{"_id":"578136d24f1c1bb65b7f99b5","slug":"former-mla-ram-prakash-yadav-out-on-bail","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व विधायक रामप्रकाश यादव जमानत पर जेल से बाहर ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पूर्व विधायक रामप्रकाश यादव जमानत पर जेल से बाहर
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sat, 09 Jul 2016 11:15 PM IST
विज्ञापन
जेल से बाहर आने के बाद पूर्व विधायक का स्वागत किया गया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपहरण के मामले में सजा काट रहे जसराना के पूर्व विधायक रामप्रकाश यादव हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा हो गए। समर्थकों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर झूठे मुकदमे सत्ता के दबाव में लगाए गए थे। उस व्यक्ति के मामले में मुझे नामजद किया, जो खुद अपराधी था। आगामी क्या रणनीति होगी के सवाल पर कहा कि जनता के मध्य जाकर फैसला करेंगे।
थाना एका के नगला भजना निवासी प्रमोद कुमार पुत्र यादराम का अपहरण और हत्या के मामले में 31 दिसंबर 2001 को नगला गजू निवासी पूर्व विधायक (निर्दलीय) रामप्रकाश यादव, राजवीर एवं नगला भजना निवासी सत्यवीर सहित छह लोगों के खिलाफ थाना एका में मृतक की मां ने अभियोग दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच में पूर्व विधायक सहित पांच लोगों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किए थे। जांच के दौरान प्रेमपाल व रनवीर की मौत हो गई थी। एडीजे प्रथम संजीव कुमार सिंह ने एक अप्रैल 2016 को मामले की सुनवाई करते हुए पूर्व विधायक रामप्रकाश यादव, राजवीर व सत्यवीर को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। शासन की ओर से पैरवी एडीजीसी फौजदारी आरिफ खां ने की थी। तीनों को जेल भेजा था। पूर्व विधायक ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने चार जुलाई को पूर्व विधायक की जमानत स्वीकृत कर दी। कागजी कार्रवाई पूरी होने के साथ शनिवार को पूर्व विधायक रामप्रकाश यादव जेल से रिहा हुए तो समर्थकों की भीड़ लेने पहुंची। 10.30 बजे जेल से बाहर आते ही उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। पूर्व विधायक ने कहा सत्ता के दबाव में मेरे ऊपर झूठे मुकदमे लगाए गए थे। उस समय तीन वर्ष जेल में रहा था। क्षेत्र की जनता ने इसका जवाब 2007 में मुझे जसराना विधायक चुनकर दिया था। तीन माह आठ दिन फिर जेल काटी है। आगे की रणनीति के सवाल पर कहा जनता के मध्य बैठकर तय करेंगे। इस दौरान सुधीर यादव, देवेंद्र यादव, सुरेंद्र लौधी, रामखिलाड़ी शाक्य, अजय चौहान, रामसेवक पंडित, अमरपाल सिंह प्रधान, अनिल कुमार, संतोष कुमार, मनोज कुमार सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
थाना एका के नगला भजना निवासी प्रमोद कुमार पुत्र यादराम का अपहरण और हत्या के मामले में 31 दिसंबर 2001 को नगला गजू निवासी पूर्व विधायक (निर्दलीय) रामप्रकाश यादव, राजवीर एवं नगला भजना निवासी सत्यवीर सहित छह लोगों के खिलाफ थाना एका में मृतक की मां ने अभियोग दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच में पूर्व विधायक सहित पांच लोगों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किए थे। जांच के दौरान प्रेमपाल व रनवीर की मौत हो गई थी। एडीजे प्रथम संजीव कुमार सिंह ने एक अप्रैल 2016 को मामले की सुनवाई करते हुए पूर्व विधायक रामप्रकाश यादव, राजवीर व सत्यवीर को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। शासन की ओर से पैरवी एडीजीसी फौजदारी आरिफ खां ने की थी। तीनों को जेल भेजा था। पूर्व विधायक ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने चार जुलाई को पूर्व विधायक की जमानत स्वीकृत कर दी। कागजी कार्रवाई पूरी होने के साथ शनिवार को पूर्व विधायक रामप्रकाश यादव जेल से रिहा हुए तो समर्थकों की भीड़ लेने पहुंची। 10.30 बजे जेल से बाहर आते ही उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। पूर्व विधायक ने कहा सत्ता के दबाव में मेरे ऊपर झूठे मुकदमे लगाए गए थे। उस समय तीन वर्ष जेल में रहा था। क्षेत्र की जनता ने इसका जवाब 2007 में मुझे जसराना विधायक चुनकर दिया था। तीन माह आठ दिन फिर जेल काटी है। आगे की रणनीति के सवाल पर कहा जनता के मध्य बैठकर तय करेंगे। इस दौरान सुधीर यादव, देवेंद्र यादव, सुरेंद्र लौधी, रामखिलाड़ी शाक्य, अजय चौहान, रामसेवक पंडित, अमरपाल सिंह प्रधान, अनिल कुमार, संतोष कुमार, मनोज कुमार सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
विज्ञापन