फिरोजाबाद। पेट्रोलियम मंत्रालय इसी माह अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप प्राकृतिक गैस की वर्तमान दरों को पुनरीक्षित करेगा। शहर के कांच व चूड़ी उद्यमियों के मुताबिक पुनरीक्षण के चलते प्राकृतिक गैस की कीमतों में 15-20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। इसके चलते फिरोजाबाद के कांच एवं चूड़ी उद्यमियों की चिंता बढ़ा दी है। मंदी से उबर रहे कांच चूड़ी उद्योग को गैस की कीमत बढ़ने से तगड़ा झटका लगेगा। उद्यमियों ने नए ऑर्डर फिलहाल लेना बंद कर दिए हैं।
कांच उद्यमियों का मानना है कि पेट्रोलियम मंत्रालय प्रतिवर्ष अप्रैल और अक्तूबर माह में (हर छमाही) अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर प्राकृतिक गैस की दरें संशोधित करता है। पिछली बार अन्य पैट्रो उत्पादों व गैस की दर पुनरीक्षण (संशोधित) के दौरान गैस की कीमतों में भारी वृद्धि की थी। इस बार भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल एवं प्राकृतिक गैस की मांग बढ़ने के कारण तेल व गैस कंपनियां गैस के दामों में इजाफा करने की तैयारी कर रहीं हैं। इसका सीधा असर फिरोजाबाद के कांच उद्योग जगत को मिलने वाली नेचुरल गैस की कीमतों पर भी पड़ेगा। कांच उद्यमियों के मुताबिक अक्तूबर से फिरोजाबाद की कांच इकाईयों को मिलने वाली प्राकृतिक गैस (एपीएम श्रेणी) की वर्तमान कीमतों के सापेक्ष 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी की उम्मीद है।
फिरोजाबाद की कांच व चूड़ी इकाइयों को सस्ती दर पर मिल रही एपीएम श्रेणी वाली गैस के दाम 35.10 रुपये प्रति घनमीटर से बढ़कर 45 रुपये प्रति घनमीटर तक होने की आशंका है। इसके चलते चूड़ी कारखानेदारों ने नए ऑर्डर लेने फिलहाल बंद कर दिए हैं। इसके कारण कांच उद्यमी हैरान हैं।
100 चूड़ी इकाइयां और 1.5 लाख श्रमिक होंगे प्रभावित
वर्तमान में फिरोजाबाद में करीब 100 कांच चूड़ी इकाइयां उत्पादन प्रक्रिया में हैं। इन इकाइयों में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से काम करने वाले करीब डेढ़ लाख कामगार चूड़ी की डिमांड बढ़ने से खुश हैं लेकिन अगर नेचुरल गैस के दाम बढे़ तो फिर कई इकाइयों में कामबंदी के हालत उत्पन्न होंगे।