरकार व सहयोगी ईपीसीएच का आभारश्र
मुकेश बंसल टोनी अध्यक्ष कांच निर्यात एसोसिएशन