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ऑपरेशन के लिए पिता को लाना पड़ा बैंक
अमर उजाला ब्यूूराे, टूंडला फीराेजाबाद
Updated Tue, 06 Dec 2016 12:39 AM IST
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भाजपा नेता को पिता (रिटायर्ड एआरटीओ) की आंखों का आपरेशन कराने के लिए पिता को अस्पताल से उठाकर बैंक ले जाना पड़ा। बैंक ने पिता द्वारा दिए चेक पर भाजपा नेता को भुगतान करने से इंकार कर दिया था। अभद्रता भी कर दी। पीड़ित भाजपाई ने मामले की बैंक के उच्चाधिकारियों से शिकायत की है। वहीं बैंक प्रबंधक ने नियम विरुद्घ कैश देने और अभद्रता की घटना से इंकार किया है।
सब्जी मंडी के पीछे रहने वाले सुधीर कुमार सिंह भाजपा में नगर उपाध्यक्ष हैं। सोमवार को एआरटीओ के पद से रिटायर्ड पिता श्रीराम को आंखों के ऑपरेशन के लिए एफएच मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। इसके बाद वह पिता से चेक लेकर एसबीआई कृषि विकास शाखा चौराहा से रुपये निकालने पहुंचे। सुधीर कुमार का आरोप है कि वह सुबह लाइन में लगने के बाद दोपहर को उनका नंबर आया। चेक लेने के बाद कैशियर ने शाखा प्रबंधक से चेक वेरीफाई कराकर लाने को कहा। शाखा प्रबंधक ने चेक पर हस्ताक्षर करने से साफ इंकार कर दिया। मजबूरी बताने के बाद भी बैंक अधिकारियों ने कैश देने से इंकार कर दिया। अभद्रता भी कर दी। सुधीर अस्पताल पहुंचे। पिता को अस्पताल से लेकर बैंक आए तब जाकर बैंक से रूपए निकाल सके। भाजपा नेता ने उच्चाधिकारियों से बैंक कर्मचारियों की शिकायत की है। वहीं शाखा प्रबंधक रमेश चंद का कहना है कि उन्होंने किसी भी तरह की अभद्रता नहीं की। नियमानुसार ही कैश का वितरण किया जा रहा है।
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सब्जी मंडी के पीछे रहने वाले सुधीर कुमार सिंह भाजपा में नगर उपाध्यक्ष हैं। सोमवार को एआरटीओ के पद से रिटायर्ड पिता श्रीराम को आंखों के ऑपरेशन के लिए एफएच मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। इसके बाद वह पिता से चेक लेकर एसबीआई कृषि विकास शाखा चौराहा से रुपये निकालने पहुंचे। सुधीर कुमार का आरोप है कि वह सुबह लाइन में लगने के बाद दोपहर को उनका नंबर आया। चेक लेने के बाद कैशियर ने शाखा प्रबंधक से चेक वेरीफाई कराकर लाने को कहा। शाखा प्रबंधक ने चेक पर हस्ताक्षर करने से साफ इंकार कर दिया। मजबूरी बताने के बाद भी बैंक अधिकारियों ने कैश देने से इंकार कर दिया। अभद्रता भी कर दी। सुधीर अस्पताल पहुंचे। पिता को अस्पताल से लेकर बैंक आए तब जाकर बैंक से रूपए निकाल सके। भाजपा नेता ने उच्चाधिकारियों से बैंक कर्मचारियों की शिकायत की है। वहीं शाखा प्रबंधक रमेश चंद का कहना है कि उन्होंने किसी भी तरह की अभद्रता नहीं की। नियमानुसार ही कैश का वितरण किया जा रहा है।
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