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ग्लास इंडस्ट्रीज के आफिस में तोड़फोड़, आगजनी
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 20 Jun 2016 10:36 PM IST
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ग्लास इंडस्ट्रीज के कार्यालय में रविवार रात आग लग गई
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कांच उद्योग आफिस के सामने ग्लास सेल इंडस्ट्रीज के आफिस में रविवार रात अज्ञात लोगों द्वारा तोड़फोड़ कर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग की लपटों के बीच आफिस में लगा फर्नीचर और जरूरी दस्तावेज जल गए। सूचना पर पुलिस के साथ फायर विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। पुलिस मामले की जांच करने की बात कह रही है।
शहर की पाश कालोनी गणेश नगर निवासी धर्मेंद्र मोहन गुप्ता और रामकिशोर गुप्ता शनिवार रात आफिस बंद कराकर घर चले गए थे। रविवार रात करीब 12 बजे आफिस के अंदर से आग की लपटों के साथ निकलते धुंए को देख आसपास निवास करने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। उन्होंने धर्मेंद्र मोहन गुप्ता और रामकिशोर गुप्ता को सूचना देने के साथ ही फायर विभाग को अवगत कराया। आग की सूचना पर फायर विभाग की गाड़ी और दक्षिण थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। फायर विभाग के कर्मचारियों ने अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया। आग की लपटों के बीच आफिस में रखे दस्तावेज और फर्नीचर पूरी तरह जल गया था। पुलिस ने आफिस का निरीक्षण किया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आफिस के पीछे लगे गेट और जंगले टूटे पडे़ थे। एक स्थान पर पेट्रोल की कैन रखी हुई थी। दस्तावेजों को स्टोर से निकाल कर लाइन से पूरे आफिस में रखा गया था। फर्नीचर के साथ कागजों पर पेट्रोल डालकर आग लगाई गई थी। आग लगाने से पूर्व आरोपियों द्वारा फर्नीचर के साथ अलमारियों में लगे शीशों के साथ अन्य सामान के साथ तोड़फोड़ भी की गई थी। कोतवाल दक्षिण का कहना है कि पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर जांच की जाएगी, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोतवाल दक्षिण का कहना है कि प्रापर्टी को लेकर भी विवाद चला आ रहा है। इस बिंदु पर भी जांच की जाएगी।
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शहर की पाश कालोनी गणेश नगर निवासी धर्मेंद्र मोहन गुप्ता और रामकिशोर गुप्ता शनिवार रात आफिस बंद कराकर घर चले गए थे। रविवार रात करीब 12 बजे आफिस के अंदर से आग की लपटों के साथ निकलते धुंए को देख आसपास निवास करने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। उन्होंने धर्मेंद्र मोहन गुप्ता और रामकिशोर गुप्ता को सूचना देने के साथ ही फायर विभाग को अवगत कराया। आग की सूचना पर फायर विभाग की गाड़ी और दक्षिण थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। फायर विभाग के कर्मचारियों ने अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया। आग की लपटों के बीच आफिस में रखे दस्तावेज और फर्नीचर पूरी तरह जल गया था। पुलिस ने आफिस का निरीक्षण किया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आफिस के पीछे लगे गेट और जंगले टूटे पडे़ थे। एक स्थान पर पेट्रोल की कैन रखी हुई थी। दस्तावेजों को स्टोर से निकाल कर लाइन से पूरे आफिस में रखा गया था। फर्नीचर के साथ कागजों पर पेट्रोल डालकर आग लगाई गई थी। आग लगाने से पूर्व आरोपियों द्वारा फर्नीचर के साथ अलमारियों में लगे शीशों के साथ अन्य सामान के साथ तोड़फोड़ भी की गई थी। कोतवाल दक्षिण का कहना है कि पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर जांच की जाएगी, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोतवाल दक्षिण का कहना है कि प्रापर्टी को लेकर भी विवाद चला आ रहा है। इस बिंदु पर भी जांच की जाएगी।
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