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जेएस यूनिवर्सिटी फर्जीवाड़ा: जेल में बंद कुलाधिपति...अब गैरहाजिर चल रहे लेखपाल भाई पर की गई बड़ी कार्रवाई

Tue, 08 Apr 2025 04:01 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: अरुन पाराशर Updated Tue, 08 Apr 2025 04:01 AM IST
सार

नाैकरी से गैरहाजिर चल रहे जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति के लेखपाल भाई के खिलाफ भी जिला प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। लेखपाल यूनिवर्सिटी में ट्रस्टी के पद पर थे। इसकी भी जांच की जा रही है।

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Chancellor Dr Sukesh Yadav brother salary stopped In JS University fraud case
जेएस यूनिवर्सिटी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

जेएस यूनिवर्सिटी के फर्जी डिग्री के मामले के उजागर होने के कुछ दिनों बाद से ही गैरहाजिर हुए कुलाधिपति के लेखपाल भाई का जिला प्रशासन ने वेतन रोक दिया है। उन्होंने कुछ दिनों पूर्व अपना मेडिकल तहसील प्रशासन को भेजा है। जिसमें उन्होंने मेडिकल पर रहने की अवधि को अंकित नहीं किया है।
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राजस्थान की शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में जेएस यूनिवर्सिटी से जारी हुईं बीपीएड की फर्जी डिग्रियों का मामला उजागर होने के बाद शिकोहाबाद तहसील में तैनात कुलाधिपति के लेखपाल भाई अशोक यादव की मुश्किलें भी बढ़ने लगी थीं। तहसील प्रशासन का दावा था कि लेखपाल रहते हुए अशोक यादव यूनिवर्सिटी में ट्रस्टी के पद पर एवं आगरा के भदावर डिग्री कॉलेज की प्रबंध समिति में भी अपनी पत्नी एवं बेटे के साथ सदस्य के रूप में शामिल हैं। जिसकी जांच शुरु हो गई थी। 

 
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ऐसे में लेखपाल अचानक गैरहाजिर होकर नोएडा में निजी चिकित्सालय में भर्ती हुए थे। ड्यूटी पर बिना बताए लगातार गैर हाजिर होने के कारण जिला प्रशासन ने उनका वेतन रोकने की कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के भय से कुछ ही दिनों पहले लेखपाल ने मेडिकल तहसील प्रशासन को भेजा है। जिसमें मेडिकल पर रहने की तिथि अंकित नहीं की गई है।

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तहसीलदार कीर्ति चौधरी ने बताया कि लेखपाल के बिना बताए गैर हाजिर रहने के कारण उनका वेतन रोका गया है। लेखपाल ने अपना मेडिकल अवकाश का पत्र भेजा है, लेकिन वह कितने दिनों के लिए है। इसकी जानकारी मेडिकल अवकाश का पत्र देखने के बाद ही बता पाना संभव है।

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