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Firozabad News: बंदर के हमले से भाई की गोद से गिरी 5 माह की मासूम, मौत
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फोटो08मृतक मासूम काव्या का फाइल फोटो। स्त्रोत: परिजन
- फोटो : Samvad
फिरोजाबाद। थाना दक्षिण क्षेत्र के गांव बासठ में बुधवार शाम भाई के हाथों में छत पर खेल रही छह माह की मासूम बच्ची बंदरों के हमले में 12 फीट नीचे आ गिरी। देर रात उपचार के दौरान बच्ची की मौत हो गई। बृहस्पतिवार सुबह गांव में शव रखकर परिजन, ग्रामीणों ने हंगामा किया। महिलाओं ने बंदरों को पकड़ने की मांग रखी गई। आनन-फानन पुलिस, नगर निगम और बंदर पकड़ने की टीम पहुंची और कई बंदरों को पकड़ा गया।
बुधवार शाम 5ः30 बजे गांव बासठ निवासी प्रमोद कुमार की पांच माह की पुत्री काव्या को उनका 8 वर्ष का बेटा कृष्णा उर्फ कन्हैया छत पर गोदी में खिला रहा था। तभी कन्हैया पर बंदरों ने हमला कर दिया। उसने दौड़ लगाई तो उसके हाथों से काव्या छूट गई, जो कि 12 फीट नीचे पक्के खड़ंजे पर गिर गई। सिर में गंभीर चोट आने के कारण परिजन उसे तत्काल ट्रॉमा सेंटर लेकर भागे, जहां से डॉक्टरों ने उसे आगरा रेफर कर दिया। वहां देर रात करीब 12 बजे आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। प्रमोद कुमार, जो टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करते हैं, के घर शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। मृतका दो भाइयों में सबसे छोटी बहन थी।
सड़क पर लेटीं महिलाएं, वाहनों की लगीं कतारें
बंदरों के कारण मासूम की मौत और क्षेत्र में लगातार बढ़ रही घटनाओं से नाराज ग्रामीण बृहस्पतिवार सुबह फतेहाबाद रोड पर उतर आए। आक्रोशित महिलाओं ने नगर निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क पर लेटकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों के हंगामे के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
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सूचना मिलते ही नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह और थाना दक्षिण प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से बंदरों को पकड़वाने के लिए प्रभावी अभियान चलाने का ठोस आश्वासन दिए जाने और काफी समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीण सड़क से हटे।
बंदर पकड़ने में लापरवाही, दहशत में लोग
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बंदरों का जमावड़ा और हिंसक हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कुछ दिनों पूर्व भी बंदरों के डर से एक महिला दो मंजिला मकान से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसने बाद में दम तोड़ दिया था। लोगों का कहना है कि नगर निगम को इस समस्या के संबंध में कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन बंदरों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
शोर मचाते हुए किया था सचेत, संभलता तब तक कर दिया हमला
पिता प्रमोद ने बताया कि कृष्णा जब छत पर बेटी के साथ खेल रहा था। उस वक्त बंदरों को देख नीचे गली में खेल रहे बच्चों ने शोर मचाकर उसे सचेत किया था। मगर, वह संभल पाता, इससे पहले ही बंदरों ने उस पर हमला कर दिया।
हंगामे को शांत कराते हुए बंदरों को पकड़ने के लिए टीम को बुलाया गया। बंदर भी पकड़वाए गए हैं। घटना दुखद हुई है।
- संतोष कुमार सिंह, सीओ सिटी
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बुधवार शाम 5ः30 बजे गांव बासठ निवासी प्रमोद कुमार की पांच माह की पुत्री काव्या को उनका 8 वर्ष का बेटा कृष्णा उर्फ कन्हैया छत पर गोदी में खिला रहा था। तभी कन्हैया पर बंदरों ने हमला कर दिया। उसने दौड़ लगाई तो उसके हाथों से काव्या छूट गई, जो कि 12 फीट नीचे पक्के खड़ंजे पर गिर गई। सिर में गंभीर चोट आने के कारण परिजन उसे तत्काल ट्रॉमा सेंटर लेकर भागे, जहां से डॉक्टरों ने उसे आगरा रेफर कर दिया। वहां देर रात करीब 12 बजे आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। प्रमोद कुमार, जो टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करते हैं, के घर शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। मृतका दो भाइयों में सबसे छोटी बहन थी।
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सड़क पर लेटीं महिलाएं, वाहनों की लगीं कतारें
बंदरों के कारण मासूम की मौत और क्षेत्र में लगातार बढ़ रही घटनाओं से नाराज ग्रामीण बृहस्पतिवार सुबह फतेहाबाद रोड पर उतर आए। आक्रोशित महिलाओं ने नगर निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क पर लेटकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों के हंगामे के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
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सूचना मिलते ही नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह और थाना दक्षिण प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से बंदरों को पकड़वाने के लिए प्रभावी अभियान चलाने का ठोस आश्वासन दिए जाने और काफी समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीण सड़क से हटे।
बंदर पकड़ने में लापरवाही, दहशत में लोग
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बंदरों का जमावड़ा और हिंसक हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कुछ दिनों पूर्व भी बंदरों के डर से एक महिला दो मंजिला मकान से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसने बाद में दम तोड़ दिया था। लोगों का कहना है कि नगर निगम को इस समस्या के संबंध में कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन बंदरों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
शोर मचाते हुए किया था सचेत, संभलता तब तक कर दिया हमला
पिता प्रमोद ने बताया कि कृष्णा जब छत पर बेटी के साथ खेल रहा था। उस वक्त बंदरों को देख नीचे गली में खेल रहे बच्चों ने शोर मचाकर उसे सचेत किया था। मगर, वह संभल पाता, इससे पहले ही बंदरों ने उस पर हमला कर दिया।
हंगामे को शांत कराते हुए बंदरों को पकड़ने के लिए टीम को बुलाया गया। बंदर भी पकड़वाए गए हैं। घटना दुखद हुई है।
- संतोष कुमार सिंह, सीओ सिटी