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Firozabad News: मेरी क्रिसमस से गूंजे गिरजाघर, जन्में प्रभु यीशु मसीह
Thu, 25 Dec 2025 12:17 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 25 Dec 2025 12:17 AM IST
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टूंडला के होली फैमिली में सजाई गई प्रभु यीशु के जन्म की झांकीसंवाद
- फोटो : टूंडला के होली फैमिली में सजाई गई प्रभु यीशु के जन्म की झांकी संवाद
फिरोजाबाद/टूंडला। धरती पर शांति और मनुष्यों में उल्लास के संदेश के साथ प्रभु यीशु मसीह का जन्मोत्सव बुधवार रात समूचे क्षेत्र में श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। बीती रात जैसे ही घड़ी की सुइयां 12 पर पहुंचीं, गिरजाघरों के घंटे गूंज उठे और समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया।
क्रिसमस की पूर्व संध्या से ही मसीही समाज में भारी उत्साह और उमंग का माहौल रहा। प्रभु के आगमन की खुशी में गिरजाघरों को आकर्षक विद्युत झालरों और फूलों से सजाया गया था। चर्चों में रात ठीक 11 बजे विशेष प्रार्थना सभाएं शुरू हुईं, जिसमें समुदाय के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए। रात 12 बजते ही चर्च की घंटियां बज उठीं, जो प्रभु यीशु के आगमन का संकेत थीं। इसी के साथ चारों ओर मैरी क्रिसमस की गूंज सुनाई देने लगी। प्रभु के जन्म की खुशी में युवाओं ने जमकर आतिशबाजी की और एक-दूसरे को गले लगाकर व केक खिलाकर क्रिसमस की बधाइयां दीं। बच्चों के लिए यह दिन बेहद खास रहा, जहां सेंटा क्लॉज ने उन्हें चॉकलेट और खिलौने बांटे।
मसीही समाज के लोगों ने अपने घरों में सुंदर क्रिसमस ट्री सजाए गए और आकर्षक झांकियां सजाकर प्रभु के संदेश को याद किया गया। टूंडला स्थित होली फैमिली चर्च के फादर पीटर पारखे और सीएनआई चर्च के फादर लोरेंस दास ने बताया कि यह दिन ईसाई समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने प्रेम, भाईचारे और दया का संदेश देते हुए सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने बताया कि 25 दिसंबर को घर-घर में व कुछ जगह कार्यक्रम आयोजित कर सामूहिक रूप से केक काटा जाता है व एक-दूसरे को क्रिसमस-डे की बधाई दी जाती हैं।
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क्रिसमस की पूर्व संध्या से ही मसीही समाज में भारी उत्साह और उमंग का माहौल रहा। प्रभु के आगमन की खुशी में गिरजाघरों को आकर्षक विद्युत झालरों और फूलों से सजाया गया था। चर्चों में रात ठीक 11 बजे विशेष प्रार्थना सभाएं शुरू हुईं, जिसमें समुदाय के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए। रात 12 बजते ही चर्च की घंटियां बज उठीं, जो प्रभु यीशु के आगमन का संकेत थीं। इसी के साथ चारों ओर मैरी क्रिसमस की गूंज सुनाई देने लगी। प्रभु के जन्म की खुशी में युवाओं ने जमकर आतिशबाजी की और एक-दूसरे को गले लगाकर व केक खिलाकर क्रिसमस की बधाइयां दीं। बच्चों के लिए यह दिन बेहद खास रहा, जहां सेंटा क्लॉज ने उन्हें चॉकलेट और खिलौने बांटे।
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मसीही समाज के लोगों ने अपने घरों में सुंदर क्रिसमस ट्री सजाए गए और आकर्षक झांकियां सजाकर प्रभु के संदेश को याद किया गया। टूंडला स्थित होली फैमिली चर्च के फादर पीटर पारखे और सीएनआई चर्च के फादर लोरेंस दास ने बताया कि यह दिन ईसाई समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने प्रेम, भाईचारे और दया का संदेश देते हुए सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने बताया कि 25 दिसंबर को घर-घर में व कुछ जगह कार्यक्रम आयोजित कर सामूहिक रूप से केक काटा जाता है व एक-दूसरे को क्रिसमस-डे की बधाई दी जाती हैं।
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