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कोरोना मुक्त होने के बाद भी घर पहुंचने को कई घंटे किया एंबुलेंस का इंतजार
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शिकोहाबाद होम क्वारंटीन प्रवासी कामगारों का थर्मल स्क्रैनिंग करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। 108 एंबुलेंस सेवा के समय से पहुंचने के दावे किए जाते हैं, किंतु कोरोना से मुक्त हो चुके मरीजों को 108 एंबुलेंस ने खूब इंतजार कराया। मरीज ठीक होने के बाद घर जाने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। स्वास्थ्य अधिकारियों के फोन भी नहीं उठे। एंबुलेंस रात एक बजे अस्पताल पहुंची। इसके बाद मरीजों को घर रवाना किया।
सोमवार को पांच मरीज कोरोना मुक्त हो गए थे। मरीजों को आइसोलेशन वार्ड से घर जाने की खुशी थी। मरीजों के परिवारिजनों को भी बेसब्री से इंतजार था कि उनके घर का सदस्य कोरोना महामारी से जंग जीतकर वापस आ रहा है। मरीजों को घर भेजने के लिए अस्पताल के सीएमएस डॉ. आलोक गुप्ता ने रात साढ़े नौ बजे 108 नंबर पर फोन किया, किंतु फोन नहीं लगा। एंबुलेंस के जिला स्तरीय अधिकारियों को भी फोन किया, ताकि मरीजों को घर भेजा जा सके।
वहीं एंबुलेंस के किसी भी अधिकारी का फोन नहीं उठा। रात एक बजे एंबुलेंस के मेंटीनेंस प्रभारी प्रशांत गुप्ता का फोन उठा, उसके बाद वह एंबुलेंस लेकर अस्पताल पहुंचे। रात एक बजे के बाद ही एंबुलेंस से मरीजों को घर वापस भेजा जा सका। कोरोना मुक्त हुए मरीज भी कोविड अस्तपाल में बैठकर घंटों इंतजार करते रहे। सीएमएस डॉ. आलोक ने बताया कि एंबुलेंस में देरी की वजह से देर रात में मरीजों को भेजा जा सका।
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सोमवार को पांच मरीज कोरोना मुक्त हो गए थे। मरीजों को आइसोलेशन वार्ड से घर जाने की खुशी थी। मरीजों के परिवारिजनों को भी बेसब्री से इंतजार था कि उनके घर का सदस्य कोरोना महामारी से जंग जीतकर वापस आ रहा है। मरीजों को घर भेजने के लिए अस्पताल के सीएमएस डॉ. आलोक गुप्ता ने रात साढ़े नौ बजे 108 नंबर पर फोन किया, किंतु फोन नहीं लगा। एंबुलेंस के जिला स्तरीय अधिकारियों को भी फोन किया, ताकि मरीजों को घर भेजा जा सके।
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वहीं एंबुलेंस के किसी भी अधिकारी का फोन नहीं उठा। रात एक बजे एंबुलेंस के मेंटीनेंस प्रभारी प्रशांत गुप्ता का फोन उठा, उसके बाद वह एंबुलेंस लेकर अस्पताल पहुंचे। रात एक बजे के बाद ही एंबुलेंस से मरीजों को घर वापस भेजा जा सका। कोरोना मुक्त हुए मरीज भी कोविड अस्तपाल में बैठकर घंटों इंतजार करते रहे। सीएमएस डॉ. आलोक ने बताया कि एंबुलेंस में देरी की वजह से देर रात में मरीजों को भेजा जा सका।
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