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हुनरमंद विद्यार्थियों को फेल नहीं करेगा सीबीएसई बोर्ड, दस फीसदी बढे छात्र
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फिरोजाबाद। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (सीबीएसई) से पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। अगर विद्यार्थी हुनरमंद हैं तो अब वह 10वीं की परीक्षा में फेल नहीं होंगे। सीबीएसई छात्रों के लिए स्किल आधारित विषय लेकर आया है, जो उन्हें कक्षा में पास करा देगा। इस साल स्किल आधारित विषय लेने वाले छात्रों की संख्या दस प्रतिशत बढ़ी है।
दरअसल, सीबीएसई के नए नियमों के मुताबिक यदि 10वीं के छात्र गणित या विज्ञान में फेल हो जाते हैं ,लेकिन उन्होंने वैकल्पिक विषय के तौर पर स्किल आधारित विषयों जैसे-आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस, इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस आदि को ले रखा है और उसमें पास हैं। तब छात्र को पास ही माना जाएगा। बोर्ड की ओर से यह नियम उन छात्रों के लिए बनाया गया, जो पढ़ाई में कमजोर रह जाते हैं। सीबीएसई स्कूलों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि इस नियम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्र का एक साल बर्बाद होने से बचेगा।
स्किल आधारित विषय लेने वाले छात्र दस फीसदी बढे़
जिले में 10वीं में पंजीयन कराने वाले छात्रों का आंकड़ा बढ़ा है। सत्र 2021 के लिए पांच हजार से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया। इनमें से करीब 30 फीसदी छात्रों ने स्किल आधारित विषयों को चुना, जबकि 2020 में ये संख्या 20 फीसदी थी।
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सीबीएसई से 10वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए यह बेहतर कदम है। छात्र गणित या विज्ञान में फेल हो जाते हैं, लेकिन स्किल आधारित विषय ले रखा है और उसमें पास हैं तो उन्हें पास माना जाएगा। -दिनेश शर्मा, सिटी कोआर्डिनेटर, सीबीएसई ।
जनपद में सीबीएसई स्कूलों की संख्या - 54
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दरअसल, सीबीएसई के नए नियमों के मुताबिक यदि 10वीं के छात्र गणित या विज्ञान में फेल हो जाते हैं ,लेकिन उन्होंने वैकल्पिक विषय के तौर पर स्किल आधारित विषयों जैसे-आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस, इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस आदि को ले रखा है और उसमें पास हैं। तब छात्र को पास ही माना जाएगा। बोर्ड की ओर से यह नियम उन छात्रों के लिए बनाया गया, जो पढ़ाई में कमजोर रह जाते हैं। सीबीएसई स्कूलों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि इस नियम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्र का एक साल बर्बाद होने से बचेगा।
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स्किल आधारित विषय लेने वाले छात्र दस फीसदी बढे़
जिले में 10वीं में पंजीयन कराने वाले छात्रों का आंकड़ा बढ़ा है। सत्र 2021 के लिए पांच हजार से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया। इनमें से करीब 30 फीसदी छात्रों ने स्किल आधारित विषयों को चुना, जबकि 2020 में ये संख्या 20 फीसदी थी।
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सीबीएसई से 10वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए यह बेहतर कदम है। छात्र गणित या विज्ञान में फेल हो जाते हैं, लेकिन स्किल आधारित विषय ले रखा है और उसमें पास हैं तो उन्हें पास माना जाएगा। -दिनेश शर्मा, सिटी कोआर्डिनेटर, सीबीएसई ।
जनपद में सीबीएसई स्कूलों की संख्या - 54