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पंद्रह वर्षों के बाद नहीं शुरू हो सकी सीवर लाइन
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Sun, 26 Feb 2017 11:22 PM IST
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यमुना किनारे एसटीपी का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है।
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इसे शहर के लिए विडंबना ही कहा जाएगा कि काम शुरू हुए पंद्रह वर्ष बीत गए। इसके बाद भी यहां सीवर लाइन शुरू नहीं हो सकी है। इसके लिए करोड़ों रुपये भी खर्च हो चुके हैं। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण काफी धीमी गति से होने के कारण इसे चालू नहीं किया जा सका। घरों की नालियों तक को सीवर लाइन से नहीं जोड़ा गया। इससे नई आबादी वाले क्षेत्र तालाब के रूप में दिखाई देते हैं। वहीं, विभागीय अधिकारी शीघ्र चालू होने के बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
सवा छह लाख आबादी वाली सुहागनगरी में यूआईडीएसएसएमटी योजना के तहत करीब डेढ़ दशक पूर्व ही सीवर लाइन डालने, कचरा निस्तारण तथा पेयजल सुधार को योजना बनीं थी। जलनिगम के तत्कालीन एई वीके शर्मा के निर्देशन में पूरा प्रोजेक्ट बना। सवा अरब की योजना में पेयजल टंकी, सीडब्ल्यूआर तो बने लेकिन सीवर लाइन डालने का काम धीमी गति से चला। वर्ष 2008 में जलनिगम द्वारा सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू किया। 2012 तक लाइन डाली जा सकी। अब तक एक अरब रुपया लाइन बिछाने व पंपिंग स्टेशन को स्थापित करने में खर्च हो गया। अब एसटीपी निर्माण को 84 करोड़ खर्च होंगे।
नाले ओवर फ्लो होने लगे
सीवरलाइन चालू नहीं होने के कारण नाले ओवरफ्लो होने लगे,थोड़ी ही बारिश में शहर की सड़कें जलमगभन हो जाती हैं। यहां तक कई क्षेत्रों में लोग घरों में कैद होने को विवश हैं।
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विधानसभा में गूंजा मामला, अफसर हुए सस्पेंड
एसटीपी निर्माण में जलनिगम की लापरवाही भी उजागर हुई थी। जलनिगम ने जो प्रस्ताव भेजा था वह दो वर्ष तक लंबित रहा। नगर विधायक मनीष असीजा ने मामले को विधानसभा में उठाया था। नगर विकास मंत्री आजम खां ने जलनिगम के चीफ इंजीनियर, एसई, एक्सईएन व जेई आदि छह अफसर सस्पेंड किए थे। शासन ने संज्ञान लिया प्रथम किश्त 28 करोड़ तथा अभी तक 50 करोड़ आवंटित हुए हैं।
समय बढ़ा तो बढ़ती गई लागत
जलनिगम द्वारा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के को वर्ष 2005-06 में सवा अरब का प्रस्ताव शासन भेजा था। उस समय ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 89 हेक्टेयर जमीन की जरूरत थी लेकिन कई वर्षों तक फाइल आगे नहीं बढ़ी तो समय गुजरने के साथ-साथ उक्त प्रोजेक्ट की लागत बढ़ गई। नई तकनीक के ट्रीटमेंट प्लांट के लिए कम जमीन में अधिक धनराशि खर्च करके एसटीपी स्थापित की जाएगी। एसटीपी निर्माण की जिम्मेदारी नोएडा की त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लि. को सौंपी गई है। मोहम्मदपुर बिहारीपुर में 10 एकड़ भूमि पर एसटीपी निर्माण कराया जा रहा है। इसमें 72 करोड़ से एसटीपी का निर्माण एवं 12 करोड़ रुपये से पांच वर्ष तक आपरेशन व मेंटीनेंस किया जाएगा।
यूआईडीएसएसएमटी योजना के तहत 2012-13 पंपिंग स्टेशन का कार्य शुरू हुआ। एसटीपी के लिए तीन वर्ष तक जमीन न मिलने के कारण कार्य में विलंब हुआ। जनवरी 2016 में एसटीपी के लिए मोहम्मदपुर बिहारीपुर में जमीन मिली है। एक साल में एसटीपी पर 55 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। दिसंबर 2017 तक हर हाल में एसटीपी चालू करके शहर की सीबरलाइन चालू कर दी जाएगी।
राकेश शर्मा
अधिशासी अभियंता-जलनिगम फिरोजाबाद।
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सवा छह लाख आबादी वाली सुहागनगरी में यूआईडीएसएसएमटी योजना के तहत करीब डेढ़ दशक पूर्व ही सीवर लाइन डालने, कचरा निस्तारण तथा पेयजल सुधार को योजना बनीं थी। जलनिगम के तत्कालीन एई वीके शर्मा के निर्देशन में पूरा प्रोजेक्ट बना। सवा अरब की योजना में पेयजल टंकी, सीडब्ल्यूआर तो बने लेकिन सीवर लाइन डालने का काम धीमी गति से चला। वर्ष 2008 में जलनिगम द्वारा सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू किया। 2012 तक लाइन डाली जा सकी। अब तक एक अरब रुपया लाइन बिछाने व पंपिंग स्टेशन को स्थापित करने में खर्च हो गया। अब एसटीपी निर्माण को 84 करोड़ खर्च होंगे।
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नाले ओवर फ्लो होने लगे
सीवरलाइन चालू नहीं होने के कारण नाले ओवरफ्लो होने लगे,थोड़ी ही बारिश में शहर की सड़कें जलमगभन हो जाती हैं। यहां तक कई क्षेत्रों में लोग घरों में कैद होने को विवश हैं।
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विधानसभा में गूंजा मामला, अफसर हुए सस्पेंड
एसटीपी निर्माण में जलनिगम की लापरवाही भी उजागर हुई थी। जलनिगम ने जो प्रस्ताव भेजा था वह दो वर्ष तक लंबित रहा। नगर विधायक मनीष असीजा ने मामले को विधानसभा में उठाया था। नगर विकास मंत्री आजम खां ने जलनिगम के चीफ इंजीनियर, एसई, एक्सईएन व जेई आदि छह अफसर सस्पेंड किए थे। शासन ने संज्ञान लिया प्रथम किश्त 28 करोड़ तथा अभी तक 50 करोड़ आवंटित हुए हैं।
समय बढ़ा तो बढ़ती गई लागत
जलनिगम द्वारा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के को वर्ष 2005-06 में सवा अरब का प्रस्ताव शासन भेजा था। उस समय ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 89 हेक्टेयर जमीन की जरूरत थी लेकिन कई वर्षों तक फाइल आगे नहीं बढ़ी तो समय गुजरने के साथ-साथ उक्त प्रोजेक्ट की लागत बढ़ गई। नई तकनीक के ट्रीटमेंट प्लांट के लिए कम जमीन में अधिक धनराशि खर्च करके एसटीपी स्थापित की जाएगी। एसटीपी निर्माण की जिम्मेदारी नोएडा की त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लि. को सौंपी गई है। मोहम्मदपुर बिहारीपुर में 10 एकड़ भूमि पर एसटीपी निर्माण कराया जा रहा है। इसमें 72 करोड़ से एसटीपी का निर्माण एवं 12 करोड़ रुपये से पांच वर्ष तक आपरेशन व मेंटीनेंस किया जाएगा।
यूआईडीएसएसएमटी योजना के तहत 2012-13 पंपिंग स्टेशन का कार्य शुरू हुआ। एसटीपी के लिए तीन वर्ष तक जमीन न मिलने के कारण कार्य में विलंब हुआ। जनवरी 2016 में एसटीपी के लिए मोहम्मदपुर बिहारीपुर में जमीन मिली है। एक साल में एसटीपी पर 55 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। दिसंबर 2017 तक हर हाल में एसटीपी चालू करके शहर की सीबरलाइन चालू कर दी जाएगी।
राकेश शर्मा
अधिशासी अभियंता-जलनिगम फिरोजाबाद।