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संविदाकर्मियों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर की नारेबाजी
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फिरोजाबाद ! सीएमओ कार्यालय पर धरना दे रहे संविदा कर्मचारियों को गेट के बाहर करने के बाद सड़क पर बै?
- फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। लंबित मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय पर स्वास्थ्य संविदा कर्मियों का चल रहा धरना प्रदर्शन संगठन मंत्री सौरभ यादव को पुलिस हिरासत में लेने पर उग्र हो गया। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि सीएमओ से वार्ता दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी विफल रही।
सात सूत्री मांगों को लेकर स्वास्थ्य संविदा कर्मियों द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। बृहस्पतिवार सुबह धरना प्रदर्शन की तैयारी करने के लिए संगठन मंत्री सौरभ यादव सीएमओ दफ्तर पहुंचे तो संगठन मंत्री सौरभ को पुलिस ने हिरासत में लेकर मटसेना थाने भेज दिया। संगठन मंत्री के हिरासत की खबर पर अन्य संविदा कर्मी सीएमओ कार्यालय पर एकत्रित हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
आंदोलन का समर्थन करने के लिए आशा कार्यकर्ता और राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रेमपाल कुशवाहा और महामंत्री शिवशंकर शर्मा भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम मनोज कुमार और सीएमओ डॉ. दिनेश प्रेमी ने संगठन पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया लेकिन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन मंत्री को वापस बुलाने की मांग पर अड़ गए। संविदाकर्मियों के आक्रोश के मद्देनजर पुलिस संगठन मंत्री को वापस ले आई।
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बाद में सीएमओ ने जिलाध्यक्ष प्रसून प्रताप सिंह को वार्ता के लिए बुलाया लेकिन प्रदेश संगठन की सहमति के बिना आंदोलन खत्म किए जाने पर वार्ता असफल हो गई। जिलाध्यक्ष प्रसून प्रताप सिंह ने बताया कि हमें कोई लिखित में आश्वासन नहीं मिला है। इसलिए आंदोलन जारी रहेगा।
हड़ताल से कामकाज प्रभावित
संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से जिले में कोरोना टीकाकरण से लेकर सैंपलिंग का कार्य धीमी गति से चल रहा है। इधर, शासन की सूचनाओं का आदान-प्रदान भी सही ढंग से नहीं हो पा रहा है।
संविदा कर्मचारियों को हड़ताल खत्म करने के लिए समझाया लेकिन संविदाकर्मी नहीं माने है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
डॉ. दिनेश प्रेमी, सीएमओ
मानदेय न मिलने पर आशा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
जसराना। विगत दो वर्षों से मानदेय न मिलने की बात कहते हुए आशा व संगिनी कार्यकर्ताओं ने कामबंद कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रदर्शन किया। इस दौरान एसडीएम के न मिलने पर आशा कार्यकर्ताओं ने चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर भुगतान कराने की मांग की।
प्रदर्शन करते हुए आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें दो वर्षों से मानेदय नहीं मिल रहा है। हालांकि उनके द्वारा सभी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रात में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव कराने के लिए महिलाओं को लाने पर उनके रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है। कोविड-19 में वैक्सीनेशन का भी भुगतान नहीं किया गया है। इस दौरान चेतावनी दी गई यदि मानदेय नहीं दिलया गया तो हड़ताल की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान रीना राठौर, मीरा देवी, सरोज, राधा, सत्यवती, गगनलता, सुमनलता, विमला, नवलेश, सविता, ममता, उर्मिला, विनीता, गुड़िया देवी, हरप्यारी, हेमलता आदि मौजूद रहीं।
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सात सूत्री मांगों को लेकर स्वास्थ्य संविदा कर्मियों द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। बृहस्पतिवार सुबह धरना प्रदर्शन की तैयारी करने के लिए संगठन मंत्री सौरभ यादव सीएमओ दफ्तर पहुंचे तो संगठन मंत्री सौरभ को पुलिस ने हिरासत में लेकर मटसेना थाने भेज दिया। संगठन मंत्री के हिरासत की खबर पर अन्य संविदा कर्मी सीएमओ कार्यालय पर एकत्रित हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
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आंदोलन का समर्थन करने के लिए आशा कार्यकर्ता और राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रेमपाल कुशवाहा और महामंत्री शिवशंकर शर्मा भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम मनोज कुमार और सीएमओ डॉ. दिनेश प्रेमी ने संगठन पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया लेकिन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन मंत्री को वापस बुलाने की मांग पर अड़ गए। संविदाकर्मियों के आक्रोश के मद्देनजर पुलिस संगठन मंत्री को वापस ले आई।
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बाद में सीएमओ ने जिलाध्यक्ष प्रसून प्रताप सिंह को वार्ता के लिए बुलाया लेकिन प्रदेश संगठन की सहमति के बिना आंदोलन खत्म किए जाने पर वार्ता असफल हो गई। जिलाध्यक्ष प्रसून प्रताप सिंह ने बताया कि हमें कोई लिखित में आश्वासन नहीं मिला है। इसलिए आंदोलन जारी रहेगा।
हड़ताल से कामकाज प्रभावित
संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से जिले में कोरोना टीकाकरण से लेकर सैंपलिंग का कार्य धीमी गति से चल रहा है। इधर, शासन की सूचनाओं का आदान-प्रदान भी सही ढंग से नहीं हो पा रहा है।
संविदा कर्मचारियों को हड़ताल खत्म करने के लिए समझाया लेकिन संविदाकर्मी नहीं माने है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
डॉ. दिनेश प्रेमी, सीएमओ
मानदेय न मिलने पर आशा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
जसराना। विगत दो वर्षों से मानदेय न मिलने की बात कहते हुए आशा व संगिनी कार्यकर्ताओं ने कामबंद कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रदर्शन किया। इस दौरान एसडीएम के न मिलने पर आशा कार्यकर्ताओं ने चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर भुगतान कराने की मांग की।
प्रदर्शन करते हुए आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें दो वर्षों से मानेदय नहीं मिल रहा है। हालांकि उनके द्वारा सभी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रात में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव कराने के लिए महिलाओं को लाने पर उनके रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है। कोविड-19 में वैक्सीनेशन का भी भुगतान नहीं किया गया है। इस दौरान चेतावनी दी गई यदि मानदेय नहीं दिलया गया तो हड़ताल की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान रीना राठौर, मीरा देवी, सरोज, राधा, सत्यवती, गगनलता, सुमनलता, विमला, नवलेश, सविता, ममता, उर्मिला, विनीता, गुड़िया देवी, हरप्यारी, हेमलता आदि मौजूद रहीं।