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बिजली तार टूटने से, त्रिपाल में लगी आग
अमर उजाला ब्यूूराे, फीराेजाबाद
Updated Tue, 03 Jan 2017 11:35 PM IST
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जर्जर तार, जिनके कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं।
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कस्बे में मंगलवार की सुबह बड़ा हादसा होने से बच गया। जर्जर बिजली का तार टूटकर एक दुकानदार के त्रिपाल पर गिर गया। इससे उसमें आग लग गई। हादसे के बाद लोग आक्रोशित हो गए। उनका आरोप था कि बिजली विभाग के अधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।
मंगलवार सुबह करीब नौ बजे खोखा मार्केट स्थित चाय की दुकानों पर लोग बैठे थे। वहां से बच्चे भी स्कूल-कालेजों के लिए गुजर रहे थे। इसी बीच एक बंदर ने तेजी के साथ बिजली का पोल हिला दिया। इसके चलते जर्जर तार आपस में टकरा गए। इसके बाद एक तार टूट कर नाजिम खां के त्रिपाल पर गिर गया। इससे लोगों में अफरातफरी मच गई। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। वहीं, राहगीरों के साथ दुकानों पर बैठे लोग बाल-बाल गच गए। इसको लेकर क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश फैल गया। वह बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को लेकर आक्रोशित थे। मामला बढ़ता इससे पूर्व फरिहा पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को शांत कराते हुए टूटे पड़े तार में करंट को बंद कराया।
हादसों में चली गई थी जान, फिर भी बेखबर विभाग
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। जर्जर तारों से लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए विभागीय अधिकारी कोई पहल करते नजर नहीं आते। 23 दिसंबर की रात करीब नौ बजे मटसेना के गांव लेखराजपुर निवासी पंकज उर्फ रानू यादव की करंट लगने से मौत हो गई थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने मटसेना फीडर पर जाम लगाते हुए हंगामा किया था। 26 दिसंबर को बाईपास मार्ग पर करंट लगने से एक बालिका अचेत हो गई थी। आक्रोशित लोगों ने एक कर्मचारी को पकड़ कर पीटने के साथ ही बाईपास मार्ग पर जाम लगा दिया था। इसको बाद में पुलिस द्वारा खुलवाया गया था। इससे पूर्व 26 जुलाई को करंट लगने से फरिहा निवासी अंबरीश के साथ 27 जुलाई को ही एक फैक्ट्री में करंट लगने से श्रमिक की मौत हो गई थी।
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फरिहा में बिजली का तार कहीं जर्जर नहीं है। वर्तमान में ग्रामीण अधिक संख्या में हीटर का प्रयोग कर रहे हैं। हीटर का लोड 1500-2000 वाट तक होता है। अधिक लोड पड़ने के कारण तार टूटने की घटनाएं हो रहीं हैं, जहां-जहां जर्जर तार हैं, उन्हें ठीक कराया जा रहा है।
आरबी रॉय, एक्सईएन-ग्रामीण
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मंगलवार सुबह करीब नौ बजे खोखा मार्केट स्थित चाय की दुकानों पर लोग बैठे थे। वहां से बच्चे भी स्कूल-कालेजों के लिए गुजर रहे थे। इसी बीच एक बंदर ने तेजी के साथ बिजली का पोल हिला दिया। इसके चलते जर्जर तार आपस में टकरा गए। इसके बाद एक तार टूट कर नाजिम खां के त्रिपाल पर गिर गया। इससे लोगों में अफरातफरी मच गई। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। वहीं, राहगीरों के साथ दुकानों पर बैठे लोग बाल-बाल गच गए। इसको लेकर क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश फैल गया। वह बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को लेकर आक्रोशित थे। मामला बढ़ता इससे पूर्व फरिहा पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को शांत कराते हुए टूटे पड़े तार में करंट को बंद कराया।
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हादसों में चली गई थी जान, फिर भी बेखबर विभाग
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। जर्जर तारों से लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए विभागीय अधिकारी कोई पहल करते नजर नहीं आते। 23 दिसंबर की रात करीब नौ बजे मटसेना के गांव लेखराजपुर निवासी पंकज उर्फ रानू यादव की करंट लगने से मौत हो गई थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने मटसेना फीडर पर जाम लगाते हुए हंगामा किया था। 26 दिसंबर को बाईपास मार्ग पर करंट लगने से एक बालिका अचेत हो गई थी। आक्रोशित लोगों ने एक कर्मचारी को पकड़ कर पीटने के साथ ही बाईपास मार्ग पर जाम लगा दिया था। इसको बाद में पुलिस द्वारा खुलवाया गया था। इससे पूर्व 26 जुलाई को करंट लगने से फरिहा निवासी अंबरीश के साथ 27 जुलाई को ही एक फैक्ट्री में करंट लगने से श्रमिक की मौत हो गई थी।
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फरिहा में बिजली का तार कहीं जर्जर नहीं है। वर्तमान में ग्रामीण अधिक संख्या में हीटर का प्रयोग कर रहे हैं। हीटर का लोड 1500-2000 वाट तक होता है। अधिक लोड पड़ने के कारण तार टूटने की घटनाएं हो रहीं हैं, जहां-जहां जर्जर तार हैं, उन्हें ठीक कराया जा रहा है।
आरबी रॉय, एक्सईएन-ग्रामीण