{"_id":"61364cb68ebc3ec91f25bb23","slug":"dengue-and-viral-put-brake-on-bangle-tie-firozabad-news-agr506542396","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू व वायरल ने लगाया चूड़ी जुड़ाई पर ब्रेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू व वायरल ने लगाया चूड़ी जुड़ाई पर ब्रेक
विज्ञापन
रफ़रोजाबाद ! सदर बाजार स्थित एक दुकान पर सजी चूड़ियां
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। श्रमिक बस्तियों में डेंगू और वायरल ने सुहागनगरी के कांच कारोबार जगत की दुश्वरियां बढ़ा दी हैं। शहर के लगभग 12 प्रमुख श्रमिक बस्तियों में चूड़ी जुड़ाई का काम पूरी तरह से ठप है। ऐसे में समय से जुड़ाई नहीं मिल पाने के कारण गोदाम स्वामी फैंसी चूड़ी तैयार नहीं करा पा रहे हैं।
नगर निगम क्षेत्र में स्थित 12 श्रमिक बस्तियों में डेंगू और वायरल के कारण घर-घर चरपाई बिछी हैं। मलिन और दलित बाहुल्य बस्तियों में बहुसंख्यक आबादी चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों की है। अधिकांश परिवारों की आजीविका चूड़ी जुड़ाई के माध्यम से होती है लेकिन डेंगू और वायरल से जूझ रहे श्रमिक चूड़ी जुड़ाई कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
इसका सीधा असर शहर में फैंसी चूड़ी और कांच के कड़े बनाने वाले गोदाम स्वामियों एवं कारखानेदारों पर पड़ रहा है। समय से जुड़ाई नहीं मिल पाने के कारण गोदामों में फैंसी चूड़ी तैयार नहीं हो पा रही है। कारखानेदार भी जुड़ाई वाली सादा चूड़ी स्टॉक पर सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
----
इन श्रमिक बस्तियों में चूडी जुडाई का काम ठप-
एलान नगर, जमुना नगर, गंगा नगर, आनंद नगर, झलकारी नगर, कौशल्या नगर, इंद्रा नगर, मालवीय नगर, करबला, न्यू अंबेडकर नगर में बहुसंख्यक आबादी जुड़ाई श्रमिकों की है। इन करीब 12 बस्तियों में लगभग 25 से 30 हजार जुड़ाई श्रमिक रहते हैं। वायरल और डेंगू के कारण इन बस्तियों में फिलहाल चूड़ी की खनक मंद पड़ गई है।
---
कारखानेदारों की बात-
बीमारी के कारण चूड़ी श्रमिक समय से जुड़ाई जमा नहीं करा पा रहे। जुड़ाई श्रमिक निर्बल आय वर्ग से ताल्लुक रखते हैं तो उनकी आजीविका भी प्रभावित है। कुछ श्रमिक बीमारी का हवाला देकर एडवांस की मांग भी कर रहे हैं।
संजय जैन घंटू चूड़ी कारखानेदार
----
श्रमिकों की आजीविका का मुख्य साधन चूड़ी जुड़ाई है। बीमारी के कारण जुड़ाई श्रमिक कामकाज नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में श्रमिक बस्तियों के अधिकांश परिवारों में अब चौका-चूल्हा भी नहीं जल पा रहा हैं।
रामदास मानव चूडी जुडाई श्रमिक नेता
--
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर बाजार सुस्त रहने के कारण जुड़ाई श्रमिकों को पूरा काम नहीं मिला। कुछ कारखानेदार जुड़ाई श्रमिकों का लंबित भुगतान नहीं कर रहे है। जबकि जुड़ाई श्रमिक और उनके परिजन बीमारी से जूझ रहे हैं। श्रम विभाग व जिला के अफसर श्रमिकों का लंबित भुगतान कराएं।
राधा देवी शंखवार त्रिपक्षीय वार्ता में शामिल जुड़ाई श्रमिक
विज्ञापन
नगर निगम क्षेत्र में स्थित 12 श्रमिक बस्तियों में डेंगू और वायरल के कारण घर-घर चरपाई बिछी हैं। मलिन और दलित बाहुल्य बस्तियों में बहुसंख्यक आबादी चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों की है। अधिकांश परिवारों की आजीविका चूड़ी जुड़ाई के माध्यम से होती है लेकिन डेंगू और वायरल से जूझ रहे श्रमिक चूड़ी जुड़ाई कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
इसका सीधा असर शहर में फैंसी चूड़ी और कांच के कड़े बनाने वाले गोदाम स्वामियों एवं कारखानेदारों पर पड़ रहा है। समय से जुड़ाई नहीं मिल पाने के कारण गोदामों में फैंसी चूड़ी तैयार नहीं हो पा रही है। कारखानेदार भी जुड़ाई वाली सादा चूड़ी स्टॉक पर सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
----
इन श्रमिक बस्तियों में चूडी जुडाई का काम ठप-
एलान नगर, जमुना नगर, गंगा नगर, आनंद नगर, झलकारी नगर, कौशल्या नगर, इंद्रा नगर, मालवीय नगर, करबला, न्यू अंबेडकर नगर में बहुसंख्यक आबादी जुड़ाई श्रमिकों की है। इन करीब 12 बस्तियों में लगभग 25 से 30 हजार जुड़ाई श्रमिक रहते हैं। वायरल और डेंगू के कारण इन बस्तियों में फिलहाल चूड़ी की खनक मंद पड़ गई है।
---
कारखानेदारों की बात-
बीमारी के कारण चूड़ी श्रमिक समय से जुड़ाई जमा नहीं करा पा रहे। जुड़ाई श्रमिक निर्बल आय वर्ग से ताल्लुक रखते हैं तो उनकी आजीविका भी प्रभावित है। कुछ श्रमिक बीमारी का हवाला देकर एडवांस की मांग भी कर रहे हैं।
संजय जैन घंटू चूड़ी कारखानेदार
----
श्रमिकों की आजीविका का मुख्य साधन चूड़ी जुड़ाई है। बीमारी के कारण जुड़ाई श्रमिक कामकाज नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में श्रमिक बस्तियों के अधिकांश परिवारों में अब चौका-चूल्हा भी नहीं जल पा रहा हैं।
रामदास मानव चूडी जुडाई श्रमिक नेता
--
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर बाजार सुस्त रहने के कारण जुड़ाई श्रमिकों को पूरा काम नहीं मिला। कुछ कारखानेदार जुड़ाई श्रमिकों का लंबित भुगतान नहीं कर रहे है। जबकि जुड़ाई श्रमिक और उनके परिजन बीमारी से जूझ रहे हैं। श्रम विभाग व जिला के अफसर श्रमिकों का लंबित भुगतान कराएं।
राधा देवी शंखवार त्रिपक्षीय वार्ता में शामिल जुड़ाई श्रमिक