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डीएलएड परीक्षा में भी हर पेपर हुआ था लीक
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फिरोजाबाद। सॉल्वर गैंग के तार सुहागनगरी से लंबे समय से जुड़े हैं। दो माह पूर्व डीएलएड की प्रत्येक परीक्षा का प्रश्नपत्र आधा घंटे पहले ही विद्यार्थियों के मोबाइल पर पहुंच रहा था। हालांकि शासन और प्रशासन ने कोई सख्ती नहीं दिखाई।
जिले में टीईटी कराने की तैयारी जोरशोर से की गई। 28 हजार परीक्षार्थी भी उम्मीदें लेकर परीक्षा देने केंद्रों पर पहुंचे लेकिन ऐन मौके पर पेपर लीक होने से टीईटी निरस्त कर दिया गया। पेपर लीक होने को परीक्षार्थी शासन-प्रशासन की लापरवाही को बता रहे हैं। हालांकि दो माह पूर्व डीएलएड परीक्षा के प्रश्नपत्र भी लीक हुए थे। सबकुछ जानकर भी शासन-प्रशासन सॉल्वर गैंग और पेपर लीक करने वाले लोगों की हरकत पर पर्दा डालता रहा। परीक्षार्थियों का मानना है कि डीएलएड परीक्षा में पेपर लीक के मामले को शासन-प्रशासन ने गंभीरता से लिया होता तो सॉल्वर गैंग के हौसले बुलंद न होते और टीईटी का प्रश्नपत्र लीक नहीं होता।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं साल्वर
परिषदीय स्कूल में कार्यरत शिक्षक सॉल्वर के रूप में पकड़े जाने पर निलंबित चल रहा है। पूर्व में भी परीक्षा के दौरान राजा का ताल के निकट एक गांव में कई सॉल्वर पकड़े गए थे।
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डीएलएड परीक्षा में मोबाइल पर पेपर आने की जानकरी हमें लगी थी लेकिन वह प्रश्नपत्र कहीं और से लीक हुआ था। जांच कराना शासन का कार्य है। हमने प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी शासन को दी थी।
विमलेश विजयश्री, प्राचार्य
डायट
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जिले में टीईटी कराने की तैयारी जोरशोर से की गई। 28 हजार परीक्षार्थी भी उम्मीदें लेकर परीक्षा देने केंद्रों पर पहुंचे लेकिन ऐन मौके पर पेपर लीक होने से टीईटी निरस्त कर दिया गया। पेपर लीक होने को परीक्षार्थी शासन-प्रशासन की लापरवाही को बता रहे हैं। हालांकि दो माह पूर्व डीएलएड परीक्षा के प्रश्नपत्र भी लीक हुए थे। सबकुछ जानकर भी शासन-प्रशासन सॉल्वर गैंग और पेपर लीक करने वाले लोगों की हरकत पर पर्दा डालता रहा। परीक्षार्थियों का मानना है कि डीएलएड परीक्षा में पेपर लीक के मामले को शासन-प्रशासन ने गंभीरता से लिया होता तो सॉल्वर गैंग के हौसले बुलंद न होते और टीईटी का प्रश्नपत्र लीक नहीं होता।
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पहले भी पकड़े जा चुके हैं साल्वर
परिषदीय स्कूल में कार्यरत शिक्षक सॉल्वर के रूप में पकड़े जाने पर निलंबित चल रहा है। पूर्व में भी परीक्षा के दौरान राजा का ताल के निकट एक गांव में कई सॉल्वर पकड़े गए थे।
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डीएलएड परीक्षा में मोबाइल पर पेपर आने की जानकरी हमें लगी थी लेकिन वह प्रश्नपत्र कहीं और से लीक हुआ था। जांच कराना शासन का कार्य है। हमने प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी शासन को दी थी।
विमलेश विजयश्री, प्राचार्य
डायट