{"_id":"61ae4cf85287a449883d5e87","slug":"effect-of-air-pollution-eye-irritation-asthma-and-heart-patients-increase-firozabad-news-agr517037480","type":"story","status":"publish","title_hn":"वायु प्रदूषण का असर : आंखों में जलन, दमा और दिल के रोगी बढ़ें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वायु प्रदूषण का असर : आंखों में जलन, दमा और दिल के रोगी बढ़ें
विज्ञापन
वायु प्रदूषण का असर : आंखों में जलन, दमा और दिल के रोगी बढ़ें
फिरोजाबाद। सुहागनगरीं में स्मॉग के चलते प्रदूषण का प्रकोप बढ़ा है। इससे दमा और दिल के रोगियों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। साथ ही आंखों में जलन और नजला, जुकाम की शिकायतें बढ़ी है। लगातार जहरीली हवा के कारण जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि हर रोज 15 से 20 मरीज ऐसे आ रहे हैं। सांस लेने में परेशानी होने वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। अधिक प्रदूषण के कारण दमा मरीज सबसे अधिक परेशान हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. डीके गुप्ता ने बताया कि लगातार वायु प्रदूषण में रहने वाले लोग सांस की बीमारी से लेकर मानसिक बीमारी तक ग्रस्त होते हैं। इससे चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। अधिक प्रदूषण में वाक और एक्सरसाइज करना भी सही नहीं है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। वहीं जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश यादवेंदु ने बताया कि वायु प्रदूषण का यह स्तर आंखों के लिए ठीक नहीं हैं। जिला अस्पताल में आंखों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। खासतौर पर लोगों की आंखों में ड्राइनेस की समस्या प्रदूषण से होती है। इसके साथ ही आंखों में लालिमा की शिकायत आ रही हैं। लोगों को इस दौरान सुबह व देर शाम बाहर निकलने से बचना चाहिए। या फिर चश्मा लगाकर निकलें। जिससे आंखें सुरक्षित रह सकें।
विज्ञापन
फिरोजाबाद। सुहागनगरीं में स्मॉग के चलते प्रदूषण का प्रकोप बढ़ा है। इससे दमा और दिल के रोगियों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। साथ ही आंखों में जलन और नजला, जुकाम की शिकायतें बढ़ी है। लगातार जहरीली हवा के कारण जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि हर रोज 15 से 20 मरीज ऐसे आ रहे हैं। सांस लेने में परेशानी होने वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। अधिक प्रदूषण के कारण दमा मरीज सबसे अधिक परेशान हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. डीके गुप्ता ने बताया कि लगातार वायु प्रदूषण में रहने वाले लोग सांस की बीमारी से लेकर मानसिक बीमारी तक ग्रस्त होते हैं। इससे चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। अधिक प्रदूषण में वाक और एक्सरसाइज करना भी सही नहीं है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। वहीं जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश यादवेंदु ने बताया कि वायु प्रदूषण का यह स्तर आंखों के लिए ठीक नहीं हैं। जिला अस्पताल में आंखों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। खासतौर पर लोगों की आंखों में ड्राइनेस की समस्या प्रदूषण से होती है। इसके साथ ही आंखों में लालिमा की शिकायत आ रही हैं। लोगों को इस दौरान सुबह व देर शाम बाहर निकलने से बचना चाहिए। या फिर चश्मा लगाकर निकलें। जिससे आंखें सुरक्षित रह सकें।
विज्ञापन