{"_id":"b334f97d67d33c1ea32f634356b13558","slug":"code-of-conduct-on-social-media-hit-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोशल मीडिया पर भी आचार संहिता की मार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोशल मीडिया पर भी आचार संहिता की मार
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Wed, 23 Sep 2015 11:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फीरोजाबाद। पंचायत चुनाव की आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होते ही चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाने की कवायद तेज कर दी है। चुुनाव खर्चे पर लगाम कसने के लिए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पहली बार सोशल मीडिया को भी आदर्श आचार संहिता के दायरे में शामिल किया गया है। आयोग उम्मीदवारों के ट्वीटर, व्हाट्सएप, फेसबुक आदि सभी सोशल साइटों पर चल रही चुनावी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगा। चुनाव प्रचार से संबंधित कानूनी प्रावधान सोशल मीडिया पर भी उसी तरह लागू होंगे जैसे किसी अन्य मीडिया के उपयोग पर लागू होते हैं। आचार संहिता लागू होने के बाद अब सोशल साइटों पर चुनाव प्रचार का खर्चा भी उम्मीदवार के खाते में जुड़ेगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रचार प्रसार पर होने वाले बेलगाम खर्चों पर लगाम कसने और चुनावी खर्च संतुलित करने के लिए चुनाव आयोग के स्पष्ट दिशा निर्देश हैं। इसमें कहा गया कि कि सोशल मीडिया पर यदि किसी ने दूसरे उम्मीदवार की निजी आजादी में हस्तक्षेप किया तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है। सोशल साइटों पर व्यक्तिगत छींटाकसी करने पर भी आपराधिक मुकदमा दर्ज हो सकता है। इस पर निगाह रखने के लिए मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मानीटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) का गठन किया गया है जो ऐसे मामलों की विवेचना करेगी। उम्मीदवार को अपने ई-मेल और सोशल मीडिया अकाउंट की भी जानकारी निर्वाचन आयोग को देनी होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि इसके लिए संबंधित अधिकारी को आगाह कर दिया गया है।
पांच श्रेणियों में बांटी सोशल मीडिया
आयोग ने सोशल मीडिया को पांच श्रेणियों में बांटा है, जिनमें सहयोग परक (विकीपीडिया), ब्लॉग एवं माइक्रोब्लॉग (ट्वीटर), विषय वस्तु समुदाय (यू-ट्यूब), सोशल नेटवर्किंग साइट (फेसबुक) और वर्चुअल गेम वर्ल्ड (व्हाट्सएप)। प्रचार के सभी व्ययों में सोशल मीडिया के विज्ञापनों के व्यय भी शामिल होंगे। इसमें विज्ञापनों के लिए इंटरनेट कंपनियों और वेबसाइटों को किए गए भुगतान के साथ-साथ विषय वस्तु के रचनात्मक विकास (उत्पादन एवं डिजाइनिंग) पर व्यय, सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइटों को बनाए रखने के लिए नियोजित कामगारों की टीम को दिए गए वेतन और मजदूरी पर व्यय आदि भी शामिल होगा।
विज्ञापन
चुनावी खर्चों पर लगाम कसने और प्रत्याशियों के क्रिया कलापों पर विशेष नजर रखी जाएगी। इसके लिए कमेटी बनाई जा रही हैं। हर टीम को अलग अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
विजय किरन आनंद, जिलाधिकारी
आदर्श चुनाव आचार संहिता का हर स्तर पर अनुपालन कराया जाएगा। सोशल मीडिया पर छींटाकसी और नियमों के उल्लंघन में दंडात्मक कार्रवाई अनुपालन में लाई जाएगी।
पीयूष श्रीवास्तव, एसएसपी
विज्ञापन
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रचार प्रसार पर होने वाले बेलगाम खर्चों पर लगाम कसने और चुनावी खर्च संतुलित करने के लिए चुनाव आयोग के स्पष्ट दिशा निर्देश हैं। इसमें कहा गया कि कि सोशल मीडिया पर यदि किसी ने दूसरे उम्मीदवार की निजी आजादी में हस्तक्षेप किया तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है। सोशल साइटों पर व्यक्तिगत छींटाकसी करने पर भी आपराधिक मुकदमा दर्ज हो सकता है। इस पर निगाह रखने के लिए मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मानीटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) का गठन किया गया है जो ऐसे मामलों की विवेचना करेगी। उम्मीदवार को अपने ई-मेल और सोशल मीडिया अकाउंट की भी जानकारी निर्वाचन आयोग को देनी होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि इसके लिए संबंधित अधिकारी को आगाह कर दिया गया है।
विज्ञापन
पांच श्रेणियों में बांटी सोशल मीडिया
आयोग ने सोशल मीडिया को पांच श्रेणियों में बांटा है, जिनमें सहयोग परक (विकीपीडिया), ब्लॉग एवं माइक्रोब्लॉग (ट्वीटर), विषय वस्तु समुदाय (यू-ट्यूब), सोशल नेटवर्किंग साइट (फेसबुक) और वर्चुअल गेम वर्ल्ड (व्हाट्सएप)। प्रचार के सभी व्ययों में सोशल मीडिया के विज्ञापनों के व्यय भी शामिल होंगे। इसमें विज्ञापनों के लिए इंटरनेट कंपनियों और वेबसाइटों को किए गए भुगतान के साथ-साथ विषय वस्तु के रचनात्मक विकास (उत्पादन एवं डिजाइनिंग) पर व्यय, सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइटों को बनाए रखने के लिए नियोजित कामगारों की टीम को दिए गए वेतन और मजदूरी पर व्यय आदि भी शामिल होगा।
विज्ञापन
चुनावी खर्चों पर लगाम कसने और प्रत्याशियों के क्रिया कलापों पर विशेष नजर रखी जाएगी। इसके लिए कमेटी बनाई जा रही हैं। हर टीम को अलग अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
विजय किरन आनंद, जिलाधिकारी
आदर्श चुनाव आचार संहिता का हर स्तर पर अनुपालन कराया जाएगा। सोशल मीडिया पर छींटाकसी और नियमों के उल्लंघन में दंडात्मक कार्रवाई अनुपालन में लाई जाएगी।
पीयूष श्रीवास्तव, एसएसपी