गांव में घुसा खतरनाक मगरमच्छः देखकर ग्रामीणों में भय, चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पिंजरे में किया गया कैद
फिरोजाबाद में बीती देर रात एक खतरनाक मगरमच्छ गांव में घुस आया। इससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना पर वाइल्डलाइफ एसओएस और वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर इसे पकड़ा। चार घंटे की कड़ी मसक्कत के बाद उसे पिंजरे में कैद किया गया। इसके बाद उसे प्राकृतिक आश्रय स्थल में छोड़ दिया गया।
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के नगला अमान गांव में देर रात एक मगरमच्छ गांव के अंदर घुस आया। करीब सात फीट लंबे मगरमच्छ को देखकर लोग डर गए। ग्रामीणों ने मदद के लिए वन विभाग की टीम को फोन किया। सूचना पर वन विभाग के अधिकारियों ने वाइल्डलाइफ एसओएस को अलर्ट किया।
निर्देशन पर एनजीओ की चार सदस्यीय टीम देर रात बताई गई लोकेशन पर पहुंची। टीम ने मौके पर स्थिति का जायया लिया। वन अधिकारियों ने लोगों से बात करके उन्हें शांत किया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम मगरमच्छ को पिंजरे में कैद कर पाई। इसे यहां से ले जाकर उपयुक्त आवास में छोड़ दिया गया।
जल निकाय में उसे छोड़ दिया गया
फॉरेस्ट अफसर सुरेंद्र कुमार सास्वत ने बताया कि गांव में मगरमच्छ देखने के बाद ग्रामीणों ने फोन करके सूचित किया। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसके साथ ही वाइल्डलाइफ एसओएस को भी सूचना दी गई। रेस्क्यू ऑपरेशन कर मगरमच्छ को पकड़ा गया। इसके बाद वहीं पास के जल निकाय में उसे छोड़ दिया गया। इस निकाय में मगरमच्छों की आबादी बढ़ रही है।
लोगों ने ससमय टीम को सतर्क किया
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि ऐसे ऑपरेशन ग्रामीणों के सहयोग के बिना संभव नहीं हो पाते। लोगों ने ससमय हमें मगरमच्छ की उपस्थिति के बारे में सतर्क किया।
टीम ने स्थिति को अच्छी तरह से संभाला
कंजर्वेशन प्रोजेक्ट्स के डायरेक्टर बैजूराज एमवी ने कहा कि इस तरह के ऑपरेशन काफी जोखिम भरे हो सकते हैं। क्योंकि, इतने बड़े और शक्तिशाली सरीसृप को पकड़ते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है। अतीत में कई मगरमच्छों को बचाने के परिणामस्वरूप अत्यधिक अनुभवी होने के कारण, हमारी टीम ने स्थिति को अच्छी तरह से संभाल लिया।