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Firozabad News: साथ के बाद भी पूरी नहीं हुई बसपा की जीत की आस

Sun, 07 Apr 2024 11:50 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Sun, 07 Apr 2024 11:50 PM IST
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BSP's hope of victory was not fulfilled even after alliance
फिरोजाबाद। बसपा के हाथी को जब-जब दूसरों को साथ मिला तो उसकी रफ्तार तेज हो गई। बसपा ने फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर आजादी से अभी तक आठ चुनाव लड़े। लेकिन 2009 के चुनाव को यदि छोड़ दें तो अधिकांश बार तीसरे स्थान पर ही रहकर संतोष करना पड़ा। बसपा का एक भी प्रत्याशी इस लोकसभा सीट से जीतकर दिल्ली दरबार तक नहीं पहुंच सका। बसपा इस बार भी पूरी दमखम के साथ चुनाव मैदान में है।
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आजादी के बाद देश की राजनीति भी करवटें बदलती रही। बहुजन समाज पार्टी की बात करें तो फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर बसपा ने 1989 का चुनाव पहली बार लड़ा था। पार्टी ने इस चुनाव में सुखराम वरुण का प्रत्याशी बनाया था। यह चुनाव तो जनता दल के रामजीलाल सुमन जीते थे। लेकिन पहले चुनाव में बसपा तीसरे स्थान पर जगह बनाने में कामयाब हुई थी। वरुण को 12576 (2.91प्रतिशत) मत मिले थे। 1991 के चुनाव में बसपा ने वीरेंद्र सोही पर दांव लगाया। सोही का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा। वोट प्रतिशत तो 2.91 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.38 प्रतिशत कर लिया था। लेकिन वीरेंद्र सोही पांचवें स्थान पर रहे थे।
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1996 के चुनाव में भाजपा के प्रभूदयाल कठेरिया जीते और सपा दूसरे स्थान पर रही वहीं बसपा के सुनील कुमार चित्तौड़ तीसरे स्थान पर रहे। 1998 के लोकसभा चुनाव बसपा के देवानंद गौतम भी तीसरे स्थान पर रह सके। 1999 के चुनाव में बसपा ने प्रत्याशी नहीं उतारा वहीं 2004 के लोकसभा चुनाव में बसपा से वीरेश कुमार ददुआ पर दाव लगाया था। ददुआ ने काफी दमदारी से चुनाव लड़ा लेकिन स्थान तीसरा बना सके। लोकसभा क्षेत्र के बदले परिसीमन के साथ 2009 के चुनाव में बसपा ने जब बघेल समाज के नेता प्रो एसपी सिंह बघेल को चुनाव मैदान में उतारा तो पार्टी का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा। इस चुनाव में प्रोफेसर बघेल ने भाजपा के तीसरे स्थान पर पहुंचाने खुद रनर बने थे। हालांकि 2009 के उपचुनाव में प्रो. बघेल को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था। क्योंकि यह चुनाव कांग्रेस के राजबब्बर ने लड़ा था।
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सपा की डिंपल यादव रनर रहीं थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रो. बघेल के भाजपा में जाने के बाद बसपा ने ठाकुर विश्वदीप सिंह पर दाव लगाया था। ठाकुर विश्वदीप सिंह को समाज का जितना वोट मिलने की उम्मीद थी वह नहीं मिला।इसी कारण वह 10.76 प्रतिशत वोट के साथ तीसरे स्थान पर थे।

चुनाव वर्ष -प्रत्याशी -मिले मत -प्रतिशत
1989 -सुखराम वरुण -12576 -2.91 प्रतिशत
1991 -वीरेंद्र सोही -23375 -5.38 प्रतिशत
1996 -सुनील कुमार चित्तौड़ -83571 -18.28 प्रतिशत
1998 -देवानंद गौतम -71603 -12.15 प्रतिशत
2004 -वीरेश कुमार ददुआ-69554 -13.08 प्रतिशत
2009 -प्रो. एसपी सिंह बघेल -219710 -32.08 प्रतिशत
2009 -प्रो. एसपी सिंह बघेल -213571 -27.13 प्रतिशत
2014- ठाकुर विश्वदीप सिंह 118909 -10.76प्रतिशत
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