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फूल डोल मेला में दिखी गंगा-जमुनी संस्कृति का छटा
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कोटला मुहल्ला में प्राचीन मेला फूल डोल में झूला झूलते बच्चे
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। नगर का प्राचीन एवं परंपरागत फूल डोल मेले का आयोजन मौहल्ला कोटला में किया गया। इसमें बच्चों व महिलाओं के मनोरंजन के लिए खेलकूद, झूले एवं चाट पकौड़ी के स्टॉल लगाए गए।
मोहल्ला कोटला में कई दशकों से फूल डोल मेला का आयोजन होता आ रहा है। होली की तीज को आयोजित होने वाले मेले में समाज के गणमान्यों एवं किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले लोगों को सम्मानित करने की परंपरा रही है। मेला आयोजन समिति के संतोष यादव मेला के इतिहास पर प्रकाश डाला। इस दौरान पूर्व विधायक राजाराम यादव की प्रतिमा पर फूल माला अर्पित की गईं।
मेला मंच पर मौजूद मुख्य अतिथि विधायक मनीष असीजा ने इसे शहर की पहचान बताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन हमारी गंगा-जमुनी संस्कृति का प्रतीक हैं। कार्यक्रम को सपा एमएलसी डा. दिलीप यादव, सयुस के पूर्व अध्यक्ष चौधरी संजय यादव, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनरायन यादव, समाजसेवी बृजेश यादव, अजय सिंह यादव, श्याम सिंह यादव,उमेश चंद्र यादव,अनीप यादव, हेमंत यादव आदि मौजूद रहे।
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प्राचीन काल में होती थी निशानेबाजी की होड़
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि कई दशक पूर्व मेला स्थल के पास एक पेड़ था। इस पेड़ पर फूल अथवा कोई अन्य चीज रख कर निशाना लगाया जाता था। उत्कृष्ट निशानेबाजी पर विजेता को पुरस्कार प्रदान किया जाता था। लेकिन जैसे-जैसे मेला स्थल के इर्द-गिर्द आबादी बढ़ती गई। वैसे-वैसे निशानेबाजी का प्रचलन बंद करा दिया गया।
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मोहल्ला कोटला में कई दशकों से फूल डोल मेला का आयोजन होता आ रहा है। होली की तीज को आयोजित होने वाले मेले में समाज के गणमान्यों एवं किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले लोगों को सम्मानित करने की परंपरा रही है। मेला आयोजन समिति के संतोष यादव मेला के इतिहास पर प्रकाश डाला। इस दौरान पूर्व विधायक राजाराम यादव की प्रतिमा पर फूल माला अर्पित की गईं।
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मेला मंच पर मौजूद मुख्य अतिथि विधायक मनीष असीजा ने इसे शहर की पहचान बताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन हमारी गंगा-जमुनी संस्कृति का प्रतीक हैं। कार्यक्रम को सपा एमएलसी डा. दिलीप यादव, सयुस के पूर्व अध्यक्ष चौधरी संजय यादव, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनरायन यादव, समाजसेवी बृजेश यादव, अजय सिंह यादव, श्याम सिंह यादव,उमेश चंद्र यादव,अनीप यादव, हेमंत यादव आदि मौजूद रहे।
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प्राचीन काल में होती थी निशानेबाजी की होड़
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि कई दशक पूर्व मेला स्थल के पास एक पेड़ था। इस पेड़ पर फूल अथवा कोई अन्य चीज रख कर निशाना लगाया जाता था। उत्कृष्ट निशानेबाजी पर विजेता को पुरस्कार प्रदान किया जाता था। लेकिन जैसे-जैसे मेला स्थल के इर्द-गिर्द आबादी बढ़ती गई। वैसे-वैसे निशानेबाजी का प्रचलन बंद करा दिया गया।