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जनआंदोलन धरना-प्रदर्शन में बदला
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
Updated Wed, 04 May 2016 11:00 PM IST
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जनआंदोलन धरना-प्रदर्शन में बदला
- फोटो : अमर उजाला
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भारतीय किसान यूनियन भानु का जनआंदोलन बुधवार सायं धरना-प्रदर्शन में तब्दील हो गया। भाकियू भानु के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह भानु ने कुछ समस्याओं का निराकरण होने पर हुई जनआंदोलन को वापस लेते हुए अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए धरना-प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जब तक किसानों की सारी समस्याएं नहीं सुनते और उनका निराकरण नहीं कराते तब तक भाकियू का धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
उन्होंने प्रदेश कार्यालय इमलिया में जनआंदोलन को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को जितनी ताकत से दबाया जाएगा, वह उतनी ही ताकत से ऊपर आएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यदि समय रहते किसानों की समस्याएं नहीं सुनते हैं तो आने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के विधायकों की जमानत जब्त करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हाल की स्थिति तथा कुछ मांगों निराकरण होने पर इस आंदोलन को दो जून तक धरना-प्रदर्शन में तब्दील कर दिया है। दो जून तक किसान शासन-प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार करेगा। उसके बाद शासन-प्रशासन और किसानों के बीच एक नया महाभारत होगा। यहां नहीं तो लखनऊ होगा व सारे देश में होगा। किसान पर प्रशासन अगर हिंसक कार्रवाई करता है तो किसान लाठी खाकर हास्पिटल, जेल, श्मशान तक जाने के लिए तैयार रहेगा।
भाकियू भानु के जनआंदोलन के धरना-प्रदर्शन की घोषण के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह भानु ने मुख्यमंत्री के नाम मुख्य विकास अधिकारी कर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में फसलों का उचित मूल्य, नहरों और बंबों में पानी, 24 घंटे बिजली, 60 वर्ष पूरे कर चुके किसानों को पांच हजार पेंशन, किसान दुर्घटना बीमा 10 लाख रुपये, कृषि उद्योग का दर्जा, गेहूं व धान का समर्थन मूल्य तीन हजार रुपये, आलू का 15 सौ रुपये और गन्ने का पांच सौ रुपये कुंटल किए जाने की मांग की। पिछली साल का 15 हजार करोड़ रुपये गन्ना मिलों पर किसानों का बकाए का आठ दिन के अंदर भुगतान किए जाने की मांग की।
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इस दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता श्यौराजसिंह, राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव राजेंद्र प्रसाद शास्त्री, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह, राष्ट्रीय सचिव रामचंद्र राजपूत, राष्ट्रीय महासचिव सुनील सिंह, प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रताप सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष आदिल खान, प्रदेेश महासचिव अनुराग गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा केशवदेव, दिल्ली के प्रदेशाध्यक्ष दुष्यंत कुमार, मुज्जफरनगर के जिलाध्यक्ष संजीव तोमर यमुना मुक्तिकरण के प्रभारी श्याम चतुर्वेदी, प्रदेश महासचिव पिंटू त्यागी, प्रदेश महासचिव हरेश ठेनुआं, प्रदेश प्रभारी पवन ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज सिंह आदि थे। संचालन सतेंद्र सिंह ने किया।
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उन्होंने प्रदेश कार्यालय इमलिया में जनआंदोलन को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को जितनी ताकत से दबाया जाएगा, वह उतनी ही ताकत से ऊपर आएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यदि समय रहते किसानों की समस्याएं नहीं सुनते हैं तो आने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के विधायकों की जमानत जब्त करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हाल की स्थिति तथा कुछ मांगों निराकरण होने पर इस आंदोलन को दो जून तक धरना-प्रदर्शन में तब्दील कर दिया है। दो जून तक किसान शासन-प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार करेगा। उसके बाद शासन-प्रशासन और किसानों के बीच एक नया महाभारत होगा। यहां नहीं तो लखनऊ होगा व सारे देश में होगा। किसान पर प्रशासन अगर हिंसक कार्रवाई करता है तो किसान लाठी खाकर हास्पिटल, जेल, श्मशान तक जाने के लिए तैयार रहेगा।
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भाकियू भानु के जनआंदोलन के धरना-प्रदर्शन की घोषण के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह भानु ने मुख्यमंत्री के नाम मुख्य विकास अधिकारी कर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में फसलों का उचित मूल्य, नहरों और बंबों में पानी, 24 घंटे बिजली, 60 वर्ष पूरे कर चुके किसानों को पांच हजार पेंशन, किसान दुर्घटना बीमा 10 लाख रुपये, कृषि उद्योग का दर्जा, गेहूं व धान का समर्थन मूल्य तीन हजार रुपये, आलू का 15 सौ रुपये और गन्ने का पांच सौ रुपये कुंटल किए जाने की मांग की। पिछली साल का 15 हजार करोड़ रुपये गन्ना मिलों पर किसानों का बकाए का आठ दिन के अंदर भुगतान किए जाने की मांग की।
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इस दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता श्यौराजसिंह, राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव राजेंद्र प्रसाद शास्त्री, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह, राष्ट्रीय सचिव रामचंद्र राजपूत, राष्ट्रीय महासचिव सुनील सिंह, प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रताप सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष आदिल खान, प्रदेेश महासचिव अनुराग गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा केशवदेव, दिल्ली के प्रदेशाध्यक्ष दुष्यंत कुमार, मुज्जफरनगर के जिलाध्यक्ष संजीव तोमर यमुना मुक्तिकरण के प्रभारी श्याम चतुर्वेदी, प्रदेश महासचिव पिंटू त्यागी, प्रदेश महासचिव हरेश ठेनुआं, प्रदेश प्रभारी पवन ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज सिंह आदि थे। संचालन सतेंद्र सिंह ने किया।