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‘संगीत की शास्त्रीय धारा ही जीवंत है’
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Tue, 12 Apr 2016 11:05 PM IST
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अमजद अली द्वारा प्रस्तुति दी गई
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भारतीय शास्त्रीय विद्याओं को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए शिकोहाबाद चैप्टर स्पिक मैके एवं शब्दम् के संयुक्त तत्वाधान में दो कार्यक्रम बाह पब्लिक स्कूल एवं जीडीएन इंटर कालेज, ग्राम विजकौली में आयोजित किया गया।
अमजद अली खान ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत कार्यशाला में विद्यार्थियों को तीन ताल एवं सोलह मात्राओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने वाद्य यंत्रों के बारे में भी बच्चों को बताया। बाह पब्लिक स्कूल में सैकड़ों बच्चों के साथ राग यमन में ‘गाइए गणपति जगवंदन, शंकर सुमन भवानी....’ गाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राग मिया टोडी में ‘अल्ला जाने मौला जाने’ की प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि संगीत की शास्त्रीय धारा ही जीवंत है किसी भी गीत एवं संगीत की यही नींव है। उन्होंने बच्चों को शास्त्रीय संगीत की तरफ ध्यान आकर्षित कराया और सीखने की प्रेरणा दी।
जीडीएन इंटर कालेज ग्राम विजकौली में उन्होंने विद्यार्थियों को सुबह शाम एवं दोपहर के विभिन्न रागों से परिचय कराया और जानकारी दी कि हर एक घटें पर राग का अपना अलग-अलग महत्व हैं। विद्यालय की छात्राओं को मंच पर बुलाकर उन्होंने सा रे गा मा पा धा नी सा का एक-एक करके अभ्यास कराया।
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अमजद अली खान ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत कार्यशाला में विद्यार्थियों को तीन ताल एवं सोलह मात्राओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने वाद्य यंत्रों के बारे में भी बच्चों को बताया। बाह पब्लिक स्कूल में सैकड़ों बच्चों के साथ राग यमन में ‘गाइए गणपति जगवंदन, शंकर सुमन भवानी....’ गाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राग मिया टोडी में ‘अल्ला जाने मौला जाने’ की प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि संगीत की शास्त्रीय धारा ही जीवंत है किसी भी गीत एवं संगीत की यही नींव है। उन्होंने बच्चों को शास्त्रीय संगीत की तरफ ध्यान आकर्षित कराया और सीखने की प्रेरणा दी।
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जीडीएन इंटर कालेज ग्राम विजकौली में उन्होंने विद्यार्थियों को सुबह शाम एवं दोपहर के विभिन्न रागों से परिचय कराया और जानकारी दी कि हर एक घटें पर राग का अपना अलग-अलग महत्व हैं। विद्यालय की छात्राओं को मंच पर बुलाकर उन्होंने सा रे गा मा पा धा नी सा का एक-एक करके अभ्यास कराया।
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