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माउथ ब्लोइंग इकाईयों में भी अब छाने लगी मंदी ी
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रफ़रोजाबाद ! औद्योगिक क्षेत्र स्थित माउथ ब्लोइंग कारखाने में काम करते श्रमिक
- फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। तेजी से पांव पसार रहे कोरोना और ऑमिक्रोन के कारण शहर की माउथ ब्लोइंग इकाईयों में उत्पादन की प्रक्रिया प्रभावित हो गई है। खास तौर पर सहालग, मेला-हॉट में बिक्री योग्य कांच गिफ्ट आयटम का उत्पादन कम होने के साथ ही करोड़ों रुपये की लागत वाले निर्यात योग्य कांच उत्पादों के करोड़ों रुपये के आर्डर भी स्थगित हो गए हैं।
शहर में विभिन्न किस्म के कांच गिफ्ट आयटम, निर्यात योग्य कांच उत्पाद और इलेक्ट्रिक शेड, झूमर, कांच फ्लोवर पॉट बनाने वाले करीब 20 माउथ ब्लोइंग इकाईयां संचालित हैं। इन सभी इकाईयों पर भी अब कोरोना व ऑमिक्रोन के नये वैरियंट की मार है। कांच कारोबारियों की माने तो मेला और हस्तशिल्प प्रदर्शनी पर रोक, शादी-साहलग पर लगी पाबंदी ने बड़ा असर डाला है। इसके कारण शादी समारोह में जगमगाने वाले इलेक्ट्रिक शेड, कांच फ्लोवर पॉट, झूमर आदि की डिमांड ठप हो चुकी है। वहीं, देश के प्रमुख होटलों, कॉरपोरेट घरानों आदि में बिकने वाले फैंसी व कट पॉलिस ग्लास के आर्डर निरस्त हो चुके हैं। उपरोक्त कारणों से मंदी की मार से हलकान इन सभी इकाईयों और सप्लायर्स पर अब विदेशों से मिले कांच उत्पादों के आर्डर स्थगन से बड़ा असर पड़ा है। अधिकांश इकाईयों ने आर्डर नहीं मिलने के कारण 50 प्रतिशत उत्पादन कम कर दिया। खास बात है कि इसका सीधा असर माउथ ब्लोइंग कारीगरों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
लगभग 50 करोड़ के आर्डरों पर रोक
माउथ ब्लोइंग इंडस्ट्रीज संचालक और सप्लायर्स की माने तो देश-विदेश में कोरोना और ऑमिक्रोन संक्रमण फैलने के कारण लगभग 50 करोड़ रुपये के आर्डरों पर ब्रेक लग गए हैं। जिन आर्डरों पर ब्रेक लगे हैं, उनमें उच्च स्तरीय होटलों में खपाये जाने वाले फैंसी पॉलिस वाले कट ग्लास, कांच के कप-प्लेट, जार, फ्लोवर पॉट, किचिन शेट के अतिरिक्त विदेशों से मिलने वाले अलग-अलग किस्म व डिजाइन के कांच उत्पाद शामिल हैं।
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फैंसी और एक्सपोर्ट आयटम वाली बड़ी माउथ ब्लोइंग इकाई-
मैसर्स रचना ग्लास, हाई लाइट, एनआर ग्लास, एडवांस ग्लास, क्वालिटी ग्लास, सीताराम ग्लास, जगदंबा ग्लास, नेहा ग्लास, श्याम ग्लास के अलावा विशेष ग्लास आदि।
कारखानेदारों की बात-
देश के प्रमुख शहरों बंगलूरू, मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, मैसूर, अगरत्तला, लखनऊ जयपुर, उत्तराखंड आदि में संचालित होटलों व रिसोर्ट के अतिरिक्त विदेशों से फैंसी ग्लास, गिफ्ट आयटम और किचिन सेट की डिमांड दस प्रतिशत भी नहीं रही। उत्पादन प्रक्रिया को धीमा करने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
अभिषेक मित्तल चंचल, पदाधिकारी, द इंडस्ट्रीरियल कॉपरेटिव सोसायटी
जैसे-जैसे कोविड गाइड लाइन जारी हो रहीं हैं। वैसे-वैसे कांच उत्पादों के खरीदार अथवा ग्राहक भी बाजार से छिटक रहे हैं। वर्तमान स्थिति में माउथ ब्लोइंग इकाईयों में उत्पादन प्रक्रिया रेंग रही है।
- हेमंत अग्रवाल अध्यक्ष लघु उद्योग भारती
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शहर में विभिन्न किस्म के कांच गिफ्ट आयटम, निर्यात योग्य कांच उत्पाद और इलेक्ट्रिक शेड, झूमर, कांच फ्लोवर पॉट बनाने वाले करीब 20 माउथ ब्लोइंग इकाईयां संचालित हैं। इन सभी इकाईयों पर भी अब कोरोना व ऑमिक्रोन के नये वैरियंट की मार है। कांच कारोबारियों की माने तो मेला और हस्तशिल्प प्रदर्शनी पर रोक, शादी-साहलग पर लगी पाबंदी ने बड़ा असर डाला है। इसके कारण शादी समारोह में जगमगाने वाले इलेक्ट्रिक शेड, कांच फ्लोवर पॉट, झूमर आदि की डिमांड ठप हो चुकी है। वहीं, देश के प्रमुख होटलों, कॉरपोरेट घरानों आदि में बिकने वाले फैंसी व कट पॉलिस ग्लास के आर्डर निरस्त हो चुके हैं। उपरोक्त कारणों से मंदी की मार से हलकान इन सभी इकाईयों और सप्लायर्स पर अब विदेशों से मिले कांच उत्पादों के आर्डर स्थगन से बड़ा असर पड़ा है। अधिकांश इकाईयों ने आर्डर नहीं मिलने के कारण 50 प्रतिशत उत्पादन कम कर दिया। खास बात है कि इसका सीधा असर माउथ ब्लोइंग कारीगरों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
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लगभग 50 करोड़ के आर्डरों पर रोक
माउथ ब्लोइंग इंडस्ट्रीज संचालक और सप्लायर्स की माने तो देश-विदेश में कोरोना और ऑमिक्रोन संक्रमण फैलने के कारण लगभग 50 करोड़ रुपये के आर्डरों पर ब्रेक लग गए हैं। जिन आर्डरों पर ब्रेक लगे हैं, उनमें उच्च स्तरीय होटलों में खपाये जाने वाले फैंसी पॉलिस वाले कट ग्लास, कांच के कप-प्लेट, जार, फ्लोवर पॉट, किचिन शेट के अतिरिक्त विदेशों से मिलने वाले अलग-अलग किस्म व डिजाइन के कांच उत्पाद शामिल हैं।
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फैंसी और एक्सपोर्ट आयटम वाली बड़ी माउथ ब्लोइंग इकाई-
मैसर्स रचना ग्लास, हाई लाइट, एनआर ग्लास, एडवांस ग्लास, क्वालिटी ग्लास, सीताराम ग्लास, जगदंबा ग्लास, नेहा ग्लास, श्याम ग्लास के अलावा विशेष ग्लास आदि।
कारखानेदारों की बात-
देश के प्रमुख शहरों बंगलूरू, मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, मैसूर, अगरत्तला, लखनऊ जयपुर, उत्तराखंड आदि में संचालित होटलों व रिसोर्ट के अतिरिक्त विदेशों से फैंसी ग्लास, गिफ्ट आयटम और किचिन सेट की डिमांड दस प्रतिशत भी नहीं रही। उत्पादन प्रक्रिया को धीमा करने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
अभिषेक मित्तल चंचल, पदाधिकारी, द इंडस्ट्रीरियल कॉपरेटिव सोसायटी
जैसे-जैसे कोविड गाइड लाइन जारी हो रहीं हैं। वैसे-वैसे कांच उत्पादों के खरीदार अथवा ग्राहक भी बाजार से छिटक रहे हैं। वर्तमान स्थिति में माउथ ब्लोइंग इकाईयों में उत्पादन प्रक्रिया रेंग रही है।
- हेमंत अग्रवाल अध्यक्ष लघु उद्योग भारती