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कंथरी में डायरिया का प्रकोप, दो सौ लोग बीमार
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Mon, 22 May 2017 11:09 PM IST
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डायरिया की सूचना पर पहुंची मेडिकल टीम।
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कंथरी गांव में डायरिया ने पैर पसार लिया है। इसकी चपेट में गांव के करीब दो सौ लोग आ चुके हैं। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि दो दिन पहले गांव में शादी थी। इसमें दावत खाने के बाद से ही लोग शिकार होने शुरू हो गए। हालत खराब होने पर लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं कुछ लोग अपने घर में ही उपचार करा रहे हैं। सूचना पर सोमवार की सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और कैंप लगाकर मरीजों को दवाएं बांटीं।
कंथरी गांव में डायरिया के चलते लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। इससे कई लोगों की हालत बिगड़ गई। उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ लोग झोलाछापों के पास इलाज कराने चले गए। ग्राम प्रधान विजय सिंह ने गांव में फैली बीमारी की जानकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरांव को दी। मुख्य चिकित्साधिकारी एसके दीक्षित ने सोमवार को पीएचसी अरांव के डा. दीन दयाल के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम को रवाना कर दिया। टीम ने गांव के प्राथमिक विद्यालय में कैंप लगा कर ग्रामीणों का चेकअप किया और दवाइयां बांटी। सीएमएस शिव कुमार का कहना है कि ग्रामीणों को डायरिया और डीहाईड्रेशन की शिकायत है। मौके पर कैंप लगाकर उनका इलाज किया गया। अब स्थिति नियंत्रण में है।
पानी किया चेक
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर कई घरों का पानी चेक किया। पानी की गुणवत्ता भी काफी खराब निकली। साथ ही गांव में फैली गंदगी को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। डा. महेश चंद्र ने बताया कि गांव में लगभग दो सौ मरीजों को दवाएं दी गईं हैं। गांव में सभी लोगों को क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस घोल बांटा गया है। इसके साथ ही उल्टी, दस्त और बुखार की दवा भी दी गई है।
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कंथरी गांव में डायरिया के चलते लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। इससे कई लोगों की हालत बिगड़ गई। उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ लोग झोलाछापों के पास इलाज कराने चले गए। ग्राम प्रधान विजय सिंह ने गांव में फैली बीमारी की जानकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरांव को दी। मुख्य चिकित्साधिकारी एसके दीक्षित ने सोमवार को पीएचसी अरांव के डा. दीन दयाल के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम को रवाना कर दिया। टीम ने गांव के प्राथमिक विद्यालय में कैंप लगा कर ग्रामीणों का चेकअप किया और दवाइयां बांटी। सीएमएस शिव कुमार का कहना है कि ग्रामीणों को डायरिया और डीहाईड्रेशन की शिकायत है। मौके पर कैंप लगाकर उनका इलाज किया गया। अब स्थिति नियंत्रण में है।
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पानी किया चेक
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर कई घरों का पानी चेक किया। पानी की गुणवत्ता भी काफी खराब निकली। साथ ही गांव में फैली गंदगी को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। डा. महेश चंद्र ने बताया कि गांव में लगभग दो सौ मरीजों को दवाएं दी गईं हैं। गांव में सभी लोगों को क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस घोल बांटा गया है। इसके साथ ही उल्टी, दस्त और बुखार की दवा भी दी गई है।
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