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Firozabad News: गणपति की मिट्टी की मूर्तियां लोगों की पहली पसंद
Sun, 24 Aug 2025 06:23 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 24 Aug 2025 06:23 PM IST
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उसायनी में तैयार करने के बाद रखी गई गणेश प्रतिमा। संवाद
- बाजार में रंग-बिरंगी प्रतिमाएं ग्राहकों को कर रहीं आकर्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। गणेश चतुर्थी के तीन दिन पहले से ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है। भक्ति और उत्साह से बाजार सराबोर हो गए हैं। सदर बाजार से लेकर शहर के सभी बाजारों में गणपति बप्पा की रंग-बिरंगी प्रतिमाएं ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। कहीं बाल गणेश अपनी मासूम मुस्कान से लुभा रहे हैं, तो कहीं सिंहासन पर विराजमान लालबाग के राजा भव्यता का आभास करा रहे हैं। इस बार खासतौर पर छोटी और मिट्टी की मूर्तियां लोगों की पहली पसंद बनी हुई हैं।
तिलक नगर निवासी रिंकी शर्मा ने बताया कि हम हर साल मिट्टी ताकि विसर्जन के बाद पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और ऐसी मान्यता भी है कि मिट्टी की मूर्तियां शुद्ध होती हैं। बताया कि हमारी खरीदारी एक हफ्ते पहले से ही शुरु हो जाती है। बोधाश्रम निवासी मीनू ने बताया कि गणेश चतुर्थी की तैयारियों में हम लग चुके हैं। इस बार घर में जगह कम होने की वजह से 2.5 फीट की मूर्ति खरीद रहे हैं। इस बार हमने डमरू पकड़े गणपति को चुना है सबसे खूबसूरत और मन को लुभाने वाली मूर्ति यही लगी।
बाजार में शंख पर बैठे गणपति की मूर्तियां भी
ग्राहकों में इस बार बायीं सूंड वाले गणपति, लालबाग के राजा की तर्ज पर सिंहासन पर विराजमान गणपति और डमरू पकड़े गणपति की सबसे ज्यादा मांग है। दुकानदारों का कहना है कि लोग इसे घर में शुभता और समृद्धि का प्रतीक मानते हैं। इस बार खास डिमांड पर शंख पर बैठे गणपति, आधे शिव रूप वाले गणपति, पीओपी से बने गणपति, बाल गणेश, पगड़ी वाले गणेश की मूर्तियां बाजार में उपलब्ध हैं।
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छोटी मूर्तियों की मांग ज्यादा
उसायनी में कई सालों से गणेश प्रतिमा बना रहे मूर्ति शिल्पकार कौशल का कहना है कि इस बार एक से दो फीट की मूर्तियां सबसे ज्यादा बिक रही हैं। बड़ी मूर्तियां केवल पंडालों और सोसायटी आयोजनों के लिए ली जा रही हैं। खासकर डमरू पकड़े और शंख पर बैठे गणपति की डिमांड अधिक है। शिल्पकार बताते हैं कि यहां बनीं मूर्तियां आगरा, मथुरा, एटा, मैनपुरी, इटावा आदि जिलों में भी भेजी जा रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। गणेश चतुर्थी के तीन दिन पहले से ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है। भक्ति और उत्साह से बाजार सराबोर हो गए हैं। सदर बाजार से लेकर शहर के सभी बाजारों में गणपति बप्पा की रंग-बिरंगी प्रतिमाएं ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। कहीं बाल गणेश अपनी मासूम मुस्कान से लुभा रहे हैं, तो कहीं सिंहासन पर विराजमान लालबाग के राजा भव्यता का आभास करा रहे हैं। इस बार खासतौर पर छोटी और मिट्टी की मूर्तियां लोगों की पहली पसंद बनी हुई हैं।
तिलक नगर निवासी रिंकी शर्मा ने बताया कि हम हर साल मिट्टी ताकि विसर्जन के बाद पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और ऐसी मान्यता भी है कि मिट्टी की मूर्तियां शुद्ध होती हैं। बताया कि हमारी खरीदारी एक हफ्ते पहले से ही शुरु हो जाती है। बोधाश्रम निवासी मीनू ने बताया कि गणेश चतुर्थी की तैयारियों में हम लग चुके हैं। इस बार घर में जगह कम होने की वजह से 2.5 फीट की मूर्ति खरीद रहे हैं। इस बार हमने डमरू पकड़े गणपति को चुना है सबसे खूबसूरत और मन को लुभाने वाली मूर्ति यही लगी।
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बाजार में शंख पर बैठे गणपति की मूर्तियां भी
ग्राहकों में इस बार बायीं सूंड वाले गणपति, लालबाग के राजा की तर्ज पर सिंहासन पर विराजमान गणपति और डमरू पकड़े गणपति की सबसे ज्यादा मांग है। दुकानदारों का कहना है कि लोग इसे घर में शुभता और समृद्धि का प्रतीक मानते हैं। इस बार खास डिमांड पर शंख पर बैठे गणपति, आधे शिव रूप वाले गणपति, पीओपी से बने गणपति, बाल गणेश, पगड़ी वाले गणेश की मूर्तियां बाजार में उपलब्ध हैं।
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छोटी मूर्तियों की मांग ज्यादा
उसायनी में कई सालों से गणेश प्रतिमा बना रहे मूर्ति शिल्पकार कौशल का कहना है कि इस बार एक से दो फीट की मूर्तियां सबसे ज्यादा बिक रही हैं। बड़ी मूर्तियां केवल पंडालों और सोसायटी आयोजनों के लिए ली जा रही हैं। खासकर डमरू पकड़े और शंख पर बैठे गणपति की डिमांड अधिक है। शिल्पकार बताते हैं कि यहां बनीं मूर्तियां आगरा, मथुरा, एटा, मैनपुरी, इटावा आदि जिलों में भी भेजी जा रही हैं।