Nikay Chunav: नीबू वाला बाग में गंदगी से नहीं मिल सकी निजात, पेयजल की किल्लत, सड़क व नालियों की हालत खस्ता
नीबू वाला बाग की पहचान राष्ट्रवीर दुर्गादास की प्रतिमा से है। यह वार्ड नेशनल हाईवे से जुड़ा हुआ है। दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग भी इस वार्ड से होकर गुजरता है। इसके बाद भी वार्ड के विकास के लिए न तो नगर निगम अफसरों ने पहल की और न ही क्षेत्रीय पार्षद द्वारा इस ओर कोई ध्यान दिया गया।
विस्तार
फिरोजाबाद के नीबू वाला बाग मोहल्ला के लोग पिछले पांच साल से विकास की उम्मीद लिए बैठे हैं। वार्ड में विकास कार्य कराने के नाम पर कुछ खास नहीं हो सका। लगभग 12 हजार की आबादी वाले इस वार्ड में 5500 मतदाता हैं। इसके बाद भी वार्ड की अधिकांश सड़क और गलियां जर्जर हैं। पेयजल व्यवस्था भी सुचारू नहीं है। समस्याओं के निस्तारण के लिए क्षेत्रीय लोग पिछले पांच साल तक नगर निगम के चक्कर लगाते रहे। इसके बाद भी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका।
नीबू वाला बाग की पहचान राष्ट्रवीर दुर्गादास की प्रतिमा से है। यह वार्ड नेशनल हाईवे से जुड़ा हुआ है। दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग भी इस वार्ड से होकर गुजरता है। इसके बाद भी वार्ड के विकास के लिए न तो नगर निगम अफसरों ने पहल की और न ही क्षेत्रीय पार्षद द्वारा इस ओर कोई ध्यान दिया गया। रेलवे लाइन के सहारे नाले की पटरी की दशा खराब है। तो सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सफाई कर्मचारी प्रतिदिन नहीं आते। स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण वार्ड में अंधकार रहता है। वार्ड से होकर गुजरने वाले रास्ते प्रमुख बाजारों को भी जोड़ते है। इसके बाद भी अफसर समस्याओं के निस्तारण को लेकर नजर अंदाज किए हुए हैं। मेयर नूतन राठौर ने बताया कि नीबू वाला बाग में विकास कार्य करीब पौने दो करोड़ से अधिक की धनराशि से कराए गए हैं। जो भी मेरे पास प्रस्ताव आया, उसे जांच करने के बाद उसे पूरा कराया गया है।
वार्ड-30 में नीबू वाला बाग, एकता नगर, करतार नगर, यादव नगर और आंशिक नया रसूलपुर मोहल्ले जुड़े हैं।
ये हैं वार्ड की प्रमुख समस्याएं
- वार्ड की अधिकांश सड़क व गली अधूरी बनी, अथवा खराब हालत में
- रेलवे लाइन के सहारे नाला व पटरी की दशा खराब
- नियमित सफाई का अभाव
- स्ट्रीट लाइट नहीं लगीं, कई गली में स्ट्रीट लाइट खराब
- गलियों की पुलिया हैं जर्जर
वार्ड में चहुंमुखी विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। सड़क के साथ गलियों का निर्माण भी कराया गया। पेयजल समस्या के लिए भी प्रयास किए गए और सुधार हुआ। स्ट्रीट लाइटों को भी ठीक कराया गया। कुछ कार्य अधूरे रहे गए थे। उनको भी पूरा कराने के लिए कहा गया था। -सत्यपाल, क्षेत्रीय पार्षद
पार्षद ने पूरे पांच साल कोई काम नहीं कराया और नहीं क्षेत्र का ख्याल रखा। नाली इंटर लॉकिंग जैसे काम अधूरे पड़े हैं। इससे जनता को दिक्कत होती है। -श्याम सुंदर, पराजित प्रत्याशी
सफाई कर्मचारियों के नियमित न आने से वार्ड में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। इससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। कई बार शिकायत की गई। लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हो सका। -बबलू गुप्ता
गलियों के निर्माण के लिए पहल तो हुई। लेकिन पूरी गलियों का निर्माण न कराकर आधा अधूरा छोड़ दिया गया। इससे आने जाने वाले लोगों के साथ क्षेत्रीय लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। -गीता देवी
क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइटें भी काफी समय से खराब पड़ी हैं। जिनको ठीक कराने के लिए कई बार अफसरों के साथ पार्षद से कहा गया। लेकिन लाइटों को ठीक कराने के लिए कोई पहल नहीं हो सकी। -आशा देवी
गर्मियों के मौसम में अक्सर पानी की समस्या अक्सर खड़ी हो जाती है। जिसके निस्तारण के लिए अभी तक कोई पहल नहीं की गई। क्षेत्र में नलकूप भी लगा है। वह भी सही तरीके से कार्य नहीं कर पाता। -नरेश