{"_id":"6a95c96a87e469cfc005e520","slug":"fake-appointment-letter-for-anganwadi-worker-issued-using-dpos-scanned-signature-firozabad-news-c-169-1-sagr1022-183554-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: डीपीओ के स्कैन हस्ताक्षर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का फर्जी नियुक्ति पत्र जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: डीपीओ के स्कैन हस्ताक्षर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का फर्जी नियुक्ति पत्र जारी
Tue, 01 Sep 2026 12:05 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 01 Sep 2026 12:05 AM IST
विज्ञापन
फिरोजाबाद। जिले में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की चल रही भर्ती प्रक्रिया के बीच एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जालसाजों ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) के हस्ताक्षर स्कैन कर टूंडला क्षेत्र की एक महिला के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद डीपीओ ने मामले की जांच बैठाते हुए दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी कर ली है।
टूंडला क्षेत्र के गांव चुल्हावली निवासी सोनी देवी पत्नी अरुण कुमार के नाम से 20 अगस्त की तिथि में फर्जी नियुक्ति आदेश जारी किया गया था। जिसमें नगर निगम के वार्ड संख्या छह आजाद नगर में उनकी तैनाती दिखाई गई थी। उक्त महिला जब यह नियुक्ति पत्र लेकर मदनपुर ब्लॉक में तैनात सुपरवाइजर राधिका के पास पहुंची तो वह हैरान रह गईं। उन्होंने महिला को सत्यापन के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय भेज दिया। डीपीओ कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक राजीव चौहान ने जब आदेश देखा तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
फर्जी नियुक्ति पत्र में डिस्पैच नंबर 305 दर्ज था। जब डीपीओ केशरीनंदन तिवारी ने कार्यालय के आधिकारिक रजिस्टर से 305 नंबर का मिलान कराया तो सामने आया कि यह डिस्पैच नंबर वास्तव में विजय नगर निवासी सहायिका पूनम पत्नी अशोक कुमार के नाम जारी किया गया था। इसके अलावा विभागीय नियमों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र, टूंडला की निवासी महिला की नियुक्ति शहरी क्षेत्र में नहीं की जा सकती है, जिससे जालसाजी पूरी तरह स्पष्ट हो गई।
विज्ञापन
जिला कार्यक्रम अधिकारी केशरीनंदन तिवारी ने बताया कि किसी ने फर्जीवाड़े की नीयत से उनके डिजिटल/स्कैन हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया गया है। पूरे मामले की गहनता से विभागीय जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होते ही षड्यंत्र रचने वाले दोषियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
विभागीय कर्मी भी संदेह के दायरे में
जिस तरह से विभागीय प्रक्रिया, डिस्पैच नंबर और डिजिटल हस्ताक्षरों का उपयोग किया गया है। उससे साफ है कि इस खेल के तार विभाग के भीतर से जुड़े हो सकते हैं। इसी आशंका के चलते कार्यालय के संदिग्ध पटल सहायकों और कर्मचारियों की भूमिका की गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
टूंडला क्षेत्र के गांव चुल्हावली निवासी सोनी देवी पत्नी अरुण कुमार के नाम से 20 अगस्त की तिथि में फर्जी नियुक्ति आदेश जारी किया गया था। जिसमें नगर निगम के वार्ड संख्या छह आजाद नगर में उनकी तैनाती दिखाई गई थी। उक्त महिला जब यह नियुक्ति पत्र लेकर मदनपुर ब्लॉक में तैनात सुपरवाइजर राधिका के पास पहुंची तो वह हैरान रह गईं। उन्होंने महिला को सत्यापन के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय भेज दिया। डीपीओ कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक राजीव चौहान ने जब आदेश देखा तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
विज्ञापन
फर्जी नियुक्ति पत्र में डिस्पैच नंबर 305 दर्ज था। जब डीपीओ केशरीनंदन तिवारी ने कार्यालय के आधिकारिक रजिस्टर से 305 नंबर का मिलान कराया तो सामने आया कि यह डिस्पैच नंबर वास्तव में विजय नगर निवासी सहायिका पूनम पत्नी अशोक कुमार के नाम जारी किया गया था। इसके अलावा विभागीय नियमों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र, टूंडला की निवासी महिला की नियुक्ति शहरी क्षेत्र में नहीं की जा सकती है, जिससे जालसाजी पूरी तरह स्पष्ट हो गई।
विज्ञापन
जिला कार्यक्रम अधिकारी केशरीनंदन तिवारी ने बताया कि किसी ने फर्जीवाड़े की नीयत से उनके डिजिटल/स्कैन हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया गया है। पूरे मामले की गहनता से विभागीय जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होते ही षड्यंत्र रचने वाले दोषियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
विभागीय कर्मी भी संदेह के दायरे में
जिस तरह से विभागीय प्रक्रिया, डिस्पैच नंबर और डिजिटल हस्ताक्षरों का उपयोग किया गया है। उससे साफ है कि इस खेल के तार विभाग के भीतर से जुड़े हो सकते हैं। इसी आशंका के चलते कार्यालय के संदिग्ध पटल सहायकों और कर्मचारियों की भूमिका की गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है।