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छत को बगिया बना दिया चिकित्सक दंपती ने
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छत को बगिया बना दिया चिकित्सक दंपती ने
लगा रखे हैं 500 प्रकार से अधिक पौधे, पौधरोपण के लिए लोगों को भी करते हैं प्रेरित
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। प्रकृति से प्रेम के चलते चिकित्सक दंपती डॉ. गौरव अग्रवाल और डॉ. पूनम अग्रवाल ने छत को ही बगिया बना दिया। छत पर देसी-विदेशी फूलों के साथ ही औषधिय पौधे भी लगा रखे हैं। दोनों ने इसकी शुरूआत 15 साल पहले की। दंपती के अनुसार, पर्यावरण संरक्षण के नाते उन्होंने यह कोशिश की। उनसे सीख लेकर कई लोग अब इस कार्य में जुटे हुए हैं।
शहर के स्टेशन रोड निवासी डॉ. गौरव अग्रवाल और डॉ. पूनम अग्रवाल मरीजों के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी जुटे हैं। शहर में हरियाली कम होती देख चिकित्सक दंपती ने छत पर ही 500 से अधिक पौधे लगा रखे हैं। छत भी हरी-भरी दिखती है। दिन की शुरूआत छत पर लगे टेरिस गार्डन से होती है। जो पेड़ अक्सर खेतों में नजर आते हैं, उन पौधों को इन टेरिस गार्डन में देखा जा सकता हैं। बगिया में क्रोटोन, नीम, बरगद, अजवाइन, गुड़हल, गुलाब, रातरानी, बेला के पौधे लगे हैं। बगिया के फूलों की खूशबू भी आसपास के माहौल को खुशनुमा बनाती है। रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली पुदीना, इलायची, नीबू, अजवाइन, तुलसी के पौधे भी उनकी बगिया में फूल रहे हैं। डॉ. गौरव ने बताया कि प्रकृति से सभी को प्यार होना चाहिए। वे हर रोज सुबह एक घंटे से अधिक समय इन पौधों को देते हैं। हर व्यक्ति को पांच पौधे अपने जीवन में जरूर लगाने चाहिए। डॉ. पूनम अग्रवाल बताती हैं कि 15 साल पहले छत पर पौधे लगाने की शुरूआत की। शुरुआत के पीछे पर्यावरण को बचाना मूल मकसद है। उनसे प्रेरणा लेकर मोहल्ले में कई लोगों ने छत पर बगिया बना ली। इससे गर्मियों में भी शीतलता बनी रहती है।
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लगा रखे हैं 500 प्रकार से अधिक पौधे, पौधरोपण के लिए लोगों को भी करते हैं प्रेरित
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। प्रकृति से प्रेम के चलते चिकित्सक दंपती डॉ. गौरव अग्रवाल और डॉ. पूनम अग्रवाल ने छत को ही बगिया बना दिया। छत पर देसी-विदेशी फूलों के साथ ही औषधिय पौधे भी लगा रखे हैं। दोनों ने इसकी शुरूआत 15 साल पहले की। दंपती के अनुसार, पर्यावरण संरक्षण के नाते उन्होंने यह कोशिश की। उनसे सीख लेकर कई लोग अब इस कार्य में जुटे हुए हैं।
शहर के स्टेशन रोड निवासी डॉ. गौरव अग्रवाल और डॉ. पूनम अग्रवाल मरीजों के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी जुटे हैं। शहर में हरियाली कम होती देख चिकित्सक दंपती ने छत पर ही 500 से अधिक पौधे लगा रखे हैं। छत भी हरी-भरी दिखती है। दिन की शुरूआत छत पर लगे टेरिस गार्डन से होती है। जो पेड़ अक्सर खेतों में नजर आते हैं, उन पौधों को इन टेरिस गार्डन में देखा जा सकता हैं। बगिया में क्रोटोन, नीम, बरगद, अजवाइन, गुड़हल, गुलाब, रातरानी, बेला के पौधे लगे हैं। बगिया के फूलों की खूशबू भी आसपास के माहौल को खुशनुमा बनाती है। रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली पुदीना, इलायची, नीबू, अजवाइन, तुलसी के पौधे भी उनकी बगिया में फूल रहे हैं। डॉ. गौरव ने बताया कि प्रकृति से सभी को प्यार होना चाहिए। वे हर रोज सुबह एक घंटे से अधिक समय इन पौधों को देते हैं। हर व्यक्ति को पांच पौधे अपने जीवन में जरूर लगाने चाहिए। डॉ. पूनम अग्रवाल बताती हैं कि 15 साल पहले छत पर पौधे लगाने की शुरूआत की। शुरुआत के पीछे पर्यावरण को बचाना मूल मकसद है। उनसे प्रेरणा लेकर मोहल्ले में कई लोगों ने छत पर बगिया बना ली। इससे गर्मियों में भी शीतलता बनी रहती है।
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