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महानिदेशक ने वसूली की धनराशि चुका कर तीमारदार को शांत कराया
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Sat, 25 Feb 2017 11:27 PM IST
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परिवार कल्याण महानिदेशक ने तीमारदार को पांच सौ रुपये दिए
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परिवार कल्याण की विभाग स्वास्थ्य महानिदेशक डा. नीना गुप्ता ने शनिवार को जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान यहां खामियों पर सीएमएस को आड़े हाथ लिया। वहीं, तीमारदारों से अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने आई। इतना ही नहीं महानिदेशक स्वास्थ्य ने वसूली की धनराशि खुद चुकाकर तीमारदार को शांत किया। उन्होंने ऐसा करने वाले कर्मचारी के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।
परिवार कल्याण विभाग की महानिदेशक स्वास्थ्य सुबह सवा दस बजे जिला महिला अस्पताल पहुंचीं। इस दौरान हसनपुर निवासी पुष्पादेवी ने उनसे अस्पताल में अवैध वसूली की शिकायत की। उसने बताया कि उसकी पुत्रवधू बेबी का प्रसव हुआ। इस दौरान नवजात को काफी परेशानी थी। उसे देखने के बजाय स्वास्थ्यकर्मी छह सौ रुपये मांगने लगा। काफी नोकझोंक के बाद पांच सौ रुपये दिए। इस पर भी उसने उल्टा-सीधा सुनाया। देखरेख के अभाव में बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। उसे प्राइवेट ट्रामा सेंटर में भर्ती कराना पड़ा। इस पर स्वास्थ्य महानिदेशक ने तुरंत ही वसूली की शिकायत पर जांच के आदेश दिए। साथ ही अपने पर्स से पांच सौ रुपये निकालकर शिकायतकर्ता को देकर शांत कराया।
इससे पहले पूरे माह में तीन आपरेशन होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सीएमएस डा. उपमा सिंह को आड़े हाथ लिया। उन्होंने आगामी माह में सुधार न होने पर पूरे स्टाफ का वेतन रोकने के निर्देश दिए। आशा एवं एएनएम का शतप्रतिशत भुगतान करने के आदेश दिए। बायोमेडिकल बेस्ट गंदगी मिलने पर भी महिला सीएमएस को फटकारा। ओपीडी का निरीक्षण के दौरान एक कक्ष में तीन चिकित्सक बैठे देख उन्हें अलग-अलग कक्ष में बैठने को हिदायत दी। महानिदेशक ने एसएनसीयू,केएचसी वार्ड का निरीक्षण भी किया। जिला अस्पताल की पैथोलाजी का निरीक्षण किया। स्टाफ यूनीफार्म में नहीं दिखने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ब्लड बैंक में भी निरीक्षण किया। इसी दौरान शासन से आए फार्मासिस्टों ने महानिदेशक को ज्ञापन देकर वेतन दिलाने की मांग भी रखी। सीएमओ डा. एसके दीक्षित,सीएमएस डा.अजय अग्रवाल,महिला सीएमएस डा. उपमा सिंह,डा.एलके गुप्ता, डा.नवीन जैन आदि मौजूद थे।
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अवैध वसूली की जांच कराएंगे। मैंने पीड़िता को इसलिए रुपये दिए हैं कि अधिकारी इसकी गंभीरता से जांच करें। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मानव संसाधन की कमी के कारण अभी तक सौ बेड वाला अस्पताल चालू नहीं किया जा सका है। जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारी जाएगी।
डा. नीना गुप्ता, स्वास्थ्य महानिदेशक परिवार कल्याण विभाग
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परिवार कल्याण विभाग की महानिदेशक स्वास्थ्य सुबह सवा दस बजे जिला महिला अस्पताल पहुंचीं। इस दौरान हसनपुर निवासी पुष्पादेवी ने उनसे अस्पताल में अवैध वसूली की शिकायत की। उसने बताया कि उसकी पुत्रवधू बेबी का प्रसव हुआ। इस दौरान नवजात को काफी परेशानी थी। उसे देखने के बजाय स्वास्थ्यकर्मी छह सौ रुपये मांगने लगा। काफी नोकझोंक के बाद पांच सौ रुपये दिए। इस पर भी उसने उल्टा-सीधा सुनाया। देखरेख के अभाव में बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। उसे प्राइवेट ट्रामा सेंटर में भर्ती कराना पड़ा। इस पर स्वास्थ्य महानिदेशक ने तुरंत ही वसूली की शिकायत पर जांच के आदेश दिए। साथ ही अपने पर्स से पांच सौ रुपये निकालकर शिकायतकर्ता को देकर शांत कराया।
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इससे पहले पूरे माह में तीन आपरेशन होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सीएमएस डा. उपमा सिंह को आड़े हाथ लिया। उन्होंने आगामी माह में सुधार न होने पर पूरे स्टाफ का वेतन रोकने के निर्देश दिए। आशा एवं एएनएम का शतप्रतिशत भुगतान करने के आदेश दिए। बायोमेडिकल बेस्ट गंदगी मिलने पर भी महिला सीएमएस को फटकारा। ओपीडी का निरीक्षण के दौरान एक कक्ष में तीन चिकित्सक बैठे देख उन्हें अलग-अलग कक्ष में बैठने को हिदायत दी। महानिदेशक ने एसएनसीयू,केएचसी वार्ड का निरीक्षण भी किया। जिला अस्पताल की पैथोलाजी का निरीक्षण किया। स्टाफ यूनीफार्म में नहीं दिखने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ब्लड बैंक में भी निरीक्षण किया। इसी दौरान शासन से आए फार्मासिस्टों ने महानिदेशक को ज्ञापन देकर वेतन दिलाने की मांग भी रखी। सीएमओ डा. एसके दीक्षित,सीएमएस डा.अजय अग्रवाल,महिला सीएमएस डा. उपमा सिंह,डा.एलके गुप्ता, डा.नवीन जैन आदि मौजूद थे।
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अवैध वसूली की जांच कराएंगे। मैंने पीड़िता को इसलिए रुपये दिए हैं कि अधिकारी इसकी गंभीरता से जांच करें। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मानव संसाधन की कमी के कारण अभी तक सौ बेड वाला अस्पताल चालू नहीं किया जा सका है। जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारी जाएगी।
डा. नीना गुप्ता, स्वास्थ्य महानिदेशक परिवार कल्याण विभाग