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ट्रैफिक में सुधार के प्रशासन के दावे की निकली हवा
Amar Ujala
Updated Tue, 04 Oct 2016 01:16 AM IST
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ट्रैफिक में सुधार को प्रशासन के दावे की निकली हवा
- फोटो : Amar Ujala
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दिल्ली, नोएडा की तर्ज पर चुनिंदा चौराहों की व्यवस्था में होना था सुधार
सुभाष तिराहा खोदकर और नगला बरी पर लोहे के एंगल लगाकर छोड़ा
आड़े तिरछे खड़े होते हैं वाहन, चौराहों पर अधिकांश समय लगा रहता है जाम
दिल्ली एवं नोएडा की तर्ज पर सुहागनगरी की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने का प्लान अधर में लटक गया। नगला बरी चौराहे एवं सुभाष तिराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करने की शुरुआत तो की गई लेकिन उसे अधूरा छोड़ दिया गया। चौराहों पर ट्रैफिक अनियंत्रित दिखाई देता है।
जिला प्रशासन ने सुहागनगर की बदहाल यातायात व्यवस्था सुधारने की प्लानिंग की थी। डीएम राजेश प्रकाश ने दिल्ली एवं नोएडा की तर्ज पर शहर के प्रमुख चौराहों की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बैठक की। फीरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण, नगर निगम के साथ ही एनएचएआई (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के अधिकारियों के साथ शहरी क्षेत्र में नगर मजिस्ट्रेट एवं सीओ सिटी ने मिलकर प्लान बनाया था कि शहर में बाहर से आने वाले वाहनों को रुकना नहीं पड़े। चौराहे चौड़े हों, नक्शे भी तैयार किए गए। काम की शुरुआत तेजी से हुई। नगला बरी चौराहे पर शहर की भीड़ रोकने को हाइवे के किनारे रेलिंग लगाने को लोहे के खंभे लगाए हुए माह बीत गए, इसके आगे कोई काम नहीं हुआ। जाटवपुरी के चौराहे पर लोडिंग वाहन हाईवे पर खड़े दिखे यही स्थित आसफाबाद चौराहे पर देखने को मिली।
सुभाष तिराहा चौड़ीकरण का काम अधूरा
सुभाष तिराहे के चौड़ीकरण के लिए निगम ने सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा वाले चबूतरे को तोड़ा। यही नहीं दोनों मार्गों के मध्य में बनी रेलिंग तोड़ी। लेकिन इसके बाद भी चौराहे को सुधारा नहीं गया। वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिखा। आटो वाले हों चाहे ई रिक्शा सभी आड़े तिरछे खड़े दिखाई दिए।
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सिफारिशों से पुलिस परेशान
चौराहे पर तैनात ट्रैफिक का जवान व्यवस्थाओं को लेकर आहत था। बोला किसी आटो चालक या फिर बाइक सवार के खिलाफ कार्रवाई करें तो सत्ताधारी दल के नेताओं के फोन आते हैं। वर्दी उतरवाने तक की धमकी मिल जाती है। आखिर इस हाल में ट्रैफिक व्यवस्था को कैसे सुधारें?
बनते रहे ट्रैफिक प्लान, नहीं हो सके प्रभावी
- शहर के मुख्य बाजार में लागू हुई थी वनवे ट्रैफिक व्यवस्था, सड़क के मध्य में खड़े होते थे वाहन, अफसर के ट्रांसफर के साथ व्यवस्था हुई फेल।
- चूड़ी की ठेल को जलेसर रोड, कटरा से निकालने को हुई थी शुरुआत, यह व्यवस्था कुछ दिनों के बाद हो गई थी फेल।
- तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह ने भारी वाहनों का प्रवेश किया था प्रतिबंधित, फ्रेंड्स ग्लास के समीप बनाई थी पार्किंग। यह व्यवस्था भी लागू नहीं रह सकी।
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सुभाष तिराहा खोदकर और नगला बरी पर लोहे के एंगल लगाकर छोड़ा
आड़े तिरछे खड़े होते हैं वाहन, चौराहों पर अधिकांश समय लगा रहता है जाम
दिल्ली एवं नोएडा की तर्ज पर सुहागनगरी की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने का प्लान अधर में लटक गया। नगला बरी चौराहे एवं सुभाष तिराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करने की शुरुआत तो की गई लेकिन उसे अधूरा छोड़ दिया गया। चौराहों पर ट्रैफिक अनियंत्रित दिखाई देता है।
जिला प्रशासन ने सुहागनगर की बदहाल यातायात व्यवस्था सुधारने की प्लानिंग की थी। डीएम राजेश प्रकाश ने दिल्ली एवं नोएडा की तर्ज पर शहर के प्रमुख चौराहों की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बैठक की। फीरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण, नगर निगम के साथ ही एनएचएआई (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के अधिकारियों के साथ शहरी क्षेत्र में नगर मजिस्ट्रेट एवं सीओ सिटी ने मिलकर प्लान बनाया था कि शहर में बाहर से आने वाले वाहनों को रुकना नहीं पड़े। चौराहे चौड़े हों, नक्शे भी तैयार किए गए। काम की शुरुआत तेजी से हुई। नगला बरी चौराहे पर शहर की भीड़ रोकने को हाइवे के किनारे रेलिंग लगाने को लोहे के खंभे लगाए हुए माह बीत गए, इसके आगे कोई काम नहीं हुआ। जाटवपुरी के चौराहे पर लोडिंग वाहन हाईवे पर खड़े दिखे यही स्थित आसफाबाद चौराहे पर देखने को मिली।
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सुभाष तिराहा चौड़ीकरण का काम अधूरा
सुभाष तिराहे के चौड़ीकरण के लिए निगम ने सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा वाले चबूतरे को तोड़ा। यही नहीं दोनों मार्गों के मध्य में बनी रेलिंग तोड़ी। लेकिन इसके बाद भी चौराहे को सुधारा नहीं गया। वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिखा। आटो वाले हों चाहे ई रिक्शा सभी आड़े तिरछे खड़े दिखाई दिए।
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सिफारिशों से पुलिस परेशान
चौराहे पर तैनात ट्रैफिक का जवान व्यवस्थाओं को लेकर आहत था। बोला किसी आटो चालक या फिर बाइक सवार के खिलाफ कार्रवाई करें तो सत्ताधारी दल के नेताओं के फोन आते हैं। वर्दी उतरवाने तक की धमकी मिल जाती है। आखिर इस हाल में ट्रैफिक व्यवस्था को कैसे सुधारें?
बनते रहे ट्रैफिक प्लान, नहीं हो सके प्रभावी
- शहर के मुख्य बाजार में लागू हुई थी वनवे ट्रैफिक व्यवस्था, सड़क के मध्य में खड़े होते थे वाहन, अफसर के ट्रांसफर के साथ व्यवस्था हुई फेल।
- चूड़ी की ठेल को जलेसर रोड, कटरा से निकालने को हुई थी शुरुआत, यह व्यवस्था कुछ दिनों के बाद हो गई थी फेल।
- तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह ने भारी वाहनों का प्रवेश किया था प्रतिबंधित, फ्रेंड्स ग्लास के समीप बनाई थी पार्किंग। यह व्यवस्था भी लागू नहीं रह सकी।