फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Chilli growers are worried, prices are not available in the markets

Firozabad News: मिर्च उत्पादक परेशान, मंडियों में नहीं मिल रहा दाम

Thu, 14 Dec 2023 12:39 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Thu, 14 Dec 2023 12:39 AM IST
विज्ञापन
Chilli growers are worried, prices are not available in the markets
फिरोजाबाद। नारखी के मिर्च उत्पादक किसानों को दिल्ली, जयपुर व भोपाल की मंडियों में उचित भाव नहीं मिल रहा है। भाव नहीं मिलने के कारण किसानों की नींद उड़ी हुई है। शिमला व अचारी मिर्च को आठ से नौ रुपये प्रति किलोग्राम तक खरीद रहे हैं। किसानों के अनुसार इस बार उनका खर्चा तक निकलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन से विपणन की व्यवस्था बेहतर किए जाने की मांग की है। जिले के नारखी ब्लाॅक क्षेत्र में करीब साढ़े तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में मिर्च की फसल को बोया है। इसमें शिमला मिर्च के साथ-साथ ही अचारी मिर्च की फसल को बोया था। काफी महंगा बीज लगाकर बोई गई मिर्च की फसल करने वाले किसानों की नींद उस समय उड़ गई, जब उनको बाहरी मंडियों में उचित भाव नहीं मिल रहा है। किसानों के अनुसार शिमला एवं अचारी मिर्च को आठ से नौ रुपये प्रति किलो की दर से व्यापारी खरीद रहे हैं। इस कारण किसानों को उनका खर्चा तक निकलना मुश्किल दिखाई दे रहा है। किसानों का कहना है राजस्थान के जयपुर, मध्य प्रदेश के भोपाल एवं दिल्ली की मंडियों में भी मिर्च को भाव नहीं मिलने के कारण काफी निराशा बनी हुई है।
विज्ञापन



पाकिस्तान की सप्लाई रुकी
किसानों के अनुसार शिमला व अचारी मिर्च की सप्लाई पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी की जाती थी, लेकिन इस बार सख्ती के कारण मिर्च की सप्लाई नहीं हो पा रही है। यह भी मिर्च का भाव कम होने का बड़ा कारण है।
विज्ञापन



-मध्य प्रदेश के शिवपुरी एवं बरेली के साथ-साथ राजस्थान राज्य के कुछ जिलों में मिर्च का रकवा बढ़ना दरें घटने का कारण माना जा रहा है। लेकिन यदि सरकार विपणन की व्यवस्था में सुधार करें तभी हम किसानों को उचित मूल्य मिल पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजेश प्रताप सिंह, गढ़ी हंसराम नारखी
-मिर्च की फसल को 120 बीघा में बोया था। क्यों कि हर बार भाव ठीक मिल जाने के कारण मिर्च का उत्पादन अच्छा रहता था। इस बार भाव काफी कम चल रहा है। इससे खर्चा निकलना तक मुश्किल दिखाई दे रहा है।
सतेंद्र सिंह, बड़ा गांव नारखी
-मिर्च की फसल 45 बीघा में बोई थी। इस बार तो बाहर के व्यापारी भी कम ही संपर्क कर रहे हैं। क्योंकि अचारी एवं शिमला मिर्च सस्ती दर पर बिक्री को मजबूर हैं। हर बार ऐसा नहीं होता था। भाव नहीं मिलने के कारण लागत मूल्य निकलना मुश्किल होगा।

गौरव, गढ़ी पुरानी फिरोजाबाद।
-शिमला मिर्च बाजार में काफी महंगी बिकती थी, लेकिन इस बार अचारी मिर्च से भी सस्ती बिक रही है। कारण कुछ भी हो सकता है। लेकिन उद्यान विभाग एवं प्रशासन को मिर्च उत्पादक किसानों को उचित मूल्य मिल सके ऐसा प्रयास करना चाहिए।
हरेंद्र मिश्रा नारखी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed