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बिल्डिंग है कमजोर, बच्चों का क्या होगा?
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 04 Jun 2015 11:44 PM IST
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मुकेश मेश्राम को दूसरे दिन गुरुवार को कारीखेड़ा स्थित राजकीय हाई स्कूल भवन की गुणवत्ता खराब मिली। यहां दीवारों पर उनके हाथ लगाते ही सीमेंट झड़ने लगा। इस पर उन्होंने कहा कि इतनी कमजोर बिल्डिंग में बैठने वाले बच्चों का क्या हाल होगा? उन्होंने डीएम को भवन का निर्माण कराने वाले ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने रपड़ी से बटेश्वर मार्ग और सिरसागंज-किशनी मार्ग की गुणवत्ता को भी परखा। यहां उन्होंने पटरियों को ठीक कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विकास कार्यों की जांच के लिए प्रमुख सचिव स्तर के अफसरों को अलग-अलग जिलों का नोडल अधिकारी बनाया है। जिले की जिम्मेदारी परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मुकेश मेश्राम को सौंपी गई है। मेश्राम ने पहले दिन डीआईओएस कार्यालय, आश्रम पद्धति स्कूल का निरीक्षण किया। यहां हालात काफी खराब मिले थे। समीक्षा बैठक में हालात को बयां करने से भी वह नहीं चूके। दूसरे दिन गुरुवार सुबह वह सीधे रपड़ी से बटेश्वर मार्ग के चौड़ीकरण की गुणवत्ता को परखने पहुंचे। यहां गुणवत्ता ठीक मिली लेकिन पटरियों पर ही उगी खास एवं झाड़ियों को हटवाने के उन्होंने निर्देश दिए। इसके बाद उनका रुख सिरसागंज से किशनी की ओर जाने वाले मार्ग की ओर हो गया। इस मार्ग की हालत भी रपड़ी-बटेश्वर मार्ग जैसी थी। यहां उन्होंने बारिश से पूर्व पटरियों को ठीक कराने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रबंध निदेशक अरांव क्षेत्र में कारीखेड़ा में 52 लाख की लागत से बनाए गए राजकीय हाईस्कूल पहुंचे। यहां निरीक्षण के दौरान दीवारों का प्लास्टर उनके हाथ में आ गया। इससे वह नाराज हुए। इस पर उन्होंने डीएम विजय किरन आनंद को ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। स्पष्ट कहा इतनी कमजोर बिल्डिंग में बैठने वाले बच्चों का क्या हाल होगा? सीडीओ सुजीत कुमार, पीडी सर्वेशचंद्र यादव, डीडीओ आरके राम, बीडीओ धनकौर सिंह बाल, एसडीएम के साथ जिला स्तरीय अधिकारी भी साथ थे।
नहीं गए लोहिया गांव धरी रह गई तैयारियां
परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मुकेश मेश्राम को दूसरे दिन लोहिया गांव पृथ्वीपुर के विकास कार्यों की पड़ताल करने को जाना था। लेकिन पहले ही दिन रूपसपुर गांव में विकास कार्यों को परख लेने के कारण वह पृथ्वीपुर नहीं गए। इसके कारण गांव में की गई तैयारियां धरी की धरी रह गई।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विकास कार्यों की जांच के लिए प्रमुख सचिव स्तर के अफसरों को अलग-अलग जिलों का नोडल अधिकारी बनाया है। जिले की जिम्मेदारी परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मुकेश मेश्राम को सौंपी गई है। मेश्राम ने पहले दिन डीआईओएस कार्यालय, आश्रम पद्धति स्कूल का निरीक्षण किया। यहां हालात काफी खराब मिले थे। समीक्षा बैठक में हालात को बयां करने से भी वह नहीं चूके। दूसरे दिन गुरुवार सुबह वह सीधे रपड़ी से बटेश्वर मार्ग के चौड़ीकरण की गुणवत्ता को परखने पहुंचे। यहां गुणवत्ता ठीक मिली लेकिन पटरियों पर ही उगी खास एवं झाड़ियों को हटवाने के उन्होंने निर्देश दिए। इसके बाद उनका रुख सिरसागंज से किशनी की ओर जाने वाले मार्ग की ओर हो गया। इस मार्ग की हालत भी रपड़ी-बटेश्वर मार्ग जैसी थी। यहां उन्होंने बारिश से पूर्व पटरियों को ठीक कराने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रबंध निदेशक अरांव क्षेत्र में कारीखेड़ा में 52 लाख की लागत से बनाए गए राजकीय हाईस्कूल पहुंचे। यहां निरीक्षण के दौरान दीवारों का प्लास्टर उनके हाथ में आ गया। इससे वह नाराज हुए। इस पर उन्होंने डीएम विजय किरन आनंद को ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। स्पष्ट कहा इतनी कमजोर बिल्डिंग में बैठने वाले बच्चों का क्या हाल होगा? सीडीओ सुजीत कुमार, पीडी सर्वेशचंद्र यादव, डीडीओ आरके राम, बीडीओ धनकौर सिंह बाल, एसडीएम के साथ जिला स्तरीय अधिकारी भी साथ थे।
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नहीं गए लोहिया गांव धरी रह गई तैयारियां
परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मुकेश मेश्राम को दूसरे दिन लोहिया गांव पृथ्वीपुर के विकास कार्यों की पड़ताल करने को जाना था। लेकिन पहले ही दिन रूपसपुर गांव में विकास कार्यों को परख लेने के कारण वह पृथ्वीपुर नहीं गए। इसके कारण गांव में की गई तैयारियां धरी की धरी रह गई।
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