{"_id":"64d679c74f8949bce70be1c4","slug":"employee-turned-contractor-corporations-goods-worth-lakhs-recovered-from-home-firozabad-news-c-169-1-sagr1025-2575-2023-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: कर्मचारी बना ठेकेदार, निगम का लाखों का सामान घर से बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: कर्मचारी बना ठेकेदार, निगम का लाखों का सामान घर से बरामद
Fri, 11 Aug 2023 11:41 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 11 Aug 2023 11:41 PM IST
विज्ञापन
फिरोजाबाद। नगर निगम में अब भ्रष्टाचार की कलई खुलकर सामने आ रही है। निगम में कार्यरत संविदा कर्मचारी को पहले ठेकेदार बना दिया गया। इसके बाद उसे सरकारी कार्यालय में अवैध रूप से आशियाना भी बना लिया। ठेकेदार के घर से सरकारी पाइप, पंपिंग मशीन व कई अन्य लाखों रुपये की कीमत के सामान छापेमारी के दौरान बरामद हुए है। जेई द्वारा की गई छापमारी के बाद निगम के सभी अधिकारी पूरे प्रकरण में लीपापोती करते दिखे।
मामला नगर निगम के जलकल विभाग में ठेकेदार निमई से जुड़ा है। निमई की फर्म एसके कॉटेक्टर पर पानी की लाइन की मरम्मत, रखरखाव और लीकेज आदि ठीक करने का ठेका है। सालों से काम करते आ रहे इस ठेकेदार के यहां पर एक सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। जेई मयंक कुमार द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान ठेकेदार द्वारा सरकारी जलकल परिसर में बनाए आवास में लाखाें रुपये की कीमत के पीवीसी पाइप, लोहे का कीमती सामान एवं पुरानी पंपिंग मशीन, पंपिंग सेट आदि बरामद हुए।
हालांकि छापेमारी के बाद नगर निगम और जलकल विभाग के अधिकारी पूरे मामले की लीपापोती करते दिखे। सूत्रों अनुसार जलकल विभाग में तैनात एक बड़े अफसर की सरपरस्ती के कारण ही ठेकेदार लंबे समय से निगम के संसाधनों को चूना लगा रहा था।
विज्ञापन
किस की अनुमति से जलकल में बनाया आवास व गोदाम
जलकल विभाग परिसर में करोड़ों की कीमत वाले सरकारी सामान व अन्य कबाड़ पड़ा हुआ है। ऐसे में ठेकेदार का गोदाम भी उसी परिसर में होना एक बड़ा सवाल है। जानकारों के अनुसार आखिरकार निजी ठेकेदार किस की अनुमति से सरकारी परिसर में अपना ठिकाना बनाए हुए था।
-- -- --
एफआईआर की थी तैयारी, बाद में खामोश हो गए अधिकारी
जिस ठेकेदार यहां पर छापेमारी की गई। उसके यहां से जलकल विभाग के कर्मचारी पीवीसी पाइप, लेजम, लोहे की पंपिंग मशीन आदि उठाकर ले जाते दिखे। तेजी से चर्चा हुई कि ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई होगीए लेकिन बाद में निगम अफसरों के पास शहर के दो माननीय के फोन आए। इसके बाद सब खामोश हो गए।
-- -- --
निमई ठेकेदार से सरकारी परिसर खाली कराना है। इसीलिए जेई वहां गए होंगे। ठेकेदार के यहां से सरकारी सामान बरामद होने की बात है, इसके बारे में जेई मयंक ही बता पाएंगे। यह कार्रवाई किस के निर्देश पर हुई, मुझे कोई जानकारी नहीं है।रामबाबू राजपूत महाप्रबंधक जलकल
-- -
ठेकेदार के यहां पड़ताल के लिए गए थे। हालांकि वहां से कोई सरकारी सामान बरामद नहीं हुआ। मैं अभी आगरा मीटिंग में हूं।
मयंक कुमार जेई जलकल
-निगम के सरकारी क्वार्टर से एक ठेकेदार सरकारी जगह पर रह रहा है। उनके द्वारा निगम के नलकूप व सरकारी सामान को इधर उधर करने की बात सामने आई है। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। संबंधित ठेकेदार व अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।
कामिनी राठौर, महापौर
विज्ञापन
मामला नगर निगम के जलकल विभाग में ठेकेदार निमई से जुड़ा है। निमई की फर्म एसके कॉटेक्टर पर पानी की लाइन की मरम्मत, रखरखाव और लीकेज आदि ठीक करने का ठेका है। सालों से काम करते आ रहे इस ठेकेदार के यहां पर एक सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। जेई मयंक कुमार द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान ठेकेदार द्वारा सरकारी जलकल परिसर में बनाए आवास में लाखाें रुपये की कीमत के पीवीसी पाइप, लोहे का कीमती सामान एवं पुरानी पंपिंग मशीन, पंपिंग सेट आदि बरामद हुए।
विज्ञापन
हालांकि छापेमारी के बाद नगर निगम और जलकल विभाग के अधिकारी पूरे मामले की लीपापोती करते दिखे। सूत्रों अनुसार जलकल विभाग में तैनात एक बड़े अफसर की सरपरस्ती के कारण ही ठेकेदार लंबे समय से निगम के संसाधनों को चूना लगा रहा था।
विज्ञापन
किस की अनुमति से जलकल में बनाया आवास व गोदाम
जलकल विभाग परिसर में करोड़ों की कीमत वाले सरकारी सामान व अन्य कबाड़ पड़ा हुआ है। ऐसे में ठेकेदार का गोदाम भी उसी परिसर में होना एक बड़ा सवाल है। जानकारों के अनुसार आखिरकार निजी ठेकेदार किस की अनुमति से सरकारी परिसर में अपना ठिकाना बनाए हुए था।
एफआईआर की थी तैयारी, बाद में खामोश हो गए अधिकारी
जिस ठेकेदार यहां पर छापेमारी की गई। उसके यहां से जलकल विभाग के कर्मचारी पीवीसी पाइप, लेजम, लोहे की पंपिंग मशीन आदि उठाकर ले जाते दिखे। तेजी से चर्चा हुई कि ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई होगीए लेकिन बाद में निगम अफसरों के पास शहर के दो माननीय के फोन आए। इसके बाद सब खामोश हो गए।
निमई ठेकेदार से सरकारी परिसर खाली कराना है। इसीलिए जेई वहां गए होंगे। ठेकेदार के यहां से सरकारी सामान बरामद होने की बात है, इसके बारे में जेई मयंक ही बता पाएंगे। यह कार्रवाई किस के निर्देश पर हुई, मुझे कोई जानकारी नहीं है।रामबाबू राजपूत महाप्रबंधक जलकल
ठेकेदार के यहां पड़ताल के लिए गए थे। हालांकि वहां से कोई सरकारी सामान बरामद नहीं हुआ। मैं अभी आगरा मीटिंग में हूं।
मयंक कुमार जेई जलकल
-निगम के सरकारी क्वार्टर से एक ठेकेदार सरकारी जगह पर रह रहा है। उनके द्वारा निगम के नलकूप व सरकारी सामान को इधर उधर करने की बात सामने आई है। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। संबंधित ठेकेदार व अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।
कामिनी राठौर, महापौर