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सूचनाओं के बावजूद आवास पर सोते रहे एसओ नगला सिंघी
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sat, 05 Dec 2015 11:28 PM IST
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एसएचओ को चुनाव में गड़बड़ी की आशंका की सूचना देने पहुंचे तेजवीर को अपनी जान गवांनी पड़ी। पुलिस की पिटाई ने उसके मनोबल के साथ कानून से जनता के विश्वास को तोड़ दिया। जनता की सेवा में 24 घंटे तत्पर रहने का पुलिस के दावों की पोल रात को पहुंचे प्रत्याशी समर्थकों के साथ हुए व्यवहार ने खोल दी। एसएचओ के फोन न उठाने के बाद ग्रामीणों ने एसएसपी और डीएम समेत अन्य अधिकारियों को मामले से अवगत कराया लेकिन किसी के नहीं सुनने पर वह थाने पहुंचा और फिर लौटकर घर नहीं आ सका।
टूंडला के थाना नगला सिंघी क्षेत्र को प्रशासन ने शुरू से संवेदनशील माना लेकिन एसएचओ मुकेश कुमार की असंवेदनशीलता ने एक वृद्ध की जान ले ली। एसओ के आवास पर पहुंचे तेजवीर न्याय के लिए गुहार लगाता रहा और पुलिस उस पर लाठियां बरसाती रही। जिला मुख्यालय पर बैठे खाकी के मुखिया महज फोन उठाकर सांत्वना देते रहे। यदि मामले की गंभीरता समझी जाती और कार्रवाई के निर्देश दिए होते तो शायद उसकी जान बच जाती। पुलिस के साथ तेजवीर सिंह का शव लेकर जिला अस्पताल पहुंचे मृतक के बेटे हेमंत चौहान और महिला प्रधान प्रत्याशी कल्पना चौहान के जेठ संतोष कुमार का कहना था कि ग्राम पंचायत नगला सिंघी का एक बूथ प्रशासन ने गांव पीपरिया में बनाया था। यह ग्राम पंचायत नगला सिंघी से करीब 15 किमी दूर है। यह गांव यमुना की तलहटी पर बसा है। यहां मल्लाह जाति के लोगों का वर्चस्व है। वहीं नगला सिंघी ग्राम पंचायत से मल्लाह जाति के तीन प्रत्याशी भी प्रधानी का चुनाव लड़ रहे थे। इसलिए इस बूथ पर कैप्चरिंग होने की जानकारी शुक्रवार सुबह से ही मिलना शुरू हो गई थी। देर शाम कुछ प्रत्याशियों द्वारा वोट के बदले रुपये बांटने के साथ ही दावत भी दी जा रही थी। इससे बूथ कैप्चरिंग की संभावना भी बलवली हो रही थी। इसकी जानकारी देर रात पुलिस कप्तान के साथ थाना पुलिस से भी की गई थी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इसको लेकर महिला प्रत्याशी समर्थकों के साथ नगला सिंघी थाना पहुंची। यहां पुलिस ने न्याय देने के स्थान पर वृद्ध को थर्ड डिग्री देना शुरू कर दिया। पुलिस द्वारा की गई अभद्रता और मारपीट की जानकारी देर रात एसएसपी फीरोजाबाद को भी दी थी, फिर भी पुलिस अधीक्षक द्वारा थानाध्यक्ष को कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए। यदि पुलिस अधीक्षक समय रहते कार्रवाई करने के आदेश थानाध्यक्ष नगला सिंघी को देते तो वृद्ध की जान नहीं जानती।
रात को ही छावनी बना दिया था थाना
कोतवाल की थर्ड डिग्री से हुई किसान की मौत के बाद थाने छावनी में तब्दील कर दिया गया था। नगर क्षेत्र के थानेदारों के साथ टूंडला और सर्किल के थानेदार फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए थे।
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प्रत्याशी के परिजनों को भी बैठाया थाने में
पीड़ित परिवारीजनों का आरोप है कि वे शिकायत करने थाने गए थे, लेकिन पुलिस ने उन पर शांतिभंग का आरोप लगाते हुए थाने में बैठा लिया। यदि वृद्ध के साथ घटना नहीं होती तो पुलिस प्रत्याशी और उसके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेज देती।
चार बेटों के सिर से उठा पिता का साया
पुलिस की थर्ड डिग्री के बाद मौत के आगोश में सोए तेजवीर सिंह के बेटों के सिर से पिता का साया उठ गया। तेजवीर सिंह के चार बेटे सपन, मिथुन, प्रवीन और धर्मेंद्र है। ये सभी पिता के साथ खेती बाड़ी करकेे परिवार का भरण पोषण करते है।
बेटे ने दर्ज कराया हत्या का मुकदमा
मृतक तेजवीर सिंह के बेटे धर्मेंद्र ने पिता की हत्या का आरोप कोतवाल मुकेश कुमार और सिपाही राजेंद्र पर लगाते हुए नगला सिंघी पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 302, 504 और 506 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच सीओ टूंडला को सौंपी गई है। पुलिस जांच उपरांत दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह रही है।
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टूंडला के थाना नगला सिंघी क्षेत्र को प्रशासन ने शुरू से संवेदनशील माना लेकिन एसएचओ मुकेश कुमार की असंवेदनशीलता ने एक वृद्ध की जान ले ली। एसओ के आवास पर पहुंचे तेजवीर न्याय के लिए गुहार लगाता रहा और पुलिस उस पर लाठियां बरसाती रही। जिला मुख्यालय पर बैठे खाकी के मुखिया महज फोन उठाकर सांत्वना देते रहे। यदि मामले की गंभीरता समझी जाती और कार्रवाई के निर्देश दिए होते तो शायद उसकी जान बच जाती। पुलिस के साथ तेजवीर सिंह का शव लेकर जिला अस्पताल पहुंचे मृतक के बेटे हेमंत चौहान और महिला प्रधान प्रत्याशी कल्पना चौहान के जेठ संतोष कुमार का कहना था कि ग्राम पंचायत नगला सिंघी का एक बूथ प्रशासन ने गांव पीपरिया में बनाया था। यह ग्राम पंचायत नगला सिंघी से करीब 15 किमी दूर है। यह गांव यमुना की तलहटी पर बसा है। यहां मल्लाह जाति के लोगों का वर्चस्व है। वहीं नगला सिंघी ग्राम पंचायत से मल्लाह जाति के तीन प्रत्याशी भी प्रधानी का चुनाव लड़ रहे थे। इसलिए इस बूथ पर कैप्चरिंग होने की जानकारी शुक्रवार सुबह से ही मिलना शुरू हो गई थी। देर शाम कुछ प्रत्याशियों द्वारा वोट के बदले रुपये बांटने के साथ ही दावत भी दी जा रही थी। इससे बूथ कैप्चरिंग की संभावना भी बलवली हो रही थी। इसकी जानकारी देर रात पुलिस कप्तान के साथ थाना पुलिस से भी की गई थी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इसको लेकर महिला प्रत्याशी समर्थकों के साथ नगला सिंघी थाना पहुंची। यहां पुलिस ने न्याय देने के स्थान पर वृद्ध को थर्ड डिग्री देना शुरू कर दिया। पुलिस द्वारा की गई अभद्रता और मारपीट की जानकारी देर रात एसएसपी फीरोजाबाद को भी दी थी, फिर भी पुलिस अधीक्षक द्वारा थानाध्यक्ष को कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए। यदि पुलिस अधीक्षक समय रहते कार्रवाई करने के आदेश थानाध्यक्ष नगला सिंघी को देते तो वृद्ध की जान नहीं जानती।
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रात को ही छावनी बना दिया था थाना
कोतवाल की थर्ड डिग्री से हुई किसान की मौत के बाद थाने छावनी में तब्दील कर दिया गया था। नगर क्षेत्र के थानेदारों के साथ टूंडला और सर्किल के थानेदार फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए थे।
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प्रत्याशी के परिजनों को भी बैठाया थाने में
पीड़ित परिवारीजनों का आरोप है कि वे शिकायत करने थाने गए थे, लेकिन पुलिस ने उन पर शांतिभंग का आरोप लगाते हुए थाने में बैठा लिया। यदि वृद्ध के साथ घटना नहीं होती तो पुलिस प्रत्याशी और उसके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेज देती।
चार बेटों के सिर से उठा पिता का साया
पुलिस की थर्ड डिग्री के बाद मौत के आगोश में सोए तेजवीर सिंह के बेटों के सिर से पिता का साया उठ गया। तेजवीर सिंह के चार बेटे सपन, मिथुन, प्रवीन और धर्मेंद्र है। ये सभी पिता के साथ खेती बाड़ी करकेे परिवार का भरण पोषण करते है।
बेटे ने दर्ज कराया हत्या का मुकदमा
मृतक तेजवीर सिंह के बेटे धर्मेंद्र ने पिता की हत्या का आरोप कोतवाल मुकेश कुमार और सिपाही राजेंद्र पर लगाते हुए नगला सिंघी पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 302, 504 और 506 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच सीओ टूंडला को सौंपी गई है। पुलिस जांच उपरांत दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह रही है।