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अहिंसा के जयकारों से गूंजी सुहागनगरी
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 29 Nov 2015 06:33 PM IST
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सुहागनगरी का माहौल रविवार को भक्तिमय नजर आया। हर ओर अहिंसा के जयकारों की गूंज सुनाई दी। नसियाजी मंदिर में आयोजित लघु पंचकल्याणक महोत्सव का विधिविधान से समापन किया गया। इस मौके पर मंत्रोच्चारण के साथ विश्वशांति के लिए महायज्ञ का आयोजन किया गया। वहीं, नगर में गाजेबाजे के साथ जुलूस निकाला गया। ऐरावत हाथी सहित करीब आधा दर्जन झांकियां जुलूस में शामिल हुई। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने जुलूस में भाग लिया।
बालयोगी श्री अमित सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव की क्रियाएं की गईं। सुबह नित्याभिषेक पूजन के बाद धर्मचंद्र जैन शास्त्री और अखिलेश जैन शास्त्री दिल्ली, सगुन जैन के निर्देशन में विश्व शांति महायज्ञ कराया गया। श्रद्धालुओं ने विधिविधान से आहूतियां दीं। इसके बाद भगवान महावीर का मोक्ष कल्याणक महोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया। इसमें भगवान महावीर का निर्वाण लाड़ू चढ़ाया गया। अग्नि देव बनने का सौभाग्य पुष्पेंद्र कुमार जैन को प्राप्त हुआ।
दोपहर में विशाल स्वर्ण रथ यात्रा गाजेबाजे के साथ निकाली गई। रथ यात्रा नसियाजी मंदिर से आरंभ होकर डाकघर चौराहा, गंज चौराहा, सिनेमा चौराहा, बर्फखाना चौराहा, फीरोजाबाद क्लब, सर्विस रोड़ होते हुए पुन: नसियाजी मंदिर पहुंची। कदम-कदम पर भगवान महावीर की आरती उतारी गई। यात्रा में सौधर्म इंद्र ऐरावत हाथी पर भगवान महावीर को लेकर विराजमान हुए। स्वर्ण रथ पर कुबेर रत्नवर्षा करते चल रहे थे। इंद्र-इंद्राणियां नृत्य करते चल रही थी। विशेष आकर्षण का केंद्र केंद्र मोरपंख बैंड रहा। डांडिया नृत्य की प्रस्तुति ने मन मोह लिया।
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शोभायात्रा मंदिर पहुंचने के बाद मुनि अमित सागर महाराज महाराज का पाद प्रक्षालन किया गया। शाम को आरती एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। रथयात्रा में राजकपूर जैन, वीरेंद्र जैन, आलोक जैन, पुष्पेंद्र जैन, अजय जैन, नीरज जैन, गुलाब जैन, सतीशचंद्र जैन, विमल जैन, ललितत जैन, महेंद्र कुमार, राजू जैन, दिलीप जैन, राजेश जैन सरल, अमित जैन आदि उपस्थित रहे।
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बालयोगी श्री अमित सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव की क्रियाएं की गईं। सुबह नित्याभिषेक पूजन के बाद धर्मचंद्र जैन शास्त्री और अखिलेश जैन शास्त्री दिल्ली, सगुन जैन के निर्देशन में विश्व शांति महायज्ञ कराया गया। श्रद्धालुओं ने विधिविधान से आहूतियां दीं। इसके बाद भगवान महावीर का मोक्ष कल्याणक महोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया। इसमें भगवान महावीर का निर्वाण लाड़ू चढ़ाया गया। अग्नि देव बनने का सौभाग्य पुष्पेंद्र कुमार जैन को प्राप्त हुआ।
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दोपहर में विशाल स्वर्ण रथ यात्रा गाजेबाजे के साथ निकाली गई। रथ यात्रा नसियाजी मंदिर से आरंभ होकर डाकघर चौराहा, गंज चौराहा, सिनेमा चौराहा, बर्फखाना चौराहा, फीरोजाबाद क्लब, सर्विस रोड़ होते हुए पुन: नसियाजी मंदिर पहुंची। कदम-कदम पर भगवान महावीर की आरती उतारी गई। यात्रा में सौधर्म इंद्र ऐरावत हाथी पर भगवान महावीर को लेकर विराजमान हुए। स्वर्ण रथ पर कुबेर रत्नवर्षा करते चल रहे थे। इंद्र-इंद्राणियां नृत्य करते चल रही थी। विशेष आकर्षण का केंद्र केंद्र मोरपंख बैंड रहा। डांडिया नृत्य की प्रस्तुति ने मन मोह लिया।
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शोभायात्रा मंदिर पहुंचने के बाद मुनि अमित सागर महाराज महाराज का पाद प्रक्षालन किया गया। शाम को आरती एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। रथयात्रा में राजकपूर जैन, वीरेंद्र जैन, आलोक जैन, पुष्पेंद्र जैन, अजय जैन, नीरज जैन, गुलाब जैन, सतीशचंद्र जैन, विमल जैन, ललितत जैन, महेंद्र कुमार, राजू जैन, दिलीप जैन, राजेश जैन सरल, अमित जैन आदि उपस्थित रहे।