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रामलीला देखने उमड़े दर्शक
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 16 Nov 2015 11:11 PM IST
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थाना नगला सिंघी के गांव गढ़ी थानी में आयोजित हुई रामलीला के मंचन में भगवान राम, सीता व उनके भाइयों के अयोध्या पहुंचने की लीला की गई। भगवान राम का जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान राम भक्त जोरदार जयकारे लगाते नजर आए।
लीला में श्रीराम, सीता व उनके भाई जैसे ही अयोध्या पहुंचते हैं वैसे ही पूरी अयोध्या खुशी से झूम उठता है। अयोध्यावासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इससे पूर्व रानी कैकयी के साथ आयी उसकी बांदी मंथरा कैकयी को भड़काती है कि वह अपने पुत्र के लिए राजगद्दी व राम को वनवास मांगे। इस पर कैकयी मंथरा की बातों में आकर कोप भवन में पहुंच जाती है। वहीं राजा दशरथ को कैकयी के कोप भवन में होने की जानकारी मिलती है, तो वह कोप भवन पहुंचकर रानी कैकैयी से उनकी नाराजगी का कारण पूछते हैं। इस पर कैकयी अपने पुत्र भरत को राजगद्दी व राम को 14 वर्ष का वनवास मांगती है। कैकयी की यह बात सुनकर दशरथ उसे समझाते का प्रयास करते हैं, लेकिन वह पूर्व में दिए वचन को याद दिलाते हुए राजा जनक से ‘रघुकुल रीति सदा चलि आयी प्राण जाय पर बचन न जाई’ की बात कहते हुए पुत्र के लिए राजगद्दी व राम के लिए वनवास मांग लेती है।
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लीला में श्रीराम, सीता व उनके भाई जैसे ही अयोध्या पहुंचते हैं वैसे ही पूरी अयोध्या खुशी से झूम उठता है। अयोध्यावासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इससे पूर्व रानी कैकयी के साथ आयी उसकी बांदी मंथरा कैकयी को भड़काती है कि वह अपने पुत्र के लिए राजगद्दी व राम को वनवास मांगे। इस पर कैकयी मंथरा की बातों में आकर कोप भवन में पहुंच जाती है। वहीं राजा दशरथ को कैकयी के कोप भवन में होने की जानकारी मिलती है, तो वह कोप भवन पहुंचकर रानी कैकैयी से उनकी नाराजगी का कारण पूछते हैं। इस पर कैकयी अपने पुत्र भरत को राजगद्दी व राम को 14 वर्ष का वनवास मांगती है। कैकयी की यह बात सुनकर दशरथ उसे समझाते का प्रयास करते हैं, लेकिन वह पूर्व में दिए वचन को याद दिलाते हुए राजा जनक से ‘रघुकुल रीति सदा चलि आयी प्राण जाय पर बचन न जाई’ की बात कहते हुए पुत्र के लिए राजगद्दी व राम के लिए वनवास मांग लेती है।
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